आगरा रामबाग चौराहा बना ‘वसूली का अड्डा’, हाथरस रोड और फिरोजाबाद रोड पर डंडे के दम पर अवैध वसूली महिला बनी ढाल; पुलिस की चुप्पी पर उठे सवाल
Gargachary Times
20 December 2025, 19:45
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Agra
आगरा। ताजनगरी का सबसे व्यस्ततम रामबाग चौराहा इन दिनों अवैध वसूली का मुख्य केंद्र बन गया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के सख्त निर्देशों के बावजूद, यहाँ पुलिस की नाक के नीचे ऑटो और बस चालकों से सरेआम अवैध वसूली की जा रही है। ताज्जुब की बात यह है कि थाना एतमाददौला की डिवीजन चौकी चंद कदमों की दूरी पर है, फिर भी यह खेल बेखौफ जारी है। महिला को बनाया गया है ‘हथियार’ रामबाग से जलेसर रोड और फिरोजाबाद रोड पर चलने वाले वाहनों से वसूली के लिए एक गैंग सक्रिय है। इस गैंग ने हाथरस रोड पर एक महिला को आगे कर रखा है। आरोप है कि यदि कोई चालक रुपया देने से मना करता है, तो यह महिला गाली-गलौज और हाथापाई पर उतारू हो जाती है। इतना ही नहीं, विरोध करने वालों को महिला संबंधी गंभीर मुकदमों और झूठी FIR में फंसाने की धमकी दी जाती है। इस ‘हनीट्रैप’ और कानूनी दांवपेच के डर से गरीब चालक चुप्पी साधने को मजबूर हैं।वसूली का ‘रेट कार्ड’ तय पड़ताल में सामने आया है कि यहाँ अवैध वसूली का बकायदा रेट कार्ड तय है ऑटो चालक: ₹100 प्रतिदिन बस चालक (जलेसर मार्ग): ₹250 प्रति चक्कर नगर निगम द्वारा ऐसा कोई ठेका आवंटित न होने के बावजूद, रोजाना हजारों रुपये डंके की चोट पर वसूले जा रहे हैं।रिंकू पंडित, पप्पू खान और मोहन सिंह के नाम आए सामने
स्थानीय लोगों और चालकों का आरोप है कि इस पूरे नेटवर्क को रिंकू पंडित, पप्पू खान और मोहन सिंह परिहार जैसे लोग संचालित कर रहे हैं। इनके साथ गुर्गों की एक फौज सक्रिय रहती है। हद तो तब हो गई जब कवरेज करने गए पत्रकारों को भी इस महिला द्वारा झूठे मुकदमे में फंसाने की धमकी दी गई। आगरा पुलिस कमिश्नरेट और नगर निगम सवालों के घेरे में आगरा में पुलिस कमिश्नरेट प्रणाली लागू होने के बाद उम्मीद थी कि अपराध और माफिया तंत्र पर लगाम लगेगी। लेकिन रामबाग की स्थिति इसके उलट है।क्या डिवीजन चौकी पुलिस और नगर निगम इस नेटवर्क को मूक संरक्षण दे रहे हैं? बिना विभागीय मिलीभगत के इतना बड़ा अवैध बस स्टैंड और वसूली कैसे संभव है? पत्रकारों को धमकाने वाली इस युवती और उसके संरक्षकों पर गाज कब गिरेगी?