सुप्रीम कोर्ट की फटकार के बाद शायद बच पाए चंबल के जलीय जीवों की जान, कोर्ट की नाराजगी के बाद एक्शन मोड में पुलिस एवं प्रशासन
Gargachary Times
19 May 2026, 20:14
69 views
Dholpur
डा हरिप्रकाश लवानिया धौलपुर
बरसों से चला आ रहा चंबल बजरी का अवैध कारोबार सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों एवं नाराजगी के बाद रुक पाएगा यह तो भविष्य एवं परिस्थितियों पर निर्भर करता है किंतु सुप्रीम कोर्ट की फटकार के बाद पांच जिलो की पुलिस एवं प्रशासनिक अधिकारी चंबल बजरी के अवैध कारोबार को रोकने में युद्ध स्तर पर लग गए हैं जहां से चंबल बजरी ट्रैक्टर एवं ट्रकों में भरी जाती है वहां से लेकर चंबल बजरी जिन रास्तों से लेजाई जाती है उन रास्ते पर विभिन्न तरीकों से मॉनिटरिंग किए जाने के बंदोबस्त किए जा रहे हैं पुलिस के अलावा वन विभाग एवं खनन विभाग भी एक्शन मोड में आ गया है पुलिस द्वारा कई थानो के थाना अधिकारी एवं जवानों को विशेष जिम्मेदारियां दी गई है जिन गांवों से चंबल बजरी भरकर वाहन गुजरते हैं उन ग्रामीणों को पुलिस का सहयोग करने एवं सूचना दिए जाने एवं सहयोग करने की अपील की गई है
दरअसल चंबल बजरी का यह कारोबार बरसों से फल फूल रहा है प्रशासन एवं पुलिस के लाख प्रयासों के बावजूद जैसे-जैसे चंबल बजरी पर नियंत्रण की कोशिश की गई वैसे ही इस कारोबार में नए लोग जुड़ते गए धौलपुर जिले में इस कारोबार से हजारों परिवारों की रोजी-रोटी चलती है इस बार प्रशासन व पुलिस द्वारा की गई कढ़ाई के बाद अबउनके सामने रोजी-रोटी का संकट उत्पन्न हो गया है
इससे पहले ही न्यायालय द्वारा घड़ियालो के लिए सुरक्षित चंबल क्षेत्र में किसी भी प्रकार की गतिविधियां करने पर पाबंदी लगाई गई थी तथा उस क्षेत्र को प्रतिबंधित क्षेत्र घोषित कर दिया गया लेकिन बजरी का दोहन लगातार जारी रहा इस बार सीईसी की रिपोर्ट पर सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने वन्य जीवों की सुरक्षा में लापरवाही को लेकर प्रशासनिक अधिकारियों को जोरदार फटकार लगाते हुए अपनी नाराजगी जाहिर की अदालत ने राजस्थान के गृह वित एवं वन पर्यावरण एवं परिवहन विभाग के सचिवों को व्यक्तित्व रूप से अदालत में हाजिर होने के निर्देश दिए हैं सुप्रीम कोर्ट ने सरकार से पूछा कि दोषी अधिकारियों पर क्या कार्यवाही हुई एवं इस अवैध खनन को रोकने के लिए कौन से कदम उठाए गए बिना रजिस्ट्रेशन के सड़कों पर बजरी भरकर दौड़ने वाले वाहनों को कैसे रोका जारहा है और भविष्य में उनके खिलाफ किस प्रकार के कदम उठाए जाएंगे न्यायालय द्वारा की गई इस कार्यवाही के बाद 15 मई 2026 से जीरो टॉलरेंस की नीति लागू कर दी गई है इसके तहत अवैध बजरी का परिवहन करने वाले साधनों को जप्त किया जाएगा जिन कीछूटने की संभावना नहीं के बराबर होती है चंबल बजरी का परिवहन करने वाले साधनों पर कठोर न्यायिक प्रक्रिया अपनाई जाएगी
वहीदूसरी अवैध चंबल बजरी भरकर दर्जनों की संख्या में हवा से बातें करते हुए अवैध बजरी से भरे ट्रैक्टरों को सड़कों पर फर्राटे भरते देखा जा सकता था बेरोकटोक यातायात के नियमों की धज्जियां उड़ाते इन बाहनों से अनेक लोग अकाल मौत के मुंह में जा चुके हैं मोटे तौर पर देखें तो ताजा घटना जनवरी महीने की है जहां सर मथुरा थाना इलाके में अवैध बजरी खनन से भरी ट्रैक्टर ट्रॉली को रोकने पर एक वनरक्षक जितेंद्र सिंह शेखावत को बजरी माफीयाओ ने ट्रैक्टर चढ़ाकर रौंधदिया जिससे उसकी उपचार के दौरान अस्पताल में मौत हो गई जुलाई 2025 में गुलाब बाग चौराहे पर तेज रफ्तार बजरी माफिया के ट्रैक्टर ने बाइक सवार पिता पुत्री को कुचल दिया वर्ष 2024 में राजाखेड़ा धौलपुर मार्ग पर बेकाबू बजरी ट्रैक्टर ने एक टेंपो को जोरदार टक्कर मार दी जिससे टेंपो में सवार तीन लोगों के घटनास्थल पर भर्ती हो गई इसके अलावा सितंबर में एक 7 साल की बच्ची को ट्रैक्टर में कुचल दिया जिससे उसने घटनास्थल पर ही दम तोड़ दिया मई 2022 में गुलाब बाग के पास बजरी से भरे ट्रैक्टर ट्राली ने एक ऑटो को टक्कर मार दी जिसमें दो महिलाओं की मौत हुई निकटवर्ती कस्बा खेरागढ़ में एक पुलिस जवान को उस समय कु चल दिया गया जब वह अवैध बजरी भरकर ले जा रहे ट्रैक्टर को रोकने का प्रयास कर रहा था यह घटनाएं तो केवल एक बानगी हैं इन बजरी माफियाओं आतंक का अंदाज़ इस बात से लगाए जा सकता है की बजरी भरकर ग्रामीण क्षेत्रों से गुजरने वाले ट्रैक्टर ट्राली से ग्रामीणों को अपने बच्चों का विशेष रूप से ध्यान रखना पड़ता था तथा बच्चों को उस रास्ते के आसपास जाने की मनाही ही थी जिन रास्तों से अवैध चंबल बजरी भरकर ट्रैक्टरों का गुजरना होता था
पुलिस की माने तो राष्ट्रीय चंबल सेंचुरी क्षेत्र में प्रतिबंधित बजरी खनन एवं परिवहन पर प्रभावी रोक लगाने के लिए धौलपुर पुलिस ने सख्त निगरानी व्यवस्था लागू करने की तैयारी शुरू की है अवैध खनन और प्रवीण गतिविधियों पर नजर रखने के लिए जिले के 27 प्रमुख मार्ग एवं चिन्हित स्थानों पर सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे इसके साथ ही चिन्हित 16 घाटों पर मोबाइल परियों के जरिए लगातार पेट्रोलियम भी कराई जाएगी पुलिस अधीक्षक विकास सागवान के अनुसार माननीय क्षेत्र न्यायालय में विचार अधीन एम का तथा राजस्थान सरकार के निर्देशों की पालना में यह कार्यवाही की जा रही है इसका उद्देश्य राष्ट्रीय चंबल सेंचुरी क्षेत्र में अवैध बजरी खनन एवं प्रबंध पर प्रभावी अंकुश लगाना पर्यावरण संरक्षण एवं दुर्लभ जीवों की सुरक्षा करना है सीसीटीवी लगाने वाले स्थान में थाना सर मथुरा सोने का गुर्जा कोतवाली राजाखेड़ा सदर देहौली बड़ी तथा बसई डांग थाने शामिल है इसके अलावा 16 घाटों पर मोबाइल टीम टीम गठित की गई है
प्रशासन द्वारा की गई इन तैयारीयो से चंबल बजरी से जुड़े लोगों में बेचैनी एवं हड़कंप मचा हुआ है