ओवरलोडिंग ई-रिक्शा दे रहे मौत को खुली चुनौती, प्रशासन बना मूक दर्शक
Gargachary Times
9 February 2026, 18:47
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Mathura
श्रीधाम वृंदावन में ई-रिक्शा व्यवस्था अब सुविधा नहीं, बल्कि खतरे का पर्याय बनती जा रही है। शहर की सड़कों पर दौड़ते ई-रिक्शा नियमों को ताक पर रखकर मौत को खुली चुनौती दे रहे हैं, लेकिन जिम्मेदार अधिकारी आंखें मूंदे बैठे हैं।
स्थिति यह है कि ई-रिक्शा चालकों द्वारा खुलेआम ओवरलोडिंग की जा रही है। एक-एक ई-रिक्शा में जहां अधिकतम 4 से 5 सवारी बैठाने का प्रावधान है, वहीं हकीकत में 8 से 10 सवारियों को ठूंस-ठूंस कर बैठाया जा रहा है। हालत इतनी भयावह है कि कई यात्रियों को रिक्शा के बाहर लटककर सफर करने को मजबूर होना पड़ता है।
इस लापरवाही का खामियाजा सिर्फ स्थानीय नागरिक ही नहीं, बल्कि दूर-दराज से आने वाले श्रद्धालु, पर्यटक और अधिकारी वर्ग भी भुगत रहा है। संकरी गलियों और भीड़भाड़ वाले मार्गों पर ऐसे ओवरलोडेड ई-रिक्शा किसी बड़े हादसे को न्योता दे रहे हैं।
सबसे बड़ा सवाल यह है कि प्रशासन आखिर कब जागेगा?
न तो यातायात पुलिस की सख्ती दिखाई देती है और न ही नगर प्रशासन की ओर से कोई ठोस कार्रवाई। क्या किसी बड़ी दुर्घटना के बाद ही जिम्मेदारों की नींद टूटेगी?
श्रद्धा की नगरी वृंदावन में अगर यही हाल रहा, तो यह तय है कि लापरवाही किसी दिन अनेक परिवारों के लिए मातम बनकर सामने आएगी। अब देखना यह है कि प्रशासन नियमों को सख्ती से लागू करता है या फिर यूं ही मौत के सौदागर सड़कों पर बेलगाम दौड़ते रहेंगे।