योगी सरकार ने बनाया यूपी को बीमारू से सर्वोत्तम प्रदेश: कृषि मंत्री
Gargachary Times
21 March 2026, 20:52
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Lucknow
लखनऊ: कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने शनिवार को देवरिया में पत्रकारों से बातचीत में कहा कि उत्तर प्रदेश में योगी सरकार के 9 वर्षों में कृषि क्षेत्र में व्यापक बदलाव आया है। राज्य की स्थापना के बाद से अब तक की सभी सरकारों में योगी सरकार का प्रदर्शन सबसे बेहतर रहा है। कृषि क्षेत्र में व्यापक सुधारों, किसानों को सीधे लाभ, सिंचाई विस्तार, उत्पादन वृद्धि और तकनीकी हस्तक्षेपों के माध्यम से उत्तर प्रदेश को एक नए कृषि मॉडल के रूप में स्थापित किया गया है। योगी सरकार ने न केवल किसानों की आय बढ़ाई, बल्कि उन्हें आत्मनिर्भर और सम्मानजनक जीवन की दिशा में अग्रसर किया।
कानून व्यवस्था से लेकर कृषि तक बड़ा बदलाव
कृषि मंत्री ने कहा कि योगी सरकार ने उत्तर प्रदेश की छवि को पूरी तरह बदल दिया है। पहले प्रदेश में गुंडागर्दी, भ्रष्टाचार, अपहरण, फिरौती, माफियाराज और जंगलराज का बोलबाला था, जिसे पूरी तरह समाप्त किया जा चुका है। इसी के साथ सरकार ने किसानों के लिए खजाना खोल दिया। योगी सरकार ने किसानों की जितनी मदद की, उतनी मदद पहले किसी सरकार ने नहीं की। 9 वर्ष पहले प्रदेश के किसान हर साल आत्महत्या करने पर मजबूर होते थे। वे हताश और निराश थे तथा भय के वातावरण में जी रहे थे। खाद, बिजली व पानी तक की समुचित व्यवस्था नहीं थी। सरकार किसानों की उपज की खरीद भी नहीं करती थी। गन्ना किसानों का भुगतान तीन-चार साल तक लंबित रहता था, जिससे उनकी आर्थिक स्थिति बेहद खराब हो गई थी।
किसानों का कर्ज माफ, आत्महत्या पर लगी रोक
सूर्य प्रताप शाही ने बताया कि 2017 में सरकार बनने के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सबसे पहले किसानों को राहत देने का बड़ा निर्णय लिया। 86 लाख किसानों का 36 हजार करोड़ रुपये का बैंक कर्ज माफ किया गया। यह प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी तरीके से लागू की गई। इस कदम का उद्देश्य केवल आर्थिक राहत देना नहीं था, बल्कि किसानों को आत्महत्या जैसे कदम उठाने से रोकना और उन्हें नई शुरुआत का अवसर देना भी था।
सिंचाई, बीज व संसाधन: खेत तक पहुंचा विकास
कृषि मंत्री शाही ने कहा कि योगी सरकार ने उत्कृष्ट बीज उपलब्ध कराने, पर्याप्त खाद की व्यवस्था करने और सिंचाई संसाधनों का विस्तार करने पर विशेष ध्यान दिया। 20-30 साल पुरानी नहरों को ठीक कराया गया और अधूरी परियोजनाओं को पूरा कर 30 लाख हेक्टेयर से अधिक कृषि भूमि को सिंचाई की सुविधा प्रदान की गई। इसके साथ ही 92 हजार से अधिक पीएम कुसुम सोलर पंप लगाए गए, जिन पर किसानों को 60 प्रतिशत तक अनुदान दिया गया। इससे किसानों को सालभर बिना बिजली के निर्बाध सिंचाई की सुविधा मिली।
बिजली, ट्यूबवेल व गन्ना भुगतान से मिली राहत
कृषि मंत्री ने बताया कि 16 लाख किसानों के नलकूपों के बिजली बिल माफ किए गए और 3600 करोड़ रुपये का बिजली बिल सरकार भर रही है। गन्ना किसानों की स्थिति सुधारने के लिए लंबित भुगतान जारी किया गया। अब तक 3 लाख 15 हजार करोड़ रुपये का गन्ना मूल्य भुगतान किया जा चुका है। योगी सरकार का कार्यकाल पहले के 22 वर्षों की सरकारों के बराबर साबित हुआ है। गन्ना मूल्य को 300 रुपये से बढ़ाकर 400 रुपये प्रति कुंतल किया गया, जिससे किसानों की आय में सीधा इजाफा हुआ और वे आर्थिक रूप से मजबूत हुए।
डीबीटी और सम्मान निधि से सीधा लाभ
कृषि मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के तहत उत्तर प्रदेश के 3 करोड़ से अधिक किसानों को पंजीकृत कर 99 हजार 500 करोड़ रुपये सीधे उनके खातों में भेजे गए। यह राशि इतनी है जितना भुगतान समाजवादी पार्टी सरकार के समय एक साल में गन्ना मूल्य के रूप में होता था। डीबीटी के माध्यम से सभी योजनाओं का लाभ सीधे किसानों तक पहुंचाया जा रहा है, जिससे पारदर्शिता और विश्वास दोनों बढ़े हैं।
फसल बीमा व क्षतिपूर्ति: संकट में भी सुरक्षा
कृषि मंत्री ने बताया कि प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत 9 वर्षों में 67 लाख 52 हजार किसानों को प्राकृतिक आपदाओं से हुए नुकसान की भरपाई के लिए 5660 करोड़ 33 लाख रुपये की सहायता दी गई। वहीं, इस वर्ष खरीफ सीजन में 5 लाख 39 हजार किसानों को 532 करोड़ 17 लाख रुपये की क्षतिपूर्ति दी जा चुकी है। मार्च के अंत तक सवा दो लाख अतिरिक्त किसानों को 170 करोड़ रुपये और दिए जाने की योजना है।
उत्पादन में रिकॉर्ड वृद्धि: यूपी बना अग्रणी राज्य
कृषि मंत्री ने बताया कि 2017 में प्रदेश का खाद्यान्न उत्पादन 547 लाख मीट्रिक टन था, जो बढ़कर 2024-25 में 737 लाख मीट्रिक टन हो गया है। उत्तर प्रदेश आज खाद्यान्न उत्पादन में देश का अग्रणी राज्य है। इसके अलावा, दूध उत्पादन में भी उत्तर प्रदेश प्रथम स्थान पर है। आम, गेहूं, धान और गन्ना उत्पादन में भी प्रदेश देश में नंबर-1 है।
तकनीक, नवाचार व संस्थागत विस्तार
कृषि मंत्री शाही ने बताया कि कृषि क्षेत्र को आधुनिक बनाने के लिए बड़े पैमाने पर कृषि यंत्रों का उपयोग बढ़ाया गया है और ड्रोन तकनीक को बढ़ावा दिया जा रहा है। ‘ड्रोन दीदी’ जैसी पहल के माध्यम से नई तकनीकों को खेत तक पहुंचाया जा रहा है। प्रदेश में 20 नए कृषि विज्ञान केंद्र स्थापित किए गए हैं। कुशीनगर में नया कृषि विश्वविद्यालय बनाया जा रहा है, जो प्रदेश का पांचवां राजकीय कृषि विश्वविद्यालय होगा। इसके अलावा, केंद्र सरकार द्वारा एक और केंद्रीय कृषि विश्वविद्यालय की स्थापना की गई है। बड़े जिलों में अतिरिक्त कृषि विज्ञान केंद्र स्थापित किए गए हैं और 824 विकास खंडों में से 480 में किसान कल्याण केंद्र बनाए जा रहे हैं। बैतालपुर में स्थापित केंद्र इसका उदाहरण है, जहां किसान प्रशिक्षण, बीज व दवाइयां प्राप्त कर सकते हैं।
कृषि मंत्री ने कहा कि योगी सरकार ने बीमारू उत्तर प्रदेश की छवि को बदलकर इसे खाद्यान्न, चीनी और दूध उत्पादन करने वाला देश का अग्रणी राज्य बना दिया है। योगी सरकार के 9 वर्षों में उत्तर प्रदेश का कृषि क्षेत्र न केवल सशक्त हुआ है, बल्कि यह राज्य की अर्थव्यवस्था का मजबूत आधार भी बन चुका है।