आधुनिक शहर के रूप में विकसित करने की दिशा में तेजी से हो रहे विकास कार्य-पर्यटन मंत्री
Gargachary Times
21 March 2026, 20:43
111 views
Mainpuri
पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री उ.प्र. शासन जयवीर सिंह ने नव-निर्माण के 09 वर्ष कार्यक्रम के तहत रु. 146.56 लाख की लागत से मां गमा देवी मंदिर, ज्योति खुड़िया के पर्यटन विकास एवं सौंदर्यीकरण कार्य का शिलान्यास, रु. 3677.38 लाख की लागत से मैनपुरी-सिरसागंज प्रा.जि. मार्ग के चौड़ीकरण एवं सुदृढ़ीकरण कार्य, रु. 97.22 लाख की लागत से प्रेमपुर से एटा जनपद की सीमा (सीलमपुर) तक मार्ग के नव-निर्माण कार्य, रु. 88.78 लाख की लागत से ग्राम रम्पुरा से सराय लतीफपुर नहरपुल मार्ग के नव-निर्माण कार्य, रु. 75.35 लाख की लागत से जीगना मार्ग से गमा देवी मंदिर वाया काली देवी मंदिर ईकरी तक मार्ग के नव निर्माण, रु. 103.91 लाख की लागत से पराहार से घाटमपुर मार्ग के नव-निर्माण कार्य, रु. 172.52 लाख की लागत से उझैयाफकीरपुर मार्ग से ग्राम झब्बलपुर मार्ग के नव-निर्माण कार्य, रु. 82.27 लाख की लागत से संसारपुर से गढ़िया मार्ग के नव-निर्माण कार्य, रु. 98.93 लाख की लागत से ग्राम नगरिया बेढरी से रूद्रपुर मार्ग के कार्य, रु. 118.51 लाख की लागत से रामनगर नं. जमुनियां से बीकापुर मार्ग के कार्यों का शिलान्यास तथा रु. 06.10-06.10 लाख की लागत से मैनपुरी-औंछा मार्ग पर ज्योति तिराहे एवं मैनपुरी-ज्योति रोड पर मंदिर के पास उद्देतपुर परमकुटी मोड़ पर यात्री प्रतीक्षालयांे के निर्माण कार्यों का लोकार्पण करते हुए कहा कि बाईपास परियोजना जनपद के विकास की दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण है, परियोजना के प्रथम चरण के लिए रू. 169 करोड़ की स्वीकृति प्राप्त हो चुकी है, भूमि अधिग्रहण एवं अन्य चरणों को सम्मिलित करते हुए इसकी कुल लागत लगभग रू. 782 करोड़ होगी, भोगांव रेलवे क्रॉसिंग से लगभग 22 किलोमीटर लंबे बाईपास के निर्माण से शहर की यातायात व्यवस्था सुगम होगी, जाम की समस्या से निजात मिलेगी, बाईपास के आसपास आवास विकास परिषद द्वारा नई टाउनशिप विकसित किए जाने की योजना है, इससे “नई मैनपुरी” के रूप में एक आधुनिक एवं सुव्यवस्थित शहर विकसित होगा, इस क्षेत्र को नगर पालिका सीमा में शामिल किए जाने की प्रक्रिया भी प्रगति पर है। उन्होने कहा कि लगभग रू. 100 करोड़ की लागत से ऑडिटोरियम एवं सांस्कृतिक संग्रहालय निर्माण ऐतिहासिक, सांस्कृतिक एवं आध्यात्मिक विरासत को आधुनिक तकनीक के माध्यम से प्रस्तुत करेगी, इसमें अत्याधुनिक गैलरी, डिजिटल एवं इंटरैक्टिव डिस्प्ले, विज्ञान एवं तकनीकी अनुभाग सहित विभिन्न सुविधाएँ विकसित की जा रही हैं, साथ ही लगभग 1000 व्यक्तियों की क्षमता वाला वातानुकूलित ऑडिटोरियम भी निर्मित किया जा रहा है, जहाँ विभिन्न सांस्कृतिक एवं सामाजिक कार्यक्रम आयोजित किए जा सकेंगे, उक्त परिसर का संचालन जिला संस्कृति परिषद के माध्यम से किया जाएगा, इस सुविधा का उपयोग जनहित, सरकारी, गैर-सरकारी एवं सामाजिक कार्यक्रमों के लिए किया जायेगा।
पर्यटन मंत्री ने कहा कि 2017 के बाद योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उ.प्र. में कानून व्यवस्था, आधारभूत संरचना एवं कनेक्टिविटी के क्षेत्र में उल्लेखनीय सुधार हुआ है, सड़क, हवाई एवं अन्य कनेक्टिविटी के विस्तार के साथ-साथ पर्यटन एवं सांस्कृतिक स्थलों के विकास पर विशेष ध्यान दिया है, प्रदेश के अधिकांश प्रमुख आध्यात्मिक, ऐतिहासिक स्थलों का विकास कराया जा चुका है, शेष स्थलों को भी शीघ्र ही विकसित किया जाएगा। उन्होने कहा कि जनपद को एक नई पहचान देने के उद्देश्य से शहर के प्रवेश मार्गों पर भव्य स्वागत द्वार के निर्माण की योजना प्रगति पर है, इन स्वागत द्वारों के निर्माण से जनपद में प्रवेश करते ही जनपद की सांस्कृतिक एवं ऐतिहासिक पहचान का अनुभव होगा, मैनपुरी की छवि और अधिक सुदृढ़ होगी। उन्होने कहा कि मैनपुरी-सिरसागंज मार्ग पूर्व में मात्र 03 मीटर चौड़ा था सड़क को पहले 5.5 मीटर विस्तारित किया गया, अब 7 मीटर तक विस्तारित किया जा रहा है, जिससे क्षेत्रीय कनेक्टिविटी सुदृढ़ होगी तथा आवागमन में सुगमता आएगी, यह कार्य प्रदेश में आधारभूत संरचना विकास का एक उत्कृष्ट उदाहरण है। उन्होंने लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों को निर्देशित करते हुए कहा कि आज जिन मार्गो का शिलान्यास किया गया है, किसी भी स्थिति में गुणवत्ता से समझौता न किया जाए, संबंधित अधिकारी कार्यों की नियमित निगरानी सुनिश्चित करें, निर्धारित समय-सीमा के भीतर परियोजनाओं को पूर्ण करायें।
जिलाधिकारी अंजनी कुमार सिंह ने कहा कि जनपद में विकास कार्यों की एक लंबी श्रृंखला चल रही है, आज जिन मार्गों, पर्यटन विकास एवं सौंदर्यीकरण कार्य का शिलान्यास किया जा रहा है, वह केवल एक उदाहरण है, जबकि इससे कहीं अधिक बड़े स्तर पर विकास कार्य जनपद में संचालित हैं, लगभग रू. 782 करोड़ की लागत से मैनपुरी बाईपास परियोजना मा. मंत्री जी के अथक प्रयासों से स्वीकृत हुई है, जिसमें से रू. 169 करोड़ की लागत के कार्य प्रारंभ हो चुके है, बाईपास के निर्माण से जनपद में यातायात व्यवस्था में व्यापक सुधार होगा तथा आर्थिक गतिविधियों को भी नई गति मिलेगी। उन्होने कहा कि पिछले कुछ वर्षों में अनेक सकारात्मक और सुखद परिवर्तन देखने को मिले हैं, जिनका अनुभव आम नागरिक भी कर रहे हैं। उन्होंने कि पहले जहां अधिकारी जन-प्रतिनिधियों को योजनाओं, नियमों और जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी देते थे वहीं आज जन-प्रतिनिधि स्वयं विभिन्न विभागों की गहन जानकारी रखते हैं, कई बार जन-प्रतिनिधि अधिकारियों से ऐसे विषयों पर चर्चा करते हैं, जिनमें अधिकारियों को भी और अधिक जानकारी प्राप्त करने की आवश्यकता महसूस होती, यह परिवर्तन दक्षता और जनहित के प्रति गंभीरता को दर्शाता है। उन्होने कहा कि मंत्री जी द्वारा प्रत्येक विषय में गहरी रुचि लेना, योजनाओं का अध्ययन करना तथा अधिकारियों को मार्गदर्शन देना, यह दर्शाता है कि जनप्रतिनिधि जनकल्याण के प्रति कितने समर्पित हैं, यह सुखद परिवर्तन है। उन्होने कहा कि आज किसी भी चौराहे से गुजरने पर व्यक्ति अपनी संस्कृति और परंपरा से जुड़ाव महसूस करता है, विभिन्न स्थानों पर महापुरुषों की प्रतिमाएं स्थापित की गई हैं और चौराहों को पहचान मिली है, इससे न केवल शहर का सौंदर्यीकरण हुआ है, बल्कि नई पीढ़ी को भी अपने इतिहास और संस्कृति से जुड़ने का अवसर मिल रहा है।
पुलिस अधीक्षक गणेश प्रसाद शाहा ने कहा कि सड़कों के निर्माण एवं चौड़ीकरण बेहतर कनेक्टिविटी के कारण अब लोगों की लंबी दूरी की यात्रा के लिए ट्रेन एवं हवाई सेवाओं पर निर्भरता कम हुई, और लोग निजी वाहनों से भी आसानी से यात्रा पूरी कर पा रहे हैं, जनपद में सड़कों का निर्माण एवं चौड़ीकरण निरंतर प्रगति पर है, जिससे जनपद का समग्र विकास हो रहा है। उन्होंने कहा कि मंत्री जी का नेतृत्व अत्यंत सक्रिय एवं दूरदर्शी है, योजनाओं के प्रत्येक पहलू की गहन जानकारी उन्हें पहले से रहती है और वे न केवल योजनाओं के लाभों पर ध्यान देते हैं बल्कि उनके क्रियान्वयन में आने वाली बाधाओं को दूर करने में भी स्वयं पहल करते हैं। उन्होने कहा कि एक सक्षम नेतृत्व ही विकास कार्यों को गति देता है, इसका स्पष्ट प्रभाव दिखाई दे रहा है, सड़कों की बेहतर स्थिति से न केवल आवागमन सुगम हुआ है, बल्कि सड़क सुरक्षा में भी सुधार आया है।
जिलाध्यक्ष ममता राजपूत ने कहा कि जनपद का दिव्य-भव्य एवं सुंदर स्वरूप पूर्व में कभी देखने को नहीं मिला था, आज यह परिवर्तन पर्यटन एवं संस्कृति विभाग के माध्यम से कराये गए कार्यों का परिणाम है, पूर्व में पर्यटन और संस्कृति की वास्तविक परिभाषा स्पष्ट नहीं थी, पूर्ववर्ती सरकारों में अपेक्षित ध्यान नहीं दिया गया, जिससे जनपद की सांस्कृतिक पहचान सीमित दायरे में ही सिमटी रही, लेकिन वर्तमान में व्यापक स्तर पर हुए कार्यों से प्रदेश में धार्मिक एवं सांस्कृतिक स्थलों का कायाकल्प हुआ है, आज जनपद में विभिन्न चौराहों का सौंदर्यीकरण, महापुरुषों की प्रतिमाओं की स्थापना एवं सार्वजनिक स्थलों का विकास इस बात का प्रमाण है कि पर्यटन एवं संस्कृति विभाग ने जमीनी स्तर पर कार्य किया है, भव्य ऑडिटोरियम का उल्लेख करते हुए कहा कि इस प्रकार की आधुनिक सुविधा की लंबे समय से आवश्यकता महसूस की जा रही थी, इस ऑडिटोरियम के निर्माण से जनपद में सांस्कृतिक, सामाजिक एवं शैक्षिक कार्यक्रमों के आयोजन के लिए एक उत्कृष्ट मंच उपलब्ध होगा। उन्होने कहा कि जब भी इस ऑडिटोरियम का उपयोग किया जाएगा, तब-तब इसके निर्माण में योगदान देने वाले नेतृत्व को याद किया जाएगा। उन्होने कहा कि योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में पर्यटन एवं संस्कृति के क्षेत्र में ऐतिहासिक कार्य हुए हैं, काशी विश्वनाथ धाम, अयोध्या एवं अन्य प्रमुख धार्मिक स्थलों का विकास इसका उदाहरण है।
इस अवसर पर अधीक्षण अभियंता लोक निर्माण वी.के. चौधरी, उप जिलाधिकारी सदर अभिषेक कुमार, अधिशाषी अभियंता ए.के. अरूण, भूकेश, धनुषधारी, क्षेत्राधिकारी संतोष सिंह के अलावा क्षेत्रीय उपाध्यक्ष आलोक गुप्ता, अनुजेश प्रताप सिंह, पूर्व जिलाध्यक्ष शिवदत्त भदौरिया, उदय चौहान भूपेन्द्र यादव, विशाल बाल्मिकी, धीरू राठौर, विनोद शर्मा, राहुल भारती, प्रदीप चौहान राज, वीरेन्द्र शाक्य, ज्ञानेन्द्र सिंह चौहान, अरूण प्रताप सिंह, कविता राठौर, सीमा चौहान, उत्तम गुप्ता, मनोज कश्यप, दीपक चौहान, अवधेश गुप्ता, उमेश चौहान, सौरभ दुबे सहित अन्य पार्टी पदाधिकारी आदि उपस्थित रहे।