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महिलाओं की समस्याओं के त्वरित निदान के लिए कृत-संकल्पित

Gargachary Times 10 March 2026, 19:05 68 views
Mainpuri
महिलाओं की समस्याओं के त्वरित निदान के लिए कृत-संकल्पित
सदस्य उ.प्र. राज्य महिला आयोग मीना कुमारी ने ट्रांजिट हॉस्टल में घरेलू हिंसा, अन्य अपराधों से पीड़ित महिलाओं की समस्याएं सुनने के दौरान कहा कि केंद्र-प्रदेश सरकार महिलाओं की समस्याओं के त्वरित निदान के लिए कृत-संकल्पित है, महिलाओं-बालिकाओं को परेशान करने वालों के विरुद्ध पुलिस को जीरो टॉलरेंस के तहत कार्यवाही करने के निर्देश दिए गए हैं साथ ही घरेलू हिंसा से पीड़ित महिलाओं को निःशुल्क विधिक सहायता उपलब्ध कराने के साथ उन्हें तत्काल न्याय दिलाने की दिशा में तेजी से कार्य किये जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि महिलाओं-बालिकाओं की शिक्षा, सुरक्षा, स्वावलंबन के साथ आर्थिक स्थिति सुधार करने के लिए तमाम योजनाएं संचालित की गई हैं, आज बेटियां परिवार पर बोझ नहीं, बेटियों की पैदाइश से लेकर शादी तक की सभी जिम्मेदारियां सरकार ने अपने कंधों पर ले रखी हैं, गर्भावस्था के दौरान प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना का लाभ प्रदान किया जा रहा है वहीं बेटी के पैदा होने पर मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना के तहत लाभान्वित किया जा रहा है, बेटी के वयस्क होने पर मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना में रू. 01 लाख सरकारी खजाने से व्यय कर भव्य समारोह में उनकी शादियां कराई जा रही हैं, महिलाओं को आर्थिक रूप से सुदृढ़ बनाने के लिए स्वयं सहायता समूह से जोड़कर उन्हें आर्थिक रूप से स्वावलंबी बनाया जा रहा है, महिलाओं-बालिकाओं की सुरक्षा को लेकर भी केंद्र-प्रदेश सरकार सजग है, इस हेतु टोल फ्री नंबर के साथ प्रत्येक थाने में महिला हेल्प-डेस्क की स्थापना की गई है। सदस्य महिला आयोग ने जन-सुनवाई के दौरान कहा कि पति-पत्नी में झगड़ों के प्रकरण में दोनों को परिवार परामर्श केंद्र पर बुलाकर समझौता करने के प्रयास किए जाएं यदि 02-03 बार बुलाने पर भी पति या उसके परिवारिजन न आएं तो उनके विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज कराकर प्रभावी कार्यवाही की जाए साथ ही पत्नी को भरण-पोषण हेतु धनराशि की व्यवस्था कराई जाए। उन्होने शिकायतकर्ता नीलम के प्रर्थना पत्र पर क्षेत्राधिकारी, महिला सहायता प्रकोष्ठ प्रभारी को निर्देशित करते हुए कहा कि शिकायतकर्ता के पति को बुलाकर सुलह-समझौता कराया जाये यदि 02-03 तिथियों में पति उपस्थित न हो तो उसके विरूद्ध प्राथमिकी दर्ज करायी जाये। सदस्य महिला आयोग ने राम सिया उर्फ विलमेश, सुनीता देवी के प्रार्थना पत्रों पर भी प्रभावी कार्यवाही हेतु आदेशित किया। सदस्य महिला आयोग ने जिला कारागार में निरूद्ध महिला बंदियों से भी महिला बैरक में जाकर मुलाकात कर उपलब्ध करायी जा रही मूल-भूत सुविधाओं की जानकारी प्राप्त की, महिला बैरक मंे 25 बंदी हैं, 02 महिलाओ के साथ 01-01 बच्चा भी बैरक में मौजूद मिला, जिन्हंे सदस्य महिला आयोग द्वारा टॉफी, बिस्किट, चिप्स, रियल जूस उपलब्ध कराया गया, बंदी महिलाओं ने खाने की गुणवत्ता व अन्य व्यवस्थाओं पर संतोष व्यक्त किया। उन्होने कस्तूरबा गॉधी बालिका विद्यालय भोगांव के निरीक्षण के दौरान विद्यालय स्टॉफ को बालिकाओं की सुरक्षा, स्वास्थ्य का विशेष ध्यान रखने के साथ ही निर्धारित मीनू के अनुसार सुबह का नाश्ता, दोपहर-शाम का खाना समय से उपलब्ध कराने के निर्देश दिये, विद्यालय की छात्राओं ने मिशन शक्ति पर आधारित कार्यक्रम प्रस्तुत किये। सदस्य महिला आयोग ने विद्यालय की छात्रा अमृता को स्कॉलरशिप परीक्षा में चौथा स्थान प्राप्त करने पर ट्रॉफी भेंट कर सम्मानित किया। बाल संरक्षण अधिकारी अल्का मिश्रा ने विद्यालय की छात्राओं को विभाग की संचालित मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना, मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना के अलावा चाइल्ड हेल्पलाइन, वूमेन हेल्पलाइन नम्बर के सम्बन्ध में विस्तार से जानकारी दी। इस दौरान क्षेत्राधिकारी नगर संतोष कुमार, जिला प्रोबेशन अधिकारी राजनाथ राम, महिला सहायता प्रकोष्ठ प्रभारी सरिता सेंगर, सरोजनी, बाल संरक्षण अधिकारी अल्का मिश्रा, आंगनबाड़ी सुपरवाइजर प्रवेश कुमारी, जेलर आदि उपस्थित रहे।
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