मण्डलायुक्त विजय विश्वास पंत की अध्यक्षता में मण्डलीय सड़क सुरक्षा समिति की बैठक आयुक्त सभागार में संपन्न
Gargachary Times
28 March 2026, 20:17
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Lucknow
मण्डलीय सड़क सुरक्षा समिति की बैठक आज मण्डलायुक्त विजय विश्वास पंत अध्यक्षता में आयुक्त सभागार में आयोजित की गई। बैठक का मुख्य उद्देश्य मण्डल में बढ़ती सड़क दुर्घटनाओं पर प्रभावी नियंत्रण, यातायात प्रबंधन को सुदृढ़ बनाना तथा सड़क सुरक्षा से जुड़े विभिन्न विभागों के बीच समन्वय स्थापित करना रहा। बैठक में अपर जिलाधिकारी पूर्वी, एसीपी यातायात, परिवहन, पुलिस, लोक निर्माण, एन0एच0ए0आई, स्वास्थ्य, नगर निगम सहित संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारियों ने भाग लिया।
सर्वप्रथम मण्डलायुक्त द्वारा पूर्व बैठक के निर्णयों के अनुपालन की समीक्षा करते हुए पाया गया कि कई महत्वपूर्ण बिंदुओं पर प्रगति संतोषजनक है, जबकि कुछ मामलों में अपेक्षित कार्यवाही लंबित है। इस पर मण्डलायुक्त ने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित करते हुए कहा कि लंबित प्रकरणों को सर्वोच्च प्राथमिकता पर लेते हुए निर्धारित समयसीमा के भीतर पूर्ण किया जाए। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि आगामी बैठकों में प्रगति की पुनः समीक्षा की जाएगी और यदि किसी स्तर पर अनावश्यक विलंब पाया गया तो संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाएगी।
उत्तर प्रदेश सड़क दुर्घटना जांच योजना 2023 के अंतर्गत सड़क दुर्घटनाओं की जांच की प्रगति की समीक्षा करते हुए मण्डलायुक्त ने विस्तृत रूप से लंबित प्रकरणों का अवलोकन किया। समीक्षा के दौरान यह तथ्य सामने आया कि कुछ मामलों में जांच कार्य अभी भी लंबित है, जिससे समयबद्ध न्यायिक एवं प्रशासनिक कार्रवाई प्रभावित हो रही है। इस पर मण्डलायुक्त ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि सभी लंबित जांचों को प्राथमिकता के आधार पर लेते हुए उनकी गुणवत्ता एवं पारदर्शिता सुनिश्चित की जाए। उन्होंने स्पष्ट रूप से निर्देशित किया कि प्रत्येक प्रकरण की जांच निर्धारित मानकों एवं प्रक्रियाओं के अनुरूप करते हुए 31 मार्च, 2026 तक अनिवार्य रूप से पूर्ण कर ली जाए।
बैठक में वर्ष 2025 एवं 2026 के तुलनात्मक आंकड़ों के आधार पर सड़क दुर्घटनाओं, मृतकों एवं घायलों की स्थिति की विस्तृत समीक्षा की गई। समीक्षा में पाया गया कि कुछ जनपदों में दुर्घटनाओं में वृद्धि दर्ज की गई है, जबकि कुछ जनपदों में कमी आई है। मण्डलायुक्त द्वारा निर्देशित किया गया कि दुर्घटना संभावित क्षेत्रों (ब्लैक स्पॉट्स) की पहचान कर उनका त्वरित सुधार कराया जाए तथा दुर्घटनाओं के कारणों का वैज्ञानिक विश्लेषण कर स्थायी समाधान सुनिश्चित किया जाए।
मण्डलायुक्त ने निर्देशित किया कि सभी एक्सप्रेस-वे एवं प्रमुख मार्गों का नियमित रूप से सुरक्षा ऑडिट कराया जाए, ताकि संभावित जोखिमों की समय रहते पहचान कर उन्हें दूर किया जा सके तथा दुर्घटनाओं की संभावना को न्यूनतम किया जा सके। इसके साथ ही, ओवरलोड वाहनों के विरुद्ध सख्त एवं निरंतर अभियान चलाते हुए प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए, जिससे सड़क क्षति एवं दुर्घटनाओं में कमी लाई जा सके। मण्डलायुक्त ने यह भी स्पष्ट किया कि गंभीर सड़क दुर्घटनाओं की जांच समयबद्ध एवं पारदर्शी तरीके से पूर्ण की जाए, ताकि दुर्घटनाओं के वास्तविक कारणों का पता लगाकर भविष्य में उनकी पुनरावृत्ति को रोका जा सके। उन्होंने घायलों को त्वरित एवं गुणवत्तापूर्ण उपचार उपलब्ध कराने पर विशेष बल देते हुए निर्देशित किया कि कैशलेस उपचार योजना का लाभ प्रत्येक पात्र व्यक्ति तक सुनिश्चित रूप से पहुंचाया जाए।
इसके अतिरिक्त, सड़क सुरक्षा से संबंधित जन-जागरूकता बढ़ाने हेतु विशेष अभियान संचालित करने, यातायात नियमों के पालन को सुदृढ़ बनाने तथा आवश्यक व्यवस्थाओं को और अधिक प्रभावी एवं सुदृढ़ करने के निर्देश भी दिए गए। बैठक के दौरान वर्ष 2026 के लिए प्रस्तावित विभिन्न सड़क सुरक्षा अभियानों एवं योजनाओं की गहन समीक्षा की गई तथा उनके प्रभावी क्रियान्वयन हेतु संबंधित विभागों को समन्वय बनाकर कार्य करने के निर्देश प्रदान किए गए, ताकि सड़क सुरक्षा के क्षेत्र में ठोस एवं सकारात्मक परिणाम प्राप्त किए जा सकें।
मण्डलायुक्त द्वारा निर्देशित किया गया कि जनपद में संचालित समस्त विद्यालयी वाहनों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से दिनांक 01 अप्रैल से 15 अप्रैल 2026 तक एक व्यापक एवं विशेष अभियान संचालित किया जाएगा। इस अभियान के अंतर्गत सभी स्कूली वाहनों की फिटनेस, आवश्यक सुरक्षा मानकों एवं निर्धारित परिवहन नियमों के अनुरूप गहन जांच की जाएगी। जिन वाहनों की फिटनेस मानक के अनुरूप नहीं पाई जाएगी, उनके विरुद्ध तत्काल प्रभाव से नोटिस जारी करते हुए आवश्यक कार्यवाही सुनिश्चित की जाएगी, ताकि छात्रों की सुरक्षा के साथ किसी प्रकार का समझौता न हो।
इसके अतिरिक्त मण्डलायुक्त ने निर्देश दिए कि प्रत्येक विद्यालय में गठित विद्यालय परिवहन सुरक्षा समितियों को पूर्णतः सक्रिय किया जाए तथा उनकी नियमित बैठकों का आयोजन सुनिश्चित किया जाए, जिससे परिवहन व्यवस्था की सतत निगरानी एवं सुधार संभव हो सके। समितियों के माध्यम से अभिभावकों, विद्यालय प्रबंधन एवं संबंधित विभागों के बीच समन्वय स्थापित करते हुए सुरक्षित परिवहन व्यवस्था को प्राथमिकता दी जाएगी।
हाइवे एवं प्रमुख सड़कों पर अवैध पार्किंग एवं अतिक्रमण की समस्या को गंभीरता से लेते हुए इसके विरुद्ध सघन अभियान चलाने के निर्देश दिए गए। संबंधित विभागों को निर्देशित किया गया कि ऐसे स्थलों की पहचान कर तत्काल अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की जाए, जिससे यातायात सुचारु रूप से संचालित हो सके एवं सड़क दुर्घटनाओं की संभावना को न्यूनतम किया जा सके।
मण्डलायुक्त द्वारा हिट एंड रन योजना की प्रगति की विस्तृत समीक्षा के दौरान यह तथ्य संज्ञान में आया कि मण्डल के विभिन्न जनपदों में लंबित प्रकरणों में सर्वाधिक संख्या जनपद हरदोई की है, जहाँ कुल 76 प्रकरण अभी तक निस्तारण की प्रतीक्षा में हैं। इस स्थिति को गंभीरता से लेते हुए मण्डलायुक्त ने नाराजगी व्यक्त की तथा संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश जारी किए। उन्होंने क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी को निर्देशित किया कि उक्त सभी लंबित प्रकरणों को सर्वोच्च प्राथमिकता के आधार पर लेते हुए उनके त्वरित एवं गुणवत्तापूर्ण निस्तारण की कार्यवाही सुनिश्चित की जाए। साथ ही यह भी कहा कि प्रत्येक प्रकरण में निर्धारित प्रक्रिया का अनुपालन करते हुए पीड़ितों को समयबद्ध ढंग से राहत एवं सहायता उपलब्ध कराई जाए।
मण्डलायुक्त ने सभी विभागों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करने के निर्देश दिए ताकि सड़क सुरक्षा के लक्ष्यों को प्रभावी ढंग से प्राप्त किया जा सके। उन्होंने कहा कि प्रत्येक जनपद में जिला सड़क सुरक्षा समिति की नियमित बैठकें आयोजित की जाएं और उनके निर्णयों का समयबद्ध अनुपालन सुनिश्चित किया जाए।