Loading...

जमाखोरी से तंबाकू उत्पाद ओर अन्य खाद्य पदार्थ की कीमतें हुई महंगी

Gargachary Times 17 February 2026, 19:53 36 views
Mathura
जमाखोरी से तंबाकू उत्पाद ओर अन्य खाद्य पदार्थ की कीमतें हुई महंगी
गोवर्धन -जब से सरकार ने जीएसटी की दरों में कटौती की है तब से सभी सामान व खाद्य उत्पाद एक और जहां सस्ते हुए हैं और लोगों को उम्मीद थी कि घरेलू बजट में सुधार आएगा लेकिन जमाखोरों और भ्रष्टाचार्यों ने जीएसटी में कटौती के बावजूद जमाखोरी घूसखोरी और भ्रष्टाचार का ऐसा मकर जाल फैलाया है कि जनता और बुरी तरह से पिसती हुई नजर आ रही है पूरे मथुरा जिले में इस समय खाद्य पदार्थ और तंबाकू उत्पादों के साथ-साथ अन्य उत्पादों पर महंगाई चरम सीमा पर है प्रिंट रेट से अधिक रुपए ग्राहकों से वसूल किया जा रहे हैं सबसे बड़ा उदाहरण इस समय तंबाकू उत्पाद का है जिनमें गोल्ड फ्लैक सिगरेट जो की 95 के प्रिंट पर बिकती है फुटकर में जिसकी कीमत ₹10 है आज भ्रष्टाचारियों के द्वारा जमाखोरी करने के कारण फुटकर विक्रेता उसी के ₹15 वसूल कर रहे हैं यानी डेढ़ गुना कीमत पर सामान बिक रहा है और जिम्मेदार अधिकारी और विभाग आंखें बंद करके तमाशा देख रहे हैं इन जमाखोरों के खिलाफ कोई कार्यवाही नहीं की जा रही है पूरे जिले में जगह-जगह लोग इसका विरोध कर रहे हैं लेकिन बावजूद इसके शासन प्रशासन आंखें बंद कर सारा तमाशा देख रहा है। ग्राहक जब दुकानदार से शिकायत करता है तो दुकानदार थोक विक्रेता के ऊपर जिम्मेदारी डाल देता है कहता है कि जब वहीं से महंगी मिल रही है तो हम क्या करें । स्थानीय दुकानदार डालचंद अग्रवाल ने बताया कि एफएमसी उत्पादों पर सरकार ने 18 से 5% जीएसटी कर दी उसके बावजूद कंपनियों ने केवल महीने दो महीने के लिए फुटकर दुकानदारों को कम रेट करने का लॉलीपॉप पकड़ा दिया और 2 महीने बाद ही फिर से रेट वही सातवें आसमान पर पहुंच गए । बड़े डिस्ट्रीब्यूटर और होलसेलर के पास भी वही जवाब होता है कि जब कंपनियां ही महंगे दामों पर सामान बेच रही है तो डिस्ट्रीब्यूटर और छोटे फुटकर दुकानदार क्या करें उनकी भीवमजबूरी बनती है और वह बड़े हुए दामों पर सामान बेचने पर मजबूर होते हैं । और जब संबंधित अधिकारियों से इसकी शिकायत की जाती है तो वह भी पल्ला झाड़ कर अलग हो जाते हैं। व्यापार मंडल के पदाधिकारी जो कि अपने आप को व्यापारियों का हितैषी बताते हैं ना तो कभी व्यापारियों के परेशानी में उसके साथ खड़े दिखाई देते हैं और ना ही तब जब छोटे दुकानदारों को बड़े दुकानदार लूट रहे हैं और जनता को यह सब मिलकर लूट रहे हैं।क्या व्यापार मंडल की जिम्मेदारी जनता के प्रति नहीं होती है। क्या छोटे दुकानदार उनके नजर में कुछ नहीं है। आखिरकार व्यापार मंडल अपनी कौन सी जिम्मेदारीया निभा रहा है आखिरकार इस खुलेआम चल रहे भ्रष्टाचार और जमाखोरी पर कौन लगाम लगाएगा ? कब प्रशासन नींद से जाग़कर इन जमाखोरों के खिलाफ सख्त एक्शन लेगा या फिर आम जनता इसी प्रकार भ्रष्टाचार जमाखोरी से पिसती रहेगी।
Follow Samachar24