वकीलों हेतु निःशुल्क नेत्र चिकित्सा शिविर का हुआ भव्य आयोजन
Gargachary Times
4 January 2026, 19:13
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Mathura
अधिवक्ताओं के नेत्र स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए कल्याणं करोति नेत्र संस्थान एवं बार एसोसिएशन, मथुरा के संयुक्त तत्वावधान में वकीलों हेतु निःशुल्क नेत्र चिकित्सा शिविर का आयोजन बोहरे कन्हैया लाल हॉल, सिविल लाइन, मथुरा में प्रातः 9ः00 बजे से किया गया। शिविर में मथुरा जनपद के बड़ी संख्या में अधिवक्ताओं ने सहभागिता कर निःशुल्क नेत्र जाँच एवं परामर्श का लाभ उठाया।
कार्यक्रम का शुभारंभ भगवान गणेश जी के समक्ष दीप प्रज्वलन के साथ हुआ। दीप प्रज्वलन जनपद न्यायाधीश विकास कुमार, प्रदीप शर्मा (अध्यक्ष, बार एसोसिएशन मथुरा), शिव कुमार (सचिव, बार एसोसिएशन मथुरा), नन्द किशोर उपमन्यु (एडवोकेट), राम किशोर पाण्डेय (ए.डी.जे. प्रथम) एवं आशीष जैन (प्रधान न्यायाधीश, परिवार न्यायालय) द्वारा संयुक्त रूप से किया गया।
शिविर में कल्याणं करोति नेत्र संस्थान के अनुभवी नेत्र चिकित्सकों एवं प्रशिक्षित पैरामेडिकल स्टाफ द्वारा अधिवक्ताओं की आँखों की विस्तृत जाँच की गई। इसमें दृष्टि परीक्षण, नेत्र दबाव की जाँच, मोतियाबिंद की प्रारंभिक पहचान सहित अन्य सामान्य नेत्र रोगों की जाँच की गई। आवश्यकता अनुसार रोगियों को आगे के उपचार हेतु परामर्श भी प्रदान किया गया। साथ ही अधिवक्ताओं को नेत्र स्वास्थ्य से संबंधित आवश्यक सावधानियों एवं नियमित जाँच के महत्व के बारे में जानकारी दी गई।
इस अवसर पर बार एसोसिएशन, मथुरा के जनपद न्यायाधीष विकास कुमार ने कहा कि अधिवक्ताओं की कार्यशैली अत्यंत परिश्रमपूर्ण होती है, जिसमें लंबे समय तक फाइलों, दस्तावेजों एवं डिजिटल स्क्रीन पर कार्य करना पड़ता है। ऐसे में नेत्र स्वास्थ्य की नियमित जाँच अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने इस उपयोगी शिविर के आयोजन हेतु कल्याणं करोति नेत्र संस्थान का आभार व्यक्त किया।
नन्द किशोर उपमन्यु(एडवोकेट) ने बताया कि संस्था विगत कई वर्षों से समाज के विभिन्न वर्गों के लिए निःशुल्क एवं रियायती दरों पर नेत्र चिकित्सा सेवाएँ प्रदान कर रही है। संस्था का उद्देश्य समय रहते नेत्र रोगों की पहचान कर अंधत्व की रोकथाम करना तथा समाज को बेहतर दृष्टि प्रदान करना है। भविष्य में भी ऐसे जनकल्याणकारी कार्यक्रम निरंतर आयोजित किए जाते रहेंगे।
शिविर में भाग लेने वाले अधिवक्ताओं ने इस पहल की सराहना करते हुए इसे अत्यंत लाभकारी बताया। उनका कहना था कि व्यस्त न्यायिक कार्यों के बीच इस प्रकार की निःशुल्क स्वास्थ्य सुविधाएँ अत्यंत उपयोगी सिद्ध होती हैं।
शिविर के दौरान अधिवक्ताओं की नेत्र जाँच के लिए विशेष व्यवस्था की गई थी। कुल 185 अधिवक्ताओं की ओपीडी पंजीकरण के माध्यम से नेत्र जाँच की गई। जाँच के उपरांत 30 अधिवक्ताओं को चश्मे प्रदान किये गई, जबकि 8 मामलों में मोतियाबिंद की पहचान की गई। इसके अतिरिक्त 4 अधिवक्ताओं में आँख की पलक से संबंधित समस्या पाई गई, जिनको आगे के समुचित उपचार हेतु परामर्श दिया गया। सभी चिन्हित रोगियों को आवश्यक दिशा-निर्देश देते हुए कल्याणं करोति नेत्र संस्थान में आगे की जाँच एवं उपचार के लिए संदर्भित किया गया।
अंत में आयोजकों ने सभी अतिथियों, चिकित्सकों, सहयोगियों एवं प्रतिभागियों का आभार व्यक्त करते हुए कार्यक्रम का सफल समापन किया।