यूजीसी कानून के खिलाफ सर्वण समाज का विरोध
Gargachary Times
28 January 2026, 18:55
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Dholpur
धौलपुर। यूजीसी द्वारा लागू किए गए नए कानून के विरोध में सर्वण समाज की एक महत्वपूर्ण, निर्णायक एवं पूर्णतः आंदोलनात्मक बैठक राधा बिहारी मंदिर परिसर में आयोजित की गई। बैठक में समाज के वरिष्ठ नागरिकों, शिक्षाविदों, युवाओं एवं विभिन्न सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों सहित सैकड़ों लोग मौजूद रहे।
बैठक की शुरुआत यूजीसी कानून के विरोध में तीखी नारेबाजी से हुई। पूरे परिसर में
“यूजीसी कानून वापस लो”,
“शिक्षा पर हमला नहीं चलेगा”,
“योग्यता से खिलवाड़ बंद करो”,
“संविधान विरोधी कानून नहीं चलेगा”,
और
“तिलक–तराजू–तलवार, पलट कर रख देंगे सरकार”
जैसे नारों की गूंज सुनाई दी।
बैठक में सर्वसम्मति से यूजीसी कानून की कड़ी निंदा करते हुए निंदा प्रस्ताव पारित किया गया। वक्ताओं ने कहा कि यह कानून शिक्षा विरोधी, छात्र विरोधी और संविधान की मूल भावना के खिलाफ है। यह कानून योग्य विद्यार्थियों एवं शिक्षकों के अधिकारों का हनन करता है और उच्च शिक्षा व्यवस्था को कमजोर करने की साजिश है।
एक वक्ता ने कहा—
“जब शिक्षा पर चोट होती है, तब पूरा समाज घायल होता है। यूजीसी कानून उसी चोट का नाम है।”
वक्ताओं ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि बिना समाज से संवाद किए थोपा गया यह कानून किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जाएगा।
एक अन्य वक्ता ने कहा—
“यह लड़ाई किसी जाति की नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के भविष्य की है।”
बैठक में आंदोलन की चरणबद्ध और व्यापक रणनीति पर विस्तार से चर्चा की गई। निर्णय लिया गया कि यदि सरकार ने शीघ्र ही यूजीसी कानून को वापस नहीं लिया, तो सर्वण समाज जिला, संभाग एवं राज्य स्तर पर बड़ा जनआंदोलन शुरू करेगा। आंदोलन के तहत धरना-प्रदर्शन, रैलियां, ज्ञापन, जनजागरूकता अभियान तथा आवश्यकता पड़ने पर उग्र लेकिन शांतिपूर्ण विरोध किया जाएगा।
बैठक के दौरान यह नारे भी बार-बार गूंजे—
“शिक्षा बचेगी तभी देश बचेगा”,
“हक छीनने वालों से हक लेकर रहेंगे”,
“यूजीसी कानून नहीं मंज़ूर”,
“तिलक–तराजू–तलवार, पलट कर रख देंगे सरकार”।
अंत में सर्वण समाज ने दो टूक चेतावनी दी कि यदि सरकार ने समय रहते इस कानून पर पुनर्विचार नहीं किया, तो आंदोलन को और अधिक तेज किया जाएगा, जिसकी सम्पूर्ण जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी।
इस संबंध में सर्वण समाज की अगली बैठक 31 जनवरी को आयोजित करने का निर्णय लिया गया।
बैठक में प्रमुख रूप से
सोनू शुक्ला, नीतेश मुदगल, विनोद शर्मा, करन सिंह सिकरवार (करणी सेना), रानू परमार, मोनू खलीफा, विपिन दुबे, राजू शर्मा, गिरीश शर्मा, विशाल जगरिया, मोनू शर्मा, संदीप सिसोदिया, सुनील सिसोदिया, अरुण मुदगल, सत्यम गौतम, अजय सिंह तोमर, सुरेश सिंह, मानू परमार, चंद्र प्रकाश, संतोष खलीफा, राम शर्मा, सतीश दीक्षित, दिनेश परमार, राजेश शर्मा (सरपंच), पुष्पेन्द्र सिसोदिया, हेमंत शर्मा (पपरीपुरा), अनुराग कटारा, प्रेम सिंह टोंटरी, धर्मेंद्र सिंह सिकरवार, प्रेम सिंह तोमर सहित सैकड़ों लोग उपस्थित रहे।