टीचर्स फेडरेशन ऑफ इंडिया के बैनर तले शिक्षक संगठनों ने एकजुट होकर किया आंदोलन का ऐलान, 26 को देंगे धरना
Gargachary Times
20 February 2026, 20:29
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Firozabad
फिरोजाबाद। टीईटी अनिवार्यता के विरोध में प्रदेश के शिक्षक संगठनों ने खुलकर मोर्चा खोल दिया है। टीचर फेडरेशन ऑफ इंडिया (टीएफआई) के साथ समस्त मान्यता प्राप्त शैक्षिक संगठन एकजुट हो गए हैं। ब्लॉक संसाधन केंद्र दबरई पर आयोजित बैठक में शिक्षकों ने सरकार के निर्णय को अन्यायपूर्ण बताते हुए चरणबद्ध आंदोलन की घोषणा की।
बैठक की अध्यक्षता करते हुए टीएफआई की राष्ट्रीय सचिव कल्पना राजौरिया ने कहा कि वर्षों से सेवा दे रहे शिक्षकों पर टीईटी की अनिवार्यता थोपना उनके अनुभव और योगदान की अनदेखी है। उन्होंने कहा कि शिक्षक पहले से ही शैक्षिक कार्यों के साथ-साथ विभिन्न प्रशासनिक जिम्मेदारियां निभा रहे हैं। ऐसे में नई अनिवार्यता लागू करना मानसिक और व्यावहारिक दोनों स्तर पर दबाव बढ़ाने वाला निर्णय है। अब उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ, जूनियर शिक्षक संघ, राष्ट्रीय शैक्षिक संघ और महिला शिक्षक संघ एक साथ मंच पर आ गए हैं। प्राथमिक शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष शौर्यदेव यादव ने बताया कि 22 फरवरी को एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर टीईटी अनिवार्यता के विरोध में व्यापक अभियान चलाया जाएगा। इसके बाद 23, 24 और 25 फरवरी को शिक्षक काली पट्टी बांधकर शिक्षण कार्य करेंगे और शांतिपूर्ण तरीके से अपना विरोध दर्ज कराएंगे। 26 फरवरी को जिला मुख्यालय पर विशाल धरना-प्रदर्शन कर सरकार को ज्ञापन सौंपा जाएगा। महामंत्री रंजीत यादव ने कहा कि सरकार को संवाद के माध्यम से समाधान निकालना चाहिए। जूनियर शिक्षक संघ के महामंत्री आनंद श्रोत्रिय ने कहा कि संगठन किसी भी प्रकार के अन्याय को स्वीकार नहीं करेगा। उन्होंने शिक्षकों से एकजुट रहने की अपील की। राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ के कार्यकारी अध्यक्ष शिवकांत पलिया ने कहा कि शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए शिक्षकों का मनोबल बढ़ाना जरूरी है, न कि उन पर अतिरिक्त शर्तें थोपना। महिला शिक्षक संघ की जिलाध्यक्ष रीमा यादव ने कहा कि महिला शिक्षक पहले से ही पारिवारिक और विद्यालयी दायित्वों का संतुलन संभाल रही हैं। ऐसे में नई अनिवार्यता उनके लिए अतिरिक्त चुनौती होगी। बैठक में धीरेंद्र यादव , वंदना तोमर , आदेश यादव , अनिल चक दीपमाला यादव आदि पदाधिकारी उपस्थित रहे ।