फिरोजाबाद में राष्ट्रीय लोक अदालत कार्यक्रम का उद्धाटन मा0 जनपद न्यायाधीश डॉ० बब्बू सारंग द्वारा माँ सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्वलन कर किया गया
Gargachary Times
9 May 2026, 21:02
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Firozabad
फिरोजाबाद में राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्घाटन माननीय जनपद न्यायाधीश/अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, फिरोजाबाद डा० बब्बू सारंग द्वारा माँ सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्वलन कर किया गया।
इस अवसर पर श्री अरविन्द कुमार सिंह, प्रधान न्यायाधीश, परिवार न्यायालय, श्री विशु राजा, अपर जिलाधिकारी (वि०/रा०), फिरोजाबाद, श्री रवि शंकर प्रसाद, पुलिस अधीक्षक (नगर), जिला बार एसोसिएशन के अध्यक्ष सहित अनेक न्यायिक अधिकारी, अधिवक्तागण एवं गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए माननीय जनपद न्यायाधीश डा० बब्बू सारंग ने कहा कि राष्ट्रीय लोक अदालत न्याय व्यवस्था को आमजन के अधिक निकट लाने का एक महत्वपूर्ण एवं प्रभावी माध्यम है। इसके माध्यम से वादों का निस्तारण आपसी सहमति एवं समझौते के आधार पर सरल, त्वरित एवं सौहार्दपूर्ण ढंग से किया जाता है। उन्होंने कहा कि लोक अदालतों की विशेषता यह है कि यहाँ विवादों के समाधान में केवल विधिक प्रक्रिया ही नहीं, बल्कि पक्षकारों के बीच आपसी संवाद, विश्वास एवं समझ को भी महत्व दिया जाता है, जिससे विवादों का स्थायी एवं व्यावहारिक समाधान संभव हो पाता है।
उन्होंने आगे कहा कि न्यायपालिका का उद्देश्य केवल वादों का निस्तारण करना ही नहीं, बल्कि समाज में शांति, सद्भाव और आपसी समरसता को बनाए रखना भी है। लोक अदालतों के माध्यम से पक्षकारों को न केवल समय और धन की बचत होती है, बल्कि उनके पारस्परिक संबंध भी सुरक्षित रहते हैं। ऐसे प्रयासों से न्यायपालिका के प्रति आमजन का विश्वास और अधिक सुदृढ़ होता है। अंत में उन्होंने इस आयोजन को सफल बनाने में योगदान देने वाले सभी अधिकारियों, अधिवक्ताओं एवं कर्मचारियों के प्रति आभार व्यक्त किया।
कार्यक्रम का संचालन करते हुए जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव सुश्री योगेश शिवा ने कहा कि राष्ट्रीय लोक अदालत का उद्देश्य वादों का आपसी समझौते के आधार पर त्वरित, सुलभ एवं निःशुल्क निस्तारण करना है, जिससे पक्षकारों को लम्बी और जटिल न्यायिक प्रक्रिया से राहत मिल सके। उन्होंने बताया कि इस लोक अदालत में पारिवारिक विवाद, बैंक ऋण प्रकरण, मोटर दुर्घटना दावा प्रकरण, विद्युत एवं जल बिल संबंधी मामले सहित विभिन्न प्रकार के वादों का निस्तारण किया गया।
उन्होंने आगे कहा कि लोक अदालतें न्याय को सरल, सुलभ और त्वरित रूप से उपलब्ध कराने का प्रभावी मंच हैं, जो समाज में भाईचारे, सद्भाव और आपसी सहयोग की भावना को भी प्रोत्साहित करती हैं। उन्होंने जनसामान्य से अपील की कि वे इस प्रकार की लोक अदालतों का अधिकाधिक लाभ उठाकर अपने विवादों का समाधान आपसी सहमति एवं सौहार्दपूर्ण वातावरण में करें। अंत में उन्होंने सभी न्यायिक अधिकारियों, अधिवक्ताओं एवं कर्मचारियों के प्रति आभार व्यक्त किया, जिनके सहयोग से यह आयोजन सफलतापूर्वक सम्पन्न हो सका।
राष्ट्रीय लोक अदालत में कुल 164782 वादों का निस्तारण किया गया, जिनमें अर्थदण्ड एवं समझौता राशि कुल मु० 11,72,76,359/- रुपये रही। इनमें से मुख्यतः जनपद न्यायालय द्वारा वाद, परिवार न्यायालयों द्वारा 7800 वाद तथा मोटर दुर्घटना दावा अधिकरण द्वारा 54 वादों का निस्तारण किया गया, जिनमें मु० 3,13,77,480/- रुपये की समझौता राशि निर्धारित की गई। इसी प्रकार राजस्व न्यायालयों द्वारा 55290 वादों का निस्तारण किया गया। बैंक प्रकरणों में वसूली योग्य 1736 वादों में कुल 8,20,00,000/- रुपये की धनराशि का सैटलमेंट किया गया। इसके अतिरिक्त अन्य विभागों द्वारा 99948 वादों का निस्तारण किया गया।
जनपद न्यायालय, फिरोजाबाद के न्यायिक अधिकारियों द्वारा भी लोक अदालत में विभिन्न वादों का निस्तारण किया गया। इनमें डा० बब्बू सारंग, जनपद न्यायाधीश द्वारा 01 वाद, सुनील कुमार सिंह-।।, अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश, एस.सी./एस.टी. एक्ट द्वारा 02 वाद, मुमताज अली, स्पेशल जज पोक्सो एक्ट द्वारा 01 वाद, साक्षी शर्मा, अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश, कोर्ट सं०-4 द्वारा 706 वाद, अर्चना गुप्ता अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश कोर्ट सं०-9 द्वारा 04 वाद, आेमवीर सिंह अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश, पोक्सो कोर्ट सं०-3 द्वारा 01 वाद, रमेश चन्द अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश, कोर्ट सं०-8 द्वारा 01 वाद, संदीप कुमार सिंह, अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश, पोक्सो कोर्ट सं०-2 द्वारा 02 वाद, निर्दोष कुमार अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश कोर्ट सं०-10 द्वारा 02 वाद, श्याम बाबू अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश कोर्ट सं०-7 द्वारा 03 वाद, देव दत्त, अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश, एफ०टी०सी० कोर्ट सं०-1 द्वारा 01 वाद तथा विमल वर्मा, अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश, एफ०टी०सी० कोर्ट सं०-2 द्वारा 03 वाद निस्तारित किये गये।
इसी प्रकार मजिस्ट्रेट न्यायालयों में मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट विजय कुमार वर्मा द्वारा 4338 वाद, अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट फिरोजाबाद सुश्री नगमा खान द्वारा 237 वाद, अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट शिकोहाबाद श्रद्धा देवा द्वारा 1306 वाद, अपर सिविल जज (सी०डि०) फिरोजाबाद अंकुर चौधरी द्वारा 270 वाद, सिविल जज जू०डि० फिराेजाबाद सुश्री सिखा चौधरी द्वारा 02 वाद, ग्राम न्यायालय जसराना के न्यायाधीश पुनीत मोहन दास द्वारा 210 वाद, सिविल जज (जू०डि०) शिकोहाबाद श्रीमती अरोम रमन पिसेज द्वारा 07 वाद, अपर सिविल जज जू०डि० शिकोहाबाद कोर्ट सं० 02 प्रशांत द्वारा 176 वाद, अपर सिविल जज जू०डि० फिरोजाबाद कोर्ट सं० 01 श्रीमती युग्मिता प्रताप द्वारा 208 वाद, सिविल जज (जू०डि०)/एफ०टी०सी०-2 फिरोजाबाद अरविन्द कुमार सिंह द्वारा 202 वाद, विशेष न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम मुनेश कुमार सिंह द्वारा 03 वाद तथा विशेष न्यायिक मजिस्ट्रेट द्वितीय अनिल प्रताप सिंह द्वारा 01 वाद का निस्तारण किया गया।