आगरा में भी स्कूल बसों की मौके पर फिटनेस जांच अनिवार्य हो PAPA NGO
Gargachary Times
1 March 2026, 21:07
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Agra
कासगंज-अलीगढ़ सीमा क्षेत्र में स्कूल बस के टूटे फर्श से मासूम बच्ची के नीचे गिरकर पहियों से कुचलने की दर्दनाक घटना ने पूरे प्रदेश को झकझोर दिया है. समाचारों के अनुसार जर्जर बस, फिटनेस और निगरानी की लापरवाही तथा कागजी कार्रवाई तक सीमित व्यवस्था ने एक परिवार से उसकी बेटी छीन ली. यह केवल एक दुर्घटना नहीं, बल्कि व्यवस्था की शिथिलता का परिणाम है.
आगरा में भी समय-समय पर स्कूल वाहनों की जांच और सख्ती के आदेश जारी होते हैं, परंतु कुछ दिनों बाद वही आदेश हवा हो जाते हैं. यदि फिटनेस, परमिट, ड्राइवर वेरिफिकेशन, स्पीड गवर्नर, जीपीएस, सीटिंग सेफ्टी और बस बॉडी की वास्तविक स्थिति की मौके पर जांच नियमित न हो तो किसी भी दिन आगरा के किसी अभिभावक को बड़ा खामियाजा भुगतना पड़ सकता है.
बच्चों की सुरक्षा कागजों से नहीं, जमीन पर कार्रवाई से सुनिश्चित होती है.
प्रोग्रेसिव एसोसिएशन ऑफ़ पेरेंट्स अवेयरनेस (PAPA NGO) का स्पष्ट मत है कि आगरा में पंजीकृत प्रत्येक स्कूल वाहन की अचानक, ऑन-स्पॉट फिटनेस जांच अनिवार्य की जाए. विशेष अभियान चलाकर जर्जर और नियमविरुद्ध वाहनों को तत्काल सीज किया जाए. जिन स्कूलों द्वारा सुरक्षा मानकों की अनदेखी की जाए, उनके विरुद्ध दंडात्मक कार्रवाई और अभिभावकों को सार्वजनिक सूचना दी जाए. बसों में सीसीटीवी, जीपीएस, अग्निशमन यंत्र, निर्धारित गति सीमा और संरचनात्मक मजबूती की वास्तविक जांच सुनिश्चित की जाए.
इस विषय को गंभीरता से लेते हुए PAPA NGO का प्रतिनिधि मंडल शीघ्र ही आगरा में आरटीओ कार्यालय तथा पुलिस कमिश्नर महोदय से मिलकर विस्तृत वार्ता करेगा और संयुक्त निरीक्षण अभियान की मांग करेगा. बच्चों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और इसमें किसी प्रकार की ढिलाई स्वीकार्य नहीं हो सकती.