हरित मोबिलिटी से बदलेगा ब्रज का चेहरा, सुदृढ़ होगा यातायात एवं बेहतर होगी वायु की गुणवत्ता- जिलाधिकारी
Gargachary Times
6 February 2026, 20:59
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Mathura
6 फरवरी को जिलाधिकारी चंद्र प्रकाश सिंह एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्लोक कुमार की संयुक्त अध्यक्षता में मथुरा-वृन्दावन को कम उत्सर्जन क्षेत्र (एल0ई0जेड0) बनाने के संबंध में नीति विकास पर हितधारक कार्यशाला का आयोजन हुआ संपन्न। जिलाधिकारी चंद्र प्रकाश सिंह ने कहा कि हरित मोबिलिटी से बदलेगा ब्रज का चेहरा, सुदृढ़ होगा यातायात एवं बेहतर होगी वायु की गुणवत्ता।
मथुरा-वृन्दावन को कम उत्सर्जन क्षेत्र (एल0ई0जेड0) बनाने के संबंध में नीति विकास पर हितधारक कार्यशाला में वायु गुणवत्ता में सुधार एवं सुदृढ़ यातायात व्यवस्था हेतु विभिन्न बिन्दुओं पर चर्चा हुई। मथुरा-वृन्दावन को एक महत्वपूर्ण धरोहर एवं तीर्थ शहर के रूप में किया जाएगा विकसित। जिलाधिकारी ने कहा कि इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देने के लिए अधिकाधिक सार्वजनिक चार्जिंग स्टेशन बनाने की आवश्यकता/जरूरत है, जिससे बाहर से आने वाले पर्यटक, श्रद्धालु एवं दर्शनार्थी अपनी सुविधानुसार/ बिना झिझक के इलेक्ट्रिक वाहनों से मथुरा आए। जगह जगह पर सार्वजनिक चार्जिंग स्टेशन स्थापित होने से लोग इलेक्ट्रिक वाहनों का ज़्यादा उपयोग करेंगे।
संवेदनशील क्षेत्रों में वाहन प्रदूषण को कम करने के लिए एक संरचित दृष्टिकोण की आवश्यकता है। बढ़ते वायु प्रदूषण से लड़ने के लिए स्वच्छ गतिशीलता समाधानों के माध्यम से कम उत्सर्जन क्षेत्र को अपनाने की दिशा में एक स्थायी दृष्टिकोण महत्वपूर्ण है। मथुरा–वृंदावन आने वाले लाखों श्रद्धालुओं को सुदृढ़ यातायात व्यवस्था तथा बेहतर वायु प्रदान करने हेतु प्रशासन कटिबद्ध है।
ग्रीन मोबिलिटी ज़ोन (जीएमजेड) की शुरुआत को लेकर जिलाधिकारी चंद्र प्रकाश सिंह ने कहा कि यह योजना केवल यातायात सुधार की नहीं, बल्कि ब्रज की आध्यात्मिक शांति और पर्यावरणीय पवित्रता को लौटाने की दिशा में बड़ा कदम है।
कलेक्ट्रेट सभागार में नगर निगम मथुरा वृन्दावन के अंतर्गत राहगीरी फाउंडेशन द्वारा आयोजित उच्चस्तरीय कार्यशाला में वायु प्रदूषण को कम करने हेतु विभिन्न पहलुओं पर चर्चा हुई। जिलाधिकारी ने कहा कि “श्रद्धालु यहां सुकून और भक्ति की भावना लेकर आते हैं, लेकिन भीड़ और प्रदूषण उनके अनुभव को प्रभावित करता है। जीएमजेड से यह स्थिति बदलेगी।”
कार्यशाला में जिला प्रशासन, नगर निगम, पुलिस विभाग और शहरी परिवहन विशेषज्ञों ने मथुरा–वृंदावन को स्वच्छ, सुविधाजनक और जाम-मुक्त बनाने की कार्ययोजना पर चर्चा की गई। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्लोक कुमार ने कहा कि ट्रैफिक प्रबंधन और सख्त निगरानी से श्रद्धालुओं की सुरक्षा सुनिश्चित की जाएगी। इस दौरान नगर आयुक्त जग प्रवेश ने बताया कि वर्ष 2030 तक 50 प्रतिशत इलेक्ट्रिक वाहन उपयोग का लक्ष्य रखा गया है। इसके लिए चार्जिंग स्टेशन, ई-बसें और बेहतर सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था विकसित की जाएगी।
इस मौके पर सेंटर फॉर साइंस एंड एनवायरनमेंट और आईसीसीटी के विशेषज्ञों ने बताया कि बड़े शहरों में 50 प्रतिशत से अधिक प्रदूषण का कारण वाहन हैं। इसी को देखते हुए मथुरा–वृंदावन में लो- एमिशन ज़ोन लागू करने की तैयारी है, जिससे प्रदूषण फैलाने वाले वाहनों का प्रवेश सीमित होगा। उन्होंने बताया कि वर्तमान में मंदिरों और घाटों के आसपास अव्यवस्थित पार्किंग और निजी वाहनों की अधिक संख्या के कारण श्रद्धालुओं को काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है।
योजना के तहत शहर के बाहर विकसित पार्किंग स्थलों से मंदिरों और होटलों तक ई-रिक्शा और धार्मिक बस सेवा चलाई जाएगी, ताकि बुजुर्गों, महिलाओं और बच्चों के साथ आने वाले श्रद्धालुओं को सहूलियत मिल सके। ग्रीन मोबिलिटी ज़ोन के तहत फुटपाथों को अतिक्रमण मुक्त कर छायादार और सुरक्षित बनाया जाएगा।