हरित क्रांति की ओर कदम: CIRG और सामाजिक वानिकी प्रभाग के बीच हुआ अहम एमओयू, 10 साल तक होगा वृक्षों का रखरखाव
Gargachary Times
22 May 2026, 21:05
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Mathura
फरह। फरह शुक्रवार पर्यावरण संरक्षण और हरित आवरण बढ़ाने की दिशा में एक बड़ी पहल करते हुए भा.कृ.अ.प.-केंद्रीय बकरी अनुसंधान संस्थान (CIRG), मखदूम और सामाजिक वानिकी प्रभाग के बीच शुक्रवार को महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए गए। इस एमओयू का मुख्य उद्देश्य संस्थान परिसर और आसपास के क्षेत्र में बड़े पैमाने पर वृक्षारोपण कर पर्यावरणीय संतुलन को मजबूत करना है।
यह समझौता केंद्र व राज्य सरकार के “एक पेड़ माँ के नाम” अभियान, भूमि क्षरण नियंत्रण, कार्बन सिंक निर्माण, जैव विविधता संरक्षण और स्थानीय सूक्ष्म जलवायु सुधार जैसे राष्ट्रीय लक्ष्यों को ध्यान में रखकर किया गया है। इसके तहत CIRG द्वारा वृक्षारोपण के लिए बड़ी मात्रा में भूमि उपलब्ध कराई जाएगी। वहीं सामाजिक वानिकी प्रभाग वैज्ञानिक मानकों के अनुसार पौधारोपण, सिंचाई, सुरक्षा, पौध प्रतिस्थापन और अगले 10 वर्षों तक पौधों की नियमित देखरेख करेगा। वृक्षों की प्रजातियों का चयन स्थानीय जलवायु और पारिस्थितिकी के अनुरूप किया जाएगा।
इस मौके पर CIRG के निदेशक डॉ. मनीष कुमार चेटली ने कहा कि संस्थान कृषि-पशुपालन अनुसंधान के साथ पर्यावरण संरक्षण के लिए भी प्रतिबद्ध है। यह पहल परिसर में हरित क्षेत्र बढ़ाने, प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण और स्वच्छ वातावरण बनाने में अहम भूमिका निभाएगी। साथ ही वैज्ञानिकों और विद्यार्थियों में पर्यावरणीय जागरूकता भी बढ़ेगी।
सामाजिक वानिकी प्रभाग के प्रभागीय निदेशक श्री वेंकटा श्रीकर पटेल (IFS) ने कहा कि वृक्षारोपण पर्यावरणीय जरूरत के साथ सामाजिक उत्तरदायित्व भी है। यह संयुक्त पहल क्षेत्र में कार्बन अवशोषण क्षमता, मिट्टी व जल संरक्षण को मजबूत करेगी। पौधों की दीर्घकालिक सुरक्षा के लिए तकनीकी निरीक्षण की व्यवस्था रहेगी।
एमओयू के तहत दोनों संस्थान आपसी समन्वय से काम करेंगे और समय-समय पर संयुक्त निरीक्षण व समीक्षा बैठकें होंगी। कार्यक्रम में दोनों विभागों के वरिष्ठ अधिकारी, वैज्ञानिक और कर्मचारी मौजूद रहे और सभी ने हरित विकास के प्रति प्रतिबद्धता जताई।