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वृंदावन में 'कृष्णा भक्ति-पद' पुस्तक का भव्य विमोचन

Gargachary Times 18 May 2026, 12:42 235 views
Mathura
वृंदावन में 'कृष्णा भक्ति-पद' पुस्तक का भव्य विमोचन
​वृंदावन। वाणी प्रकाशन ग्रुप के 63वें वर्ष के उपलक्ष्य में रविवार को गीता शोध संस्थान, वृंदावन के सभागार में एक ऐतिहासिक साहित्यिक और सांस्कृतिक उत्सव संपन्न हुआ। 21वीं सदी के अनन्य कृष्ण भक्त, भक्त-प्रवर कविवर दास नारायण द्वारा रचित एवं उमेश शर्मा द्वारा संपादित पुस्तक 'कृष्णा भक्ति-पद' का भव्य विमोचन किया गया। समारोह में देश की जानी-मानी राजनीतिक, आध्यात्मिक और साहित्यिक हस्तियों ने शिरकत की, जिससे पूरा परिसर कृष्णमय हो उठा। कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रही श्रीमती हेमा मालिनी ने दीप प्रज्वलित कर समारोह की शुरुआत की। उन्होंने अपने अध्यक्षीय संबोधन में कहा:​"ब्रज की माटी का कण-कण भक्ति से सराबोर है। कविवर दास नारायण जी की यह कृति आधुनिक युग में युवाओं को हमारी सनातन संस्कृति और कृष्ण भक्ति से जोड़ने का एक अद्भुत माध्यम है। इस पुस्तक के पद सीधे हृदय को छूते हैं और यह ब्रज साहित्य की एक अमूल्य धरोहर साबित होगी। ​"ब्रज की माटी का कण-कण भक्ति से सराबोर है। कविवर दास नारायण जी की यह कृति आधुनिक युग में युवाओं को हमारी सनातन संस्कृति और कृष्ण भक्ति से जोड़ने का एक अद्भुत माध्यम है। इस पुस्तक के पद सीधे हृदय को छूते हैं और यह ब्रज साहित्य की एक अमूल्य धरोहर साबित होगी।" प्रख्यात कथावाचक अनिरुद्धाचार्य महाराज ने अपने दिव्य वचनों से पंडाल में बैठे भक्तों को निहाल किया। उन्होंने कहा कि कलयुग में कीर्तन और भक्ति पद ही ईश्वर प्राप्ति का सबसे सरल साधन हैं। यह पुस्तक केवल पन्नों का पुलिंदा नहीं, बल्कि साक्षात राधा-कृष्ण के प्रति अनन्य प्रेम का प्रकटीकरण है। जीएलए विश्वविद्यालय के उप कुलपति प्रो. अनूप गुप्ता ने साहित्यिक दृष्टिकोण से पुस्तक की भाषा-शैली की सराहना की। इसी के साथ हीसमाज में नैतिक मूल्यों के पुनर्निर्माण में अध्यात्म की भूमिका पर प्रकाश डाला। मुख्यमंत्री उत्तर प्रदेश के सूचना सलाहकार रहीस सिंह ने उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा ब्रज संस्कृति के उत्थान के प्रयासों को रेखांकित करते हुए पुस्तक की प्रशंसा की इसी क्रम में ​विमोचित पुस्तक 'कृष्णा भक्ति-पद' 21वीं सदी के परिप्रेक्ष्य में लिखी गई एक बेजोड़ साहित्यिक कृति है। संपादक उमेश शर्मा ने कविवर दास नारायण के भक्ति भावों को बड़ी कुशलता से पिरोया है। समारोह का मुख्य आकर्षण 'कृष्णा भक्ति पदों' का सजीव गायन रहा। सुप्रसिद्ध गायक कन्हैया लाल चतुर्वेदी एवं सौरभ चतुर्वेदी ने जब पुस्तक में संकलित पदों को अपनी सुमधुर और शास्त्रीय शैली में गाना शुरू किया, तो सभागार में मौजूद हर श्रद्धालु झूमने पर मजबूर हो गया। ​कार्यक्रम के अंत में वाणी प्रकाशन ग्रुप के प्रबंध निदेशक अरुण माहेश्वरी, कार्यकारी निदेशक अदिति माहेश्वरी-गोयल और कार्यक्रम के संयोजक चंद्र प्रकाश सिकरवार ने सभी आगंतुक अतिथियों, प्रबुद्धजीवियों और कृष्ण भक्तों के प्रति आभार व्यक्त किया।
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