आगरा में छात्र सुरक्षा पर बड़ा हस्तक्षेप, DPS प्रकरण में प्रशासनिक जांच समिति गठित कराने की मांग पर कार्रवाई शुरू
Gargachary Times
27 April 2026, 21:05
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Agra
एक बच्चे की चोट केवल एक परिवार की पीड़ा नहीं, पूरे शिक्षा तंत्र के लिए चेतावनी होती है. दिल्ली पब्लिक स्कूल, आगरा में छात्र विश्वराज के साथ हुई गंभीर हिंसक घटना को लेकर आज प्रोग्रेसिव एसोसिएशन ऑफ़ पेरेंट्स अवेयरनेस (PAPA NGO) के राष्ट्रीय संयोजक दीपक सिंह सरीन, पीड़ित छात्र के पिता पीयूष मल्होत्रा के साथ पहले जिलाधिकारी महोदय से मिले और प्रकरण में अविलंब प्रशासनिक जांच समिति गठित करने की मांग की.
जिलाधिकारी आगरा ने विषय की गंभीरता स्वीकार करते हुए तत्काल एसडीएम सदर सहित अधिकारियों को नामित कर प्रशासनिक जांच समिति गठित करने के निर्देश दिए तथा विद्यालय से CCTV साक्ष्य मंगाने की कार्यवाही भी प्रारंभ कराई. यह छात्र सुरक्षा के प्रश्न पर महत्वपूर्ण प्रशासनिक हस्तक्षेप है.
इसके उपरांत प्रतिनिधिमंडल पुलिस कमिश्नर से मिला. कमिश्नर महोदय ने छात्र पर हुए आपराधिक कृत्य के संबंध में अग्रिम विधिक कार्यवाही बढ़ाने हेतु अधीनस्थ अधिकारियों को निर्देशित किया. साथ ही पीड़ित पक्ष द्वारा उठाए गए गंभीर प्रश्न, छात्रों द्वारा स्कूल परिसर में घातक सामग्री/पंच जैसे उपकरण लाए जाने को संज्ञान में लेते हुए सभी स्कूलों के लिए इस विषय में परामर्श/नोटिस जारी करने तथा छात्रों की जांच एवं काउंसलिंग संबंधी दिशा-निर्देशों पर कार्यवाही का आश्वासन दिया.
बैठक में पीड़ित पक्ष द्वारा दिल्ली पब्लिक स्कूल की छत पर लगभग ढाई फीट की बाउंड्री वॉल की सुरक्षा पर भी गंभीर आपत्ति दर्ज कराई गई, इस आशंका के साथ कि संघर्ष की स्थिति में कोई बच्चा नीचे गिरता तो बड़ी दुर्घटना हो सकती थी. इस पर पुलिस कमिश्नर द्वारा विद्यालय प्रधानाचार्य को तलब किए जाने की बात कही गई.
PAPA NGO की ओर से दीपक सिंह सरीन ने कहा कि यह केवल एक घटना नहीं बल्कि “Student Safety Governance” का प्रश्न है. शिक्षा का अधिकार अधिनियम 2009 के तहत बच्चों को भयमुक्त एवं सुरक्षित शिक्षा वातावरण मिलना चाहिए. CBSE संबद्ध विद्यालयों पर student safety, supervision और anti-bullying safeguards की जिम्मेदारी है. राष्ट्रीय एवं राज्य बाल अधिकार संरक्षण ढांचा भी सुरक्षित शैक्षिक वातावरण को बच्चों के अधिकार से जोड़ता है. ऐसे में यह मामला दो छात्रों के विवाद तक सीमित नहीं, बल्कि संस्थागत जवाबदेही का प्रश्न है.
दीपक सिंह सरीन ने कहा कि PAPA NGO की मांग स्पष्ट है, निष्पक्ष जांच, जवाबदेही और preventive reforms. स्कूल ब्रांड से नहीं, बच्चों की सुरक्षा से प्रतिष्ठित होते हैं.
संस्था की ओर से इस गंभीर घटना के संबंध में उत्तर प्रदेश राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग, राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग (NCPCR), माध्यमिक शिक्षा विभाग तथा CBSE बोर्ड को भी लिखित रूप से अवगत कराते हुए आवश्यक हस्तक्षेप एवं कार्यवाही की मांग की गई है.
दीपक सिंह सरीन ने कहा कि यह प्रकरण केवल एक छात्र के न्याय का नहीं, बल्कि प्रदेश के विद्यालयों में छात्र सुरक्षा मानकों की समीक्षा का अवसर है. देशभर के अभिभावकों, छात्र हितैषियों और जागरूक नागरिकों से आह्वान है कि बच्चों की सुरक्षा को लेकर अब सामूहिक आवाज उठाई जाए.