रामबाग में प्रशासन की नाक के नीचे बेखौफ अवैध वसूली का काला खेल, डग्गेमार बसों और लाल ऑटो ने शहर की रफ्तार को लगाया ब्रेक
Gargachary Times
27 December 2025, 21:35
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Agra
आगरा: ताजनगरी में उत्तर प्रदेश सरकार के जीरो टॉलरेंस और सुशासन के दावों को स्थानीय अधिकारी और दबंग मिलकर पलीता लगा रहे हैं। आगरा-जलेसर मार्ग पर रामबाग चौराहे के पास पार्किंग की आड़ में बेख़ौफ़ अवैध बस स्टैंड का संचालन धड़ल्ले से जारी है। हैरत की बात यह है कि लगातार समाचार पत्रों में खबरें प्रकाशित होने के बाद भी जिम्मेदार मौन साधे हुए हैं, जिससे प्रशासन और नगर निगम अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। बिना फिटनेस दौड़ रही बसें, खतरे में हजारों जान रामबाग से जलेसर मार्ग पर चलने वाली अधिकांश बसें बिना फिटनेस और मानकों के विपरीत दौड़ रही हैं। ये 'खटारा' बसें न केवल पर्यावरण को प्रदूषित कर रही हैं, बल्कि यात्रियों की जान के साथ भी खिलवाड़ कर रही हैं। इन डग्गेमार बसों के कारण रामबाग चौराहे पर दिनभर जाम की स्थिति बनी रहती है, जिससे आम जनता और पर्यटकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है।पार्किंग की आड़ में अवैध वसूली का साम्राज्य रामबाग स्मारक के ठीक सामने नगर निगम की पार्किंग की आड़ में अवैध वसूली का खेल खेला जा रहा है, ठेकेदार राहुल, पार्टनर मोहन सिंह और उनके गुर्गे पप्पू खान के खौफ के आगे स्थानीय प्रशासन नतमस्तक नजर आ रहा है। शिकायत के बावजूद इन दबंगों पर कार्रवाई न होना किसी बड़े संरक्षण की ओर इशारा करता है।अधिकारियों के दावों की खुली पोल में इस मामले में जब सहायक नगर आयुक्त अशोक प्रिय गौतम से शिकायत की गई थी, तो उन्होंने कार्रवाई का आश्वासन दिया था, लेकिन हकीकत में जमीन पर कोई बदलाव नहीं दिखा। वहीं, रामबाग टीआई का कहना है कि 'डीएम साहब के मौखिक आदेश पर स्मारक के सामने बस स्टैंड संचालित है', जबकि नियमतः उत्तर प्रदेश में कहीं भी प्राइवेट बसों के लिए इस तरह के स्टैंड की अनुमति नहीं है नियमों की धज्जियां: जब पूरे प्रदेश में अवैध बस स्टैंड हटाए जा रहे हैं, तो स्मार्ट सिटी कहे जाने वाले आगरा के प्रमुख चौराहे रामबाग में यह बेखौफ कैसे चल रहा है?नगर निगम की मिलीभगत: क्या नगर निगम के अधिकारियों की शह पर ही पार्किंग के नाम पर अवैध बस स्टैंड की वसूली हो रही है। सरकार की मंशा को चुनौती: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के सख्त निर्देशों के बावजूद आगरा के अधिकारी डग्गेमारों और वसूली करने वालों पर मेहरबान क्यों हैं ?
स्थानीय जनता और बुद्धिजीवियों का कहना है कि यदि जल्द ही इस अवैध स्टैंड और डग्गेमार बसों पर अंकुश नहीं लगाया गया, तो रामबाग की स्थिति और भी नारकीय हो जाएगी। अब देखना यह है कि जिला प्रशासन इन 'सफेदपोश' दबंगों पर कब हंटर चलाता है।