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औद्योगिक अशांति फैलाने वालों से सावधान रहें श्रमिक: सीएम योगी

Gargachary Times 13 April 2026, 20:43 99 views
Muzaffarpur
औद्योगिक अशांति फैलाने वालों से सावधान रहें श्रमिक: सीएम योगी
मुजफ्फरनगर: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि उत्तर प्रदेश प्रगति के पद पर आगे बढ़ रहा है, लेकिन कुछ लोग इसके खिलाफ षड्यंत्र कर रहे हैं। उन्होंने प्रदेश के श्रमिकों से अपील की कि वे औद्योगिक अशांति फैलाने वालों से सावधान रहें और उनके प्रयासों को किसी भी कीमत पर सफल न होने दें। डबल इंजन सरकार विकास व विरासत की यात्रा को मजबूती से आगे बढ़ा रही है, जिसमें श्रमिकों, किसानों, युवाओं और महिलाओं को केंद्र में रखा गया है। सरकार एक ओर जहां आधुनिक तकनीक, रोजगार और निवेश को बढ़ावा दे रही है, वहीं दूसरी ओर कानून व्यवस्था और श्रमिक हितों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है। सीएम ने भरोसा दिलाया कि औद्योगिक विकास के साथ सामाजिक सुरक्षा भी सुनिश्चित रहेगी, ताकि प्रदेश में शांति, स्थिरता और समृद्धि का वातावरण बना रहे। श्रमिकों और कार्मिकों के साथ हो सीधा संवाद मुजफ्फरनगर में सोमवार को ₹951 करोड़ की 423 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि आज उत्तर प्रदेश में डबल इंजन की सरकार प्रधानमंत्री मोदी जी के नेतृत्व में सुरक्षा, सुशासन और सेवा का एक मजबूत मॉडल प्रस्तुत कर रही है। लेकिन जब प्रदेश विकास और शांति की ओर अग्रसर है, कुछ लोग षड्यंत्र के तहत अशांति फैलाने की चेष्टा कर रहे हैं। सीएम ने सभी औद्योगिक इकाइयों में कार्यरत कार्मिकों व श्रमिकों से अपील करते हुए कहा कि वे याद करें, कोरोना काल में सरकार किस तरह उनके साथ खड़ी रही। उस कठिन समय में सरकार ने श्रमिकों के लिए परिवहन, क्वारंटीन और भोजन की व्यवस्था सुनिश्चित की, उन्हें सुरक्षित घर तक पहुंचाया। औद्योगिक अशांति पैदा करने वाले लोगों से सावधान रहें। न्यूनतम मानदेय की गारंटी मिलेगी मुख्यमंत्री ने कहा कि मैं सभी उद्योगों से भी इस संबंध में अपील करता हूं कि वे श्रमिकों और कार्मिकों के साथ सीधा संवाद स्थापित करें। हमारी सरकार श्रमिकों के साथ है। सरकार उद्यमियों को सुरक्षा देगी और हर श्रमिक को संरक्षण भी प्रदान करेगी, साथ ही उनका उचित मानदेय सुनिश्चित करेगी। हमने गत वर्ष ही एक कॉरपोरेशन का गठन कर दिया है और इसी महीने उसकी सिफारिशें लागू होने वाली हैं। इसके तहत चाहे सफाई कर्मचारी हो या आउटसोर्सिंग पर कार्य करने वाला कोई भी युवा, उसे न्यूनतम मानदेय की गारंटी मिलेगी। सरकार द्वारा निर्धारित राशि सीधे उसके खाते में जाएगी, कोई भी बिचौलिया उसके हक पर डकैती नहीं डाल सकेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह व्यवस्था केवल सरकारी विभागों तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि अगले चरण में इसे औद्योगिक संस्थानों में भी लागू करने की दिशा में कार्य किया जा रहा है, ताकि हर श्रमिक को सामाजिक सुरक्षा मिल सके। हमने शिक्षकों, शिक्षामित्रों, अनुदेशकों, रसोइयों, आंगनबाड़ी और आशा वर्करों को भी 5 लाख रुपये तक की कैशलेस स्वास्थ्य सुविधा प्रदान की है। आगे बीमा कंपनियों के साथ मिलकर यह प्रयास किया जा रहा है कि प्रत्येक श्रमिक को स्वास्थ्य सुरक्षा उपलब्ध कराई जा सके। लोकमाता अहिल्याबाई होल्कर ने दिखाया न्याय और सुशासन का आदर्श मॉडल मुख्यमंत्री ने कहा कि यह मेरा सौभाग्य है कि मुझे शुकदेव की इस पावन धरा पर, भारत रत्न चौधरी चरण सिंह जी व चौधरी अजीत सिंह जी की कर्मभूमि पर आज यहां लोकमाता अहिल्याबाई होल्कर की दिव्य प्रतिमा के अनावरण का अवसर प्राप्त हुआ है। लोकमाता अहिल्याबाई होल्कर की 350वीं जयंती गत वर्ष प्रधानमंत्री मोदी जी की प्रेरणा से पूरे देश में धूमधाम के साथ मनाई गई थी। उसी समय केंद्र और राज्य सरकार ने यह निर्णय लिया था कि लोकमाता अहिल्याबाई होल्कर की स्मृतियों को जीवंत बनाए रखने के लिए श्रमजीवी महिला छात्रावासों का निर्माण किया जाएगा। वर्तमान में प्रदेश में 14 श्रमजीवी महिला छात्रावास निर्माणाधीन हैं, जो लोकमाता की स्मृतियों की ओर हम सबका ध्यान आकर्षित करेंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि जगन्नाथ पुरी से लेकर सोमनाथ तक, काशी विश्वनाथ से लेकर रामेश्वरम तक भारत की गुलामी के उस कालखंड में, जब मुगल आक्रांताओं के कारण व्यवस्था जकड़ी हुई थी, तब भी लोकमाता अहिल्याबाई होल्कर भारत की विरासत के संरक्षण के लिए पूरी तन्मयता से कार्य कर रही थीं। न्याय और सुशासन का आदर्श मॉडल कैसा होता है, यह लोकमाता अहिल्याबाई होल्कर ने भारत को दिखाया। वह मालवा की शासक थीं, लेकिन पूरे देश की सांस्कृतिक धरोहर के संरक्षण के लिए समर्पित रहीं। आज का काशी विश्वनाथ मंदिर उसी का उदाहरण है, जिसका पुनर्निर्माण लोकमाता अहिल्याबाई होल्कर ने कराया था, जब औरंगजेब ने उसे ध्वस्त कर दिया था। लोकमाता अहिल्याबाई को हर सच्चा भारतीय नमन करता है। राष्ट्रनायक की कोई जाति नहीं होती मुख्यमंत्री ने कहा कि लोकमाता का जो योगदान है, चौधरी साहब का जो योगदान है, वह जाति के लिए नहीं है, व्यक्ति के लिए नहीं है, बल्कि देश के लिए है। उनके योगदान के कारण ही हम सब आज यहां हैं। महापुरुषों को सम्मान मिलना चाहिए। महापुरुषों को जाति के संकीर्ण दायरे में मत बांधिए। यह देश तब गुलाम हुआ था, जब हमने महापुरुषों को जातीय सीमाओं में बांधने का पाप किया था। आप मुझे बताइए कि धन सिंह कोतवाल ने प्रथम स्वतंत्रता संग्राम में जो शंखनाद किया, क्या वह किसी जाति के लिए था? जो लोग मुजफ्फरनगर में शहीद हुए, क्या उन्होंने अपने परिवार के लिए बलिदान दिया था? महारानी लक्ष्मीबाई, महाराणा प्रताप, छत्रपति शिवाजी महाराज, गुरु गोविंद सिंह जी महाराज, क्या इन्होंने किसी जाति के लिए संघर्ष किया था? नहीं, उन्होंने देश और धर्म के लिए संघर्ष किया, और स्वदेश तथा धर्म की रक्षा के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर कर दिया। सीएम ने कहा कि चौधरी साहब ने भी सबके कल्याण की बात की। उन्होंने किसान, गांव, श्रमिक, युवाओं, खेत और खलिहान की बात की। उन्होंने कभी जाति की बात नहीं की। यही उनका बड़प्पन है। उन महापुरुषों के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करना हम सभी का दायित्व है। इसलिए मैं आपसे अपील करूंगा कि महापुरुषों को जातीय संकीर्णता में बांधने का पाप न करें। ये महापुरुष राष्ट्रनायक हैं, समाज के हैं, देश के मार्गदर्शक हैं। राष्ट्रनायक की कोई जाति नहीं होती। राष्ट्रनायक वह होता है जो देश को दिशा देता है। युवा उनसे प्रेरणा लेता है। भारत का सैनिक जब सीमा पर लड़ता है, तो वह जाति नहीं देखता, वह देश देखता है। यदि कोई दुश्मन देश की सीमाओं में घुसने का प्रयास करता है, तो भारत का जवान उसका मुंहतोड़ जवाब देता है। वह हर जाति का है, लेकिन उसकी पहचान एक है- भारत। इसलिए राष्ट्रीय मुद्दों पर राजनीति नहीं होनी चाहिए। कुछ क्षेत्रों को हमें राजनीति से ऊपर रखना चाहिए, जहां देश सर्वोपरि हो। देश रहेगा, तो हम सब रहेंगे। बाबा साहेब ने पूरे समाज के लिए काम किया मुख्यमंत्री ने कहा कि मंगलवार को बाबा साहेब डॉ. भीमराव आंबेडकर जी की पावन जयंती का कार्यक्रम है। हमारी सरकार ने हाल में यह निर्णय लिया है कि बाबा साहेब आंबेडकर जी, संत रविदास जी, महर्षि वाल्मीकि जी, संत गाडगे जी और महात्मा ज्योतिबा फुले जी समेत सामाजिक न्याय से जुड़े सभी महापुरुषों की जहां भी सार्वजनिक स्थानों पर मूर्तियां हैं, यदि वहां बाउंड्री वॉल या छत नहीं है, तो सरकार उसके लिए धन उपलब्ध कराएगी। सरकार उन मूर्तियों को सुरक्षित करेगी। बाउंड्री वॉल भी बनाएगी और ऊपर छत भी देगी। महापुरुष सबके होते हैं। जिस संविधान ने हमें शक्ति दी, आगे बढ़ने का अधिकार दिया, उसके शिल्पी बाबा साहेब थे। क्या उन्होंने किसी एक जाति के लिए काम किया? नहीं, उन्होंने पूरे समाज के लिए काम किया। इसलिए इन महापुरुषों को संकीर्ण दायरे में नहीं देखना चाहिए। उनके प्रति सम्मान और कृतज्ञता का भाव होना चाहिए और उसी प्रेरणा से हमें आगे बढ़ना चाहिए। बाबा साहेब का संविधान ही हमें नौकरी और रोजगार की गारंटी देता है, आगे बढ़ने की प्रेरणा देता है और गौरव के साथ जीवन जीने की दिशा प्रदान करता है। 2017 से पहले नहीं लगते थे उद्योग, भर्तियों में था भाई-भतीजावाद मुख्यमंत्री ने कहा कि यह वही उत्तर प्रदेश है जहां 2017 से पहले नए उद्योग नहीं लगते थे, बल्कि पुराने उद्योगों में भी तालाबंदी होती थी। बेटियां और व्यापारी सुरक्षित नहीं थे। मुजफ्फरनगर, शामली, मेरठ, बुलंदशहर, गाजियाबाद और मुरादाबाद, हर जगह यही स्थिति थी। पहचान का संकट था। आज स्थिति पूरी तरह बदल चुकी है। रोजगार के अवसर बढ़े हैं, कानून व्यवस्था मजबूत हुई है। 2017 से पहले की भर्तियों में पूर्व सरकारों ने नियमों का पालन नहीं किया था, क्योंकि वे भाई-भतीजावाद को बढ़ावा देना चाहती थीं। लेकिन अब पारदर्शिता के साथ भर्ती प्रक्रिया को लागू किया गया है। 2017 में राज्य के पास मात्र 3000 पुलिसकर्मियों के प्रशिक्षण की क्षमता थी। गत वर्ष हमने 60,244 पुलिसकर्मियों की भर्ती की। ये सभी युवा, जिसमें सर्वाधिक मुजफ्फरनगर व बागपत के जवान शामिल हैं, उत्तर प्रदेश के प्रशिक्षण केंद्रों में ही ट्रेनिंग ले रहे हैं। 20 तारीख को उनकी ट्रेनिंग पूरी हो रही है और उसके बाद वे उत्तर प्रदेश पुलिस का हिस्सा बनकर अपने-अपने थानों में ड्यूटी देंगे, जिसमें बेटियां भी होंगी और नौजवान भी। हर हाथ को काम, यही हमारी प्राथमिकता मुख्यमंत्री ने कहा कि अभी जब मैं यहां रोजगार मेले में घूम रहा था, तो यहां के नौजवानों के चेहरों की चमक देख रहा था और मुझे बहुत अच्छा लगा। जब नौजवान के चेहरे पर नया विश्वास दिखता है, तो वह विश्वास भारत के भविष्य का प्रतीक होता है। मुझे अच्छा लगता है जब मैं अपने अन्नदाता किसान को हंसते हुए देखता हूं। मुझे अच्छा लगता है जब हमारी बेटियां और बहनें सुरक्षित होती हैं। यही विश्वास नए भारत के निर्माण की आधारशिला है, जिसके साथ प्रधानमंत्री जी आगे बढ़ रहे हैं। हर नौजवान को स्किलफुल बनाना, इमर्जिंग टेक्नोलॉजी के साथ-साथ ट्रेडिशनल टेक्नोलॉजी को जोड़कर हर हाथ को काम देना, यही हमारी प्राथमिकता है। आज यहां हजारों की संख्या में लोग मौजूद हैं, जितने लोग अंदर हैं और उससे भी अधिक बाहर। आज यहां हमने मुजफ्फरनगर के विकास के लिए ₹951 करोड़ की परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया है। इन योजनाओं में ‘सेंटर ऑफ इनोवेशन, इन्क्यूबेशन एंड ट्रेनिंग जैसी अत्याधुनिक सुविधाएं भी शामिल हैं, जहां युवाओं को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, रोबोटिक्स, ड्रोन टेक्नोलॉजी और 3-डी प्रिंटिंग जैसे आधुनिक क्षेत्रों में प्रशिक्षण दिया जाएगा। आज का युवा स्मार्टफोन का उपयोग तो जानता है, लेकिन यदि वह इन तकनीकों का औद्योगिक उपयोग सीख ले, तो देश और दुनिया में उसकी मांग बढ़ेगी और उसे बेहतर रोजगार के अवसर मिलेंगे। इसी उद्देश्य से ये नए प्रयास शुरू किए गए हैं। दुनिया के कई देशों में महंगाई चरम पर, लेकिन भारत में स्थिति नियंत्रित मुख्यमंत्री ने कहा कि हम आज जो सुरक्षा के साथ सुखद अनुभूति कर रहे हैं, क्या वैसी अनुभूति पाकिस्तान, ईरान, दुबई, कतर, इराक या यूरोप में संभव है? यह प्रधानमंत्री मोदी जी के नेतृत्व का परिणाम है कि आज 145 करोड़ भारतीय सुरक्षित हैं। यह नए भारत की ताकत है। दुनिया के कई देशों में महंगाई चरम पर है, पेट्रोलियम पदार्थों के दाम कई गुना बढ़ गए हैं, लेकिन भारत में स्थिति नियंत्रित है। केंद्र सरकार जनता को राहत देने के लिए प्रतिदिन करोड़ों रुपये का अतिरिक्त खर्च वहन कर रही है, ताकि आम नागरिक पर बोझ न पड़े। जब सुरक्षा का वातावरण होता है, तो व्यक्ति का आत्मविश्वास बढ़ता है। लेकिन अनुकूल परिस्थितियों में अनुशासन भी बनाए रखना आवश्यक है और विपरीत परिस्थितियों में धैर्य नहीं खोना चाहिए। जो व्यक्ति इन दोनों का पालन करता है, उसका भविष्य उज्ज्वल होता है। विकास और विरासत की इस यात्रा को एनडीए शानदार तरीके से आगे बढ़ाएगी, मजबूती के साथ, बिना रुके, बिना डिगे, बिना झुके। हर बेटी को सुरक्षा देंगे, हर व्यापारी को सुरक्षा देंगे, हर नौजवान के हाथ को काम देंगे और हर अन्नदाता किसान के खेत को पानी देने के साथ यह भी सुनिश्चित करेंगे कि उसकी उपज का उसे अच्छा दाम मिले। यह सरकार की गारंटी है और सरकार इसे पूरी तरह निभाने का काम करेगी। इस अवसर पर केंद्र सरकार में राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) कौशल विकास एवं उद्यमिता जयंत चौधरी, प्रदेश सरकार में विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्री अनिल कुमार, राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) व्यावसायिक शिक्षा एवं कौशल विकास कपिल देव अग्रवाल, ऊर्जा राज्य मंत्री सोमेन्द्र तोमर, बिजनौर के सांसद चंदन चौहान, पूर्व केंद्रीय मंत्री संजीव बालियान, अध्यक्ष जिला पंचायत डॉ. वीरपाल निर्वाल, भाजपा क्षेत्रीय अध्यक्ष सत्येंद्र सिसोदिया, लोक दल के क्षेत्रीय अध्यक्ष तरुण पाल मालिक, सदस्य विधान परिषद वंदना वर्मा, विधायक राजपाल सिंह बालियान, मदन भैया, मिथिलेश पाल और अध्यक्ष नगर पालिका परिषद मीनाक्षी स्वरूप उपस्थित रहीं।
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