जनता दर्शन में उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने फरियादियों से सीधे किया संवाद, त्वरित निस्तारण के निर्देश
Gargachary Times
30 March 2026, 19:10
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Lucknow
लखनऊ: उत्तर प्रदेश के उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने सोमवार को अपने कैम्प कार्यालय, 7-कालिदास मार्ग पर आयोजित जनता दर्शन कार्यक्रम में प्रदेश के विभिन्न जनपदों से आए सैकड़ों फरियादियों की समस्याएं गंभीरता एवं संवेदनशीलता के साथ सुनीं तथा उनके त्वरित, पारदर्शी एवं प्रभावी निस्तारण के लिए संबंधित अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए।
उप मुख्यमंत्री ने कहा कि “जन समस्याओं का समाधान सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है और प्रत्येक पीड़ित को न्याय दिलाना शासन की जिम्मेदारी है।” उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि हर शिकायत का समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण निस्तारण सुनिश्चित किया जाए, ताकि आमजन को बार-बार कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें।
जनता दर्शन के दौरान श्री मौर्य ने स्वयं आगे बढ़कर एक-एक फरियादी से संवाद स्थापित किया और उनकी समस्याओं का संज्ञान लिया। कई मामलों में उन्होंने संबंधित अधिकारियों से दूरभाष पर वार्ता कर तत्काल आवश्यक कार्यवाही करने के दिशा-निर्देश दिए, जिससे समस्याओं के समाधान की प्रक्रिया में तेजी लाई जा सके।
कार्यक्रम में भूमि विवाद, अवैध कब्जा, उत्पीड़न, सड़क एवं विद्युत समस्याएं, दुर्घटनाएं, आवास आवंटन, शिक्षा, स्वास्थ्य तथा पारिवारिक विवाद जैसे विभिन्न मामलों को फरियादियों द्वारा रखा गया। उप मुख्यमंत्री ने स्पष्ट रूप से कहा कि किसी भी स्तर पर लापरवाही स्वीकार्य नहीं होगी और जहां आवश्यकता हो, वहां कठोर कार्यवाही भी सुनिश्चित की जाएगी।
उन्होंने अधिकारियों को यह भी निर्देश दिए कि प्रत्येक प्रकरण में जिम्मेदारी तय की जाए तथा शिकायतों के निस्तारण की नियमित मॉनिटरिंग की जाए, जिससे शासन की मंशा के अनुरूप पारदर्शी एवं जवाबदेह व्यवस्था सुनिश्चित हो सके।
जनसुनवाई के दौरान महिलाओं, दिव्यांगजनों एवं बुजुर्गों की समस्याओं को विशेष प्राथमिकता देते हुए उनके प्रकरणों के शीघ्र निस्तारण हेतु संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया गया।
प्रदेश के विभिन्न जिलों से आए लोगों ने अतिक्रमण हटाने, भूमि पर कब्जा दिलाने, अभियुक्तों की गिरफ्तारी सहित अन्य जन समस्याएं रखीं, जिन पर उप मुख्यमंत्री ने तत्परता दिखाते हुए तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए।
उन्होंने निर्देश दिये कि सभी प्राप्त शिकायतों का निर्धारित समय सीमा के भीतर प्रभावी निस्तारण सुनिश्चित किया जाय, जिससे शासन-प्रशासन के प्रति आमजन का विश्वास और अधिक सुदृढ़ हो सके।