संस्कृति विवि के विद्यार्थियों ने मैदान पर बिखेरे संस्कृतियों के रंग
Gargachary Times
15 February 2026, 16:35
52 views
Eduction
मथुरा। सांस्कृति विश्वविद्यालय का फुटबॉल ग्राउंड रंगों, परंपराओं और रचनात्मकता से सराबोर हो उठा, जब “कॉस्ट्यूम पार्टी – यूनिटी इन डाइवर्सिटी (विभिन्न संस्कृतियों की वेशभूषा)” थीम पर भव्य सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम विश्वविद्यालय में सांस्कृतिक समन्वय और रचनात्मक प्रतिभा का जीवंत उदाहरण बनकर सामने आया। कार्यक्रम का आयोजन संयुक्त रूप से संस्कृति डिपार्टमेंट ऑफ हॉस्पिटैलिटी एंड टूरिज्म, संस्कृति स्कूल ऑफ मैनेजमेंट एंड कॉमर्स , संस्कृति स्टूडेंट्स क्लब ‘जायका’ तथा स्कूल ऑफ फैशन डिजाइन द्वारा किया गया। कार्यक्रम में छात्रों, शिक्षकों और विश्वविद्यालय प्रशासन की उत्साहपूर्ण भागीदारी ने पूरे परिसर को उत्सव के रंग में रंग दिया।
दोपहर 1 बजे कार्यक्रम का विधिवत उद्घाटन विश्वविद्यालय के वरिष्ठ अधिकारियों की गरिमामयी उपस्थिति में हुआ। उद्घाटन अवसर पर उपस्थित जनसमूह को संबोधित करते हुए सीईओ डॉ. मीनाक्षी शर्मा ने कहा कि भारत की विविधता ही उसकी सबसे बड़ी पहचान और शक्ति है। उन्होंने कहा कि जब छात्र विभिन्न संस्कृतियों को अपनाकर मंच पर प्रस्तुत करते हैं, तो वे केवल प्रदर्शन नहीं करते, बल्कि पारस्परिक सम्मान और सामाजिक समरसता का संदेश भी देते हैं। उन्होंने ऐसे आयोजनों को समग्र शिक्षा का महत्वपूर्ण हिस्सा बताते हुए कहा कि ये कार्यक्रम छात्रों में आत्मविश्वास, रचनात्मकता और सामाजिक संवेदनशीलता विकसित करते हैं। प्रो वाइस चांसलर डॉ. रघु राम भट्ट ने छात्रों के उत्साह की सराहना करते हुए कहा कि शिक्षा का उद्देश्य केवल अकादमिक ज्ञान तक सीमित नहीं होना चाहिए, बल्कि व्यक्तित्व निर्माण, सांस्कृतिक समझ और नेतृत्व क्षमता का विकास भी उतना ही आवश्यक है।
कार्यक्रम की शैक्षणिक और प्रबंधन दृष्टि से महत्ता पर प्रकाश डालते हुए स्कूल ऑफ मैनेजमेंट एंड कॉमर्स डीन डॉ. गंगाधर हुगर ने कहा कि इस प्रकार के आयोजन छात्रों को प्रबंधन, समन्वय और नेतृत्व के व्यावहारिक अनुभव प्रदान करते हैं, जो कक्षा में पढ़ाए जाने वाले सिद्धांतों को वास्तविक जीवन से जोड़ते हैं। आयोजन के मार्गदर्शक प्रो. रतिश कुमार ने बताया कि इस कार्यक्रम का उद्देश्य केवल सांस्कृतिक उत्सव मनाना नहीं, बल्कि छात्रों को इवेंट मैनेजमेंट, आतिथ्य सेवा, मंच संचालन और टीमवर्क का प्रत्यक्ष अनुभव देना भी है, जिससे उनका समग्र व्यक्तित्व विकास हो सके।
विश्वविद्यालय का फुटबॉल ग्राउंड में रंग-बिरंगी पारंपरिक वेशभूषाओं में सजे छात्र जब मंच पर आए तो यह मैदान विभिन्न राज्यों और संस्कृतियों की झलक से सजीव हो उठा। मानो पूरा भारत एक ही मंच पर साकार हो गया। शास्त्रीय नृत्य की गरिमा, लोकनृत्य की ऊर्जा, आधुनिक संगीत की लय और पारंपरिक काव्य की अभिव्यक्ति — हर प्रस्तुति ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। पारंपरिक परिधानों में रैंप वॉक ने कार्यक्रम की शोभा को और बढ़ाया। छात्रों ने विभिन्न राज्यों की वेशभूषा के माध्यम से देश की सांस्कृतिक विविधता को आकर्षक रूप में प्रस्तुत किया। इसके साथ ही मनोरंजक खेलों और सहभागिता गतिविधियों ने माहौल को और अधिक जीवंत बना दिया।
इस मौके पर स्कूल ऑफ फैशन डिजाइन द्वारा आयोजित भव्य प्रदर्शनी विशेष आकर्षण का केंद्र रही। इस प्रदर्शनी में छात्रों द्वारा तैयार किए गए हस्तनिर्मित और रचनात्मक उत्पादों का प्रदर्शन किया गया, जिनमें पिलो कवर, हाथ से बने रूमाल, डिजाइनर ड्रेसेस, स्टाइलिश बैग, आर्टिफिशियल ज्वेलरी, वॉल हैंगिंग, मेकअप किट और अन्य कलात्मक वस्तुएं शामिल थीं। इस अवसर पर स्कूल ऑफ फैशन डिजाइन की प्रमुख डॉ. शिल्पा डेनिस, जिन्होंने प्रदर्शनी और संपूर्ण आयोजन के सफल क्रियान्वयन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। खानपान की संपूर्ण व्यवस्था असिस्टेंट प्रोफेसर कपिल शर्मा, विजय शर्मा, मोहित रस्तोगी और गगन शर्मा के निर्देशन में की गई, जिन्होंने पूरे आयोजन के दौरान भोजन और अतिथि सत्कार की व्यवस्थाओं को सुव्यवस्थित ढंग से संभाला। छात्रों में प्रिंस, कृति, प्रद्युमन दुबे, लक्ष्मी नारायण और सूरज तीर्थ ने आयोजन की व्यवस्थाओं और समन्वय में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उनकी सक्रियता और समर्पण ने कार्यक्रम को सफल बनाने में विशेष योगदान दिया। कार्यक्रम के समापन अवसर पर संस्कृति विवि के प्रो वाइस चांसलर डॉ. रघु राम भट्ट ने उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले प्रतिभागियों को पुरस्कार और उपहार प्रदान किए। उन्होंने छात्रों के उत्साह और अनुशासन की सराहना करते हुए कहा कि इस प्रकार के आयोजन शिक्षा को जीवंत और अनुभवात्मक बनाते हैं। डीन स्टूडेंट वेलफेयर डॉ. डी. एस. तोमर ने आयोजकों की सराहना करते हुए कहा कि इस प्रकार के कार्यक्रम छात्रों में सांस्कृतिक जागरूकता, आत्मविश्वास और सामाजिक सहभागिता को बढ़ाते हैं तथा उन्हें व्यक्तित्व विकास के नए अवसर प्रदान करते हैं। असिस्टेंट प्रोफेसर शुभांगी सक्सेना ने सभी अतिथियों, प्रतिभागियों, शिक्षकों और सहयोगियों का धन्यवाद ज्ञापित करते हुए कार्यक्रम के सफल आयोजन में सभी के योगदान की सराहना की। लगभग 300 छात्रों और 40 शिक्षकों की सक्रिय भागीदारी तथा हजारों दर्शकों की उपस्थिति ने इस आयोजन को एक भव्य और यादगार उत्सव बना दिया।