श्रीजानकीवल्लभ मंदिर का वार्षिक महोत्सव धूमधाम से प्रारंभ
Gargachary Times
23 January 2026, 18:35
83 views
Dharam
वृंदावन। धर्मनगरी के प्रतिष्ठित केशीघाट स्थित श्रीजानकीवल्लभ मंदिर में इस वर्ष भगवत् प्रतिष्ठा का वार्षिक महोत्सव बड़े ही हर्षोल्लास के साथ आयोजित किया जा रहा है। यह त्रिविध उत्सव श्रीजानकीवल्लभलालजी के 51वें पाटोत्सव के साथ-साथ श्रीलक्ष्मीवेङ्कटेश्वरजी, श्रीहनुमानजी एवं ब्रह्मर्षि देवरहा बाबाजी की मूर्ति प्रतिष्ठा के उपलक्ष्य में मनाया जा रहा है।
वैकुंठवासी अनंतश्री विभूषित जगद्गुरु रामानुजाचार्य स्वामी भगवानदासाचार्य जी महाराज की कृपा एवं स्वामी अनिरुद्धाचार्य जी महाराज के पावन सान्निध्य में यह त्रिदिवसीय समारोह किया जा रहा है।
कार्यक्रम के प्रथम दिन प्रातः काल श्रीलक्ष्मीवेङ्कटेशजी का दिव्य तिरुमंजन (अभिषेक) किया गया। सायं काल में धर्मग्रंथों का सामूहिक पाठ एवं संकीर्तन का आयोजन किया गया।
कार्यक्रम के द्वितीय दिवस शुक्रवार को श्रीजानकीवल्लभजी का भव्य तिरुमंजन किया गया। सायंकाल 'रामजी का वात्सल्य गुण' विषय पर विद्वत् गोष्ठी आयोजित की गई। जिसमें वृंदावन के सुप्रसिद्ध विद्वानो ने अपने विचार रखेंगे। इसके पश्चात भगवान राम लक्ष्मण जानकी को पालकी पर विराजमान कर शोभा यात्रा निकाली गई।
संगोष्ठी की अध्यक्षता करते हुए स्वामी अनिरुद्धाचार्य महाराज ने कहा कि प्रायः भगवान राम को 'मर्यादा पुरुषोत्तम' और उनके शौर्य के लिए जाना जाता है, लेकिन उनका 'वात्सल्य गुण' (संतानों और शरणागत के प्रति प्रेम) अद्वितीय है। विद्वानों ने तर्क दिया कि माता कौशल्या के प्रति उनका प्रेम, लक्ष्मण-भरत के प्रति भ्रातृ-वात्सल्य और अपनी प्रजा के प्रति पिता तुल्य स्नेह ही उन्हें वास्तव में 'लोकनायक' बनाता है।
नेत्रपाल शास्त्री एवं स्वामी अनंताचार्य ने कहा कि राम का वात्सल्य केवल अपनों तक सीमित नहीं था, बल्कि उन्होंने केवट, शबरी और जटायु को भी वही वात्सल्य दिया जो एक पुत्र या पिता का होता है।
स्वामी देवनायकाचार्य एवं नरेश नारायणाचार्य ने कहा कि आज के खंडित होते परिवारों में राम के वात्सल्य गुण को अपनाने की नितांत आवश्यकता है। इसी क्रम में अनेक विद्वानों ने अपने-अपने विचार रखें।
संगोष्ठी में गोविंद दास महाराज, माधव नारायण आचार्य, रामनारायण, रघुनाथ आचार्य, मुकेश शास्त्री, मुकुंद, पियूष, अंकित, सुधीर गौतम, मोनी बाबा, महेश अग्रवाल, राम अवतार नरसिंगिया आदि उपस्थित रहे।