Loading...

आगरा-जलेसर मार्ग की दुर्दशा और बदहाली पर 'जिम्मेदारों' की चुप्पी, हथेली पर जान रखकर सफर कर रही जनता

Gargachary Times 20 April 2026, 20:23 112 views
Agra
आगरा-जलेसर मार्ग की दुर्दशा और बदहाली पर 'जिम्मेदारों' की चुप्पी, हथेली पर जान रखकर सफर कर रही जनता
आगरा एक तरफ उत्तर प्रदेश सरकार सड़कों को 'गड्ढा मुक्त' करने का दावा कर रही है, वहीं दूसरी तरफ आगरा-जलेसर मार्ग अपनी दुर्दशा पर आंसू बहा रहा है। टेढ़ी बगिया से लेकर जलेसर तक का सफर अब किसी सुरक्षित यात्रा की जगह 'मौत से मुकाबले' जैसा हो गया है। सड़क की हालत इतनी जर्जर है कि यहाँ सफर करने वाले लोग कहते हैं, "इस मार्ग पर चलना है तो हथेली पर जान रखकर निकलिए।" गड्ढों में तब्दील हुआ मार्ग, सड़क हादसों का अंबार क्षेत्रीय जनता लोगों के अनुसार टेढ़ी बगिया, नाई सराय, नादऊ, मुड़ी चौराहा, बास मोहन सहाय, उस्मानपुर, आंवलखेड़ा, खांडा और जमाल नगर और जिला एटा के सराय नीम, नगला उम्मेद, नगला छोकर, गुदाऊ, घड़ी जलेसर जैसे क्षेत्रों में सड़क के नाम पर सिर्फ गहरे गड्ढे बचे हैं। आंकड़ों की मानें तो पिछले महज तीन महीनों में नाई सराय और उस्मानपुर के बीच ही करीब 10 से 15 लोग सड़क हादसों में अपनी जान गंवा चुके हैं। इसके बावजूद शासन प्रशासन और विभाग कुंभकर्णी नींद सोए हुए हैं। श्रद्धालुओं की आस्था पर भी भारी बदहाली यह मार्ग केवल स्थानीय लोगों के लिए ही नहीं, बल्कि धार्मिक दृष्टि से भी अत्यंत महत्वपूर्ण है। इसी मार्ग पर युग ऋषि पंडित श्रीराम शर्मा आचार्य जी की पावन जन्मभूमि 'आंवलखेड़ा' और गायत्री शक्तिपीठ स्थित है। देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालु यहाँ मत्था टेकने आते हैं, लेकिन मार्ग की बदहाली उनके स्वागत में धूल और जानलेवा गड्ढे परोस रही है। 'कोर्ट' का बहाना या लापरवाही? जब जनप्रतिनिधियों और उनके समर्थकों का रटा-रटाया जवाब मिलता है कि मामला 'कोर्ट में विचाराधीन' है। इस पर क्षेत्रीय लोगों का तीखा सवाल है—माना कि मामला कोर्ट में है, लेकिन क्या माननीय न्यायालय ने गड्ढों को भरने और लोगों की जान बचाने के लिए पैच वर्क करने से भी मना किया है?" जनप्रतिनिधियों की चुप्पी से नाराज जनता अब सोशल मीडिया पर भी उतर आई है। उस्मानपुर के पूर्व प्रधान रूपेंद्र चौहान, वरिष्ठ अधिवक्ता रामप्रकाश सिंह, कुशल पाल सिंह, अजय बघेल, जितेंद्र चौहान, मनोज चौहान, प्रशांत, सोहन राणा, रजत बघेल, आदि सहित और भी कई क्षेत्रीय लोग पिछले चार-पांच दिनों से ऑनलाइन अभियान चला रहे हैं। लोगों का कहना है कि अगर जल्द ही सड़क की मरम्मत शुरू नहीं हुई, तो वे धरना के लिए मजबूर होंगे। मुख्य मांगें: * आगरा से जलेसर तक तत्काल गड्ढा मुक्ति अभियान चलाया जाए। * सड़क हादसों को रोकने के लिए अंधेरे मोड़ों पर संकेतक और लाइट की व्यवस्था हो। * कोर्ट केस का बहाना छोड़ वैकल्पिक व्यवस्था के तहत सड़क को चलने लायक बनाया जाए। अब देखना यह है कि क्या प्रशासन इन चीखों को सुनता है या फिर किसी और बड़े हादसे का इंतजार किया जा रहा है।
Follow Samachar24