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अखिलेश यादव की सरकार में किसानों का हित सर्वोपरि: राजेंद्र चौधरी

Gargachary Times 13 April 2026, 20:34 106 views
Mathura
अखिलेश यादव की सरकार में किसानों का हित सर्वोपरि: राजेंद्र चौधरी
समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव किसानों के प्रति पूर्ण तथा संवेदनशील एुवं समर्पित हैं| समाजवादी सरकार में अन्नदाता और खेत/खलिहान में खुशाहाली की दिशा में जो प्रयास शुरू हुए थे उसे पूरी ईमानदारी से श्री अखिलेश यादव ने बतौर मुख्यमंत्री अमलीजामा पहनाया। उन्होंने किसानों का जीवन समृद्ध एवं खुशहाल बनाने के क्रम में 2015 के बजट में उस वर्ष को किसान वर्ष घोषित करने के साथ अनेक कल्याणकारीयोजनाओं को लागू किया1 पिछले दशाक (2012-2017) में उत्तर प्रदेश में पूर्ण बहुमत की निरवाचित सरकार का मुख्यमंत्री बनने पर श्री अखिलेश यादव ने किसानों को खुशाहाल बनाने के लिए कई दूरदर्शी निर्णय लिए । उन नीतियों के क्रियान्वयन से किसानों के जीवन में स्थाई बदलाव हुआ। श्रीअखिलेश यादव ने किसानों से भूमि अधिग्रहण कर उन्हे समुचित मुआवजा देते हुए उनकी समस्याओ के समाधान हेतु ठोस पहल की | नोएडा से आगरा यमुना एक्सप्रेस-वे निर्माण कीयोजना तो पिछली सरकार ने बनाई थी श्री अखिलेश यादव ने योजना को पूरी कराने के साथउसका उदूघाटन कर जनता को सुविधाए दी | इसके लिए जिन किसानों की भूमि का अधिग्रहणकिया गया था, उन कुषकों की मांगों के परीक्षण उनकी समस्याओों के निस्तारण हेतु तत्कालीनकारागार केबिनेट मंत्री श्री राजेन्द्र चौधरी की अध्यक्षता में एक सदस्यीय उच्चस्तरीय कमेटीगठित की गई | कश्री राजेन्र चौधरी से गौतमबुद्धनगर, बुलंदशहर, अलीगढ़, हाथरस, मथुराऔर आगरा के किसानों के समूहों ने मिलकर अपनी भूमि का उचित मुआवजा, उनके गांवों केलिए यमुना एक्सप्ेस वे पर विशेष रूप से बाजना कट सहित अन्य मुद्दों के समाधान हेतलगातार मिलते रहे1 तत्कालीन मुख्यमंत्री श्री अखिलेश यादव के विश्वास से 2013 में कारागार मंत्री श्री राजेन्र चौधरी की अध्यक्षता में गठित समिति द्वारा प्र्तुत संस्तुत्तियॉ पर 29 अगस्त 2014 कोशासनादेश निर्गत किया गया। जिसके द्वारा प्राधिकरण क्षेत्र में भू अर्जन एवं सीधे क्रम द्वाराप्राप्त भूमि के दिए गए प्रतिकर पर 64.7 प्रतिश्त अतिरिक्त मुआवजा किसानों को दिए जानेका निर्देश दिया गया। जनपद गौतमबुद्वनगर में 2007-08 के लिए निरधारित 800 रुपयेप्रतिवर्गमीटर पर अतिरिक्त मुआावजा 64.7 प्रतिशत करते हुए 517.60 रुपये प्रतिवर्गमीटरनि्धारित किया गया । इसी प्रकार यमुना एक्सप्रेसवे प्राधिकरण के अन्य जनपदों बुलंदशहर, अलीगढ़, हाथरस, मथुरा, आगरा के लिए अतिरिक्त मुआवजा क्रमश: 517.60, 267.90, 267.90, 251, 251, 274.30 रुपये प्रतिवर्ग मीटर निरधारित हुआ। तल्कालीन कैबिनेट मंत्री राजेन्र चौधरी के सामने कई प्रलोभन और दबाव आए।कारपोरेट ताकतों ने अपने लाभ के लिए उनसे बार-बार संपर्क किया। लेकिन पूर्व प्रधानमंत्री श्री चौधरी चरण सिंह से प्रेरित किसान नीतियों पर चलने वाली श्री अखिलेश यादव सरकार केकैबिनेट मंत्री श्री राजेंद्र चौधरी, गाजियाबाद के पूर्व विधायक, को चौधरी चरण सिंह जी ने 1974में गाजियाबाद विधानसभा क्षेत्र से बीकेडी (भारतीय क्रांति दल) का प्रत्याशी बनाया था। जिन्होनें इन सभी आग्रहों को अस्वीकार करते हुए किसानों की उचित मांगों को अक्षरशर: मानकर किसानोंके प्रति संवेदनशील भाव रखने वाले तत्कालीन मुख्यमंत्री क्री अखिलेश यादव से अपनी अध्यक्षता में गठित एक सदस्यीय समिति की संतुत्तियों को स्वीकार करवाते हुए 5245 (पॉंच हजार दो सौ पैंतालीस) करोड़ रुपये सरकार के कोष से जारी करवाए। इसी क्रम में किसानों की मांग परयमुना एक्सप्रेस वे पर अन्य लाभ दिये जाने के सम्बंध में बाजना कट की संस्तुति करवा कर समीप वर्ती गांवों के किसानों को राहत दिलाया गया।| इसी क्रम में किसानों को राहत दिए जाने कीदिशा में कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए | जिसके अनुसार यदि कोई काशतकार प्राधिकरण से नगद प्रतिकर के स्थान पर भू खंड लेता है तो उसे 10 प्रतिशत की छूट दिए जाने से प्राधिकरण पर कोई वित्तीय भार भी नहीं पड़ेगा, सहित किसान हित में कई प्रावधानों को सुूनिशिचित कराया गया। समाजवादी सरकार का किसानों को अतिरिक्त मुआवजा देने का ऐसा दूसरा उदाहरण कहीं और नहीं दिखाई देता है। तल्कालीन मुख्यमंत्री श्री अखिलेश यादव ने किसानों के प्रति उदार निर्णय लेते हुए प्रदेश की राजधानी लखनऊ से आगरा तक निर्मित लखनऊ-आगरा एक्सप्रेसवे निर्माण में हुएभूमि अधिग्रहण के लिए यमुना एक्सप्रेस वे भूमि अधिग्रहण के किसानों को 64.7 प्रतिशत का अतिरिक्त मुआवजा देकर कुषकों की समस्याओं का समाधान किया गया।| इतना ही नहीं एक्सपग्रेस वेके किनारे मंडियों का निरमाण कर किसानों के फसलों को बाजार उपलक्ध कराने की दिशा में स्थाई समाधान किया। आगरा लखनऊ एक्सप्रेसवे पर दो मंडियों पहला मैनपुरी जिले के करहल क्षेत्र में हवेलिया मंडी एवं दूसरा कन्नौज में ठठिया मंडी का निरमाण कराया गया था जो समाजवादी सरकार जाने के बाद आज भी अधूरा है । इन मंडियों से आलू, अनाज और लहसुन की पैदावार कर रहें किसानों को बड़ा लाभ मिलता। लेकिन मौजूदा सरकार के किसान विरोधी निर्णय से मंडीयों का संचालन नहीं हो सका| मैनपुरी की सांसद श्रीमती डिंपल यादव ने सितम्बर 2025 में मैनपुरी के जिलाधिकारी. को हवेलिया मंडी के निर्माण के संदर्भ में एक पत्र भी लिखा लेकिन उस दिशा मे कोई प्रयास नहीं किया गया1 आगरा-लखनऊ एक्सप्रेस वे के 22 महीने के निर्माण काल में भूमि अधिग्रहण किसानों की सहमतिसे हुआा जिसमें किसानों को श्री अखिलेश् यादव के मुख्यमंत्री काल में सरकार द्वारा सर्किल रेट से4 से 6 गुना ज्यादा मुआवजा दिया गया था1 बीते वर्षों में किसान आंदोलन के दौरान जब किसान और सरकार एक दूसरे के सामने आ गए थेउस समय किसानों के एक समूह और जमीन मालिकों ने भूमि अधिग्रहण में उचित मुआवजा के लिएसमुग्रम कोर्ट में अपील किया जिसके जवाब में सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस महामहिम श्री बी आर गवई कीअगुवाई वाली बेंच ने कई याचिकाओं पर सुनवाई के बाद नबप्बर 2024 को 49 पेजों का फैसलासुनाते हुए यमुना विकास प्राधिकरण क्षेत्र के कषकों की मांगों के परीक्षण एवं उनकी समस्याओं कनिस्तारण हेतु गठित कमेटी की संस्तुत्तियों के उपरांत निर्गत 64.7 प्रतिशत अतिरिक्त मुआवजा को स्वीकार करते हुए उसकी सराहना किया और इसे किसानों के हित में बताया1 इसमें दो राय नही कि समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री अखिलेश यादव की प्राथमिकता मेंकुथि एवं किसान है, अन्नदाता किसान की खुशाहाली और उसके हितों के प्रति वे संदैव जागरूक और सतर्क रहे है1 गांवों की सुरत और सीरत बदले इसके लिए श्री अखिलेश यादव सतत प्रयासशील रहे हैं| अपने मुख्यमंत्री काल में किसान को उसकी फसल का लाभग्रद मूल्य मिले और उसे खेती के उपयोग में आने वाली खाद, बीज, कीटनाशक तथा कृपि यंत्र सब आसानी से, समय से और कम मूल्य परउपलक्ध हो इसके लिए वे अतिरिक्त सावधानी बरते रहे हैं | इसलिए आज किसानों का भरोसा श्री अखिलेश यादव पर है, विश्वास है कि उनके नेतृत्व में ही किसानों की जिंदगी में खुशाहाली औरबदलाव आएगा
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