बिजलीघर के कंट्रोल रूम में भाजपा पार्षद द्वारा की गई अभद्रता से विद्युत कर्मियों में आक्रोश, संविदा कर्मियों ने की कार्य के बहिष्कार की घोषणा
Gargachary Times
26 May 2026, 18:37
69 views
Mathura
वृंदावन। पुनीत शुक्ला
रंगजी बिजलीघर के कंट्रोल रूम में घुसकर कर्मचारियों के साथ की गई अभद्रता और सरकारी कार्य में बाधा डालने के विरोध में विद्युत अधिकारी और संविदा कर्मचारी पूरी तरह लामबंद हो गए हैं। भाजपा पार्षद और उनके समर्थकों के कथित दुर्व्यवहार से आक्रोशित होकर संविदा कर्मियों ने सामूहिक रूप से काम बंद कर अनिश्चितकालीन हड़ताल का एलान कर दिया है। इसके चलते क्षेत्र के तीन प्रमुख बिजलीघरों रंगजी, पागल बाबा और चैतन्य विहार में कामकाज पूरी तरह ठप हो गया है, जिससे विद्युत आपूर्ति व्यवस्था चरमरा गई है।
कंट्रोल रूम में उपद्रव और अभद्रता का आरोप
बिजली विभाग के एसडीओ संदीप वार्ष्णेय ने घटना पर कड़ा रोष जताते हुए कहा कि वार्ड संख्या 50 के भाजपा पार्षद शशांक शर्मा और उनके समर्थकों ने जनसमस्याओं के बहाने बिजलीघर का घेराव किया। प्रदर्शन के नाम पर कंट्रोल रूम के भीतर घुसकर ड्यूटी पर तैनात कर्मचारियों के साथ तीखी तकरार और घोर अभद्रता की गई। अधिकारी ने इसे सीधे तौर पर सरकारी कार्य में व्यवधान और कर्मचारियों की सुरक्षा से खिलवाड़ बताया है।
'अपमान और गालियां सहकर नहीं करेंगे नौकरी'
मीडिया से बातचीत में पीड़ित संविदा कर्मियों का दर्द और आक्रोश साफ झलका। कर्मचारियों ने एकजुट होकर कहा कि हम अपने परिवारों को छोड़कर, दिन-रात विपरीत परिस्थितियों में भी जनता की सेवा और लाइनों को ठीक करने में जुटे रहते हैं। जनप्रतिनिधियों के फोन आने पर भी तुरंत काम किया जाता है। इसके बावजूद अगर बिजलीघर के भीतर आकर हमें 'दलाल' कहा जाएगा, गालियां दी जाएंगी और हमारा अपमान किया जाएगा, तो हमारे आत्मसम्मान का क्या? ऐसे डर और अपमान के माहौल में काम करना असंभव है।
संविदा कर्मचारियों ने साफ कर दिया है कि यह उनके स्वाभिमान की लड़ाई है। पूर्व में भी भाजपा नेताओं द्वारा कर्मचारियों के साथ इस तरह के दुर्व्यवहार की घटनाएं हो चुकी हैं, जिसे भाईचारे के नाते टाल दिया गया था, लेकिन बार-बार होने वाले इस उत्पीड़न को अब बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
कर्मचारियों की मांग है कि जब तक विद्युत विभाग के उच्च अधिकारी (एसडीओ और एक्सियन) मौके पर आकर उनकी सुरक्षा का ठोस आश्वासन नहीं देते और अभद्रता करने वालों के खिलाफ एफ आई आर दर्ज करके सख्त कार्रवाई नहीं होती, तब तक हड़ताल जारी रहेगी। कर्मचारियों ने यहां तक चेतावनी दी है कि यदि उन्हें न्याय नहीं मिला, तो वे सामूहिक इस्तीफा सौंपने के लिए मजबूर होंगे।