वामन जयंती महोत्सव में गरजे ब्राह्मण नेता, बोले- ब्राह्मण समाज अब चुप नहीं रहेगा
Gargachary Times
28 May 2026, 20:43
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Mathura
मनोज अग्रवाल
वृंदावन। राष्ट्रीय ब्राह्मण सेवा संघ के तत्वावधान में चार संप्रदाय आश्रम में श्री वामन भगवान का जयंती महोत्सव मनाया गया।
अध्यक्षता करते हुए महंत श्री बृज बिहारी दास जी महाराज ने कहा के इस वर्ष पुरुषोत्तम मास (अधिक मास)
होने के कारण संपूर्ण मास में ब्रज में प्रतिदिन कोई ना कोई महोत्सव किया जाता है। श्री महंत जी ने ब्राह्मण सेवा संघ की प्रशंसा करते हुए कहा के इस समय ब्राह्मण राजनीति के हाशिये पर हैं। सभी पार्टी ब्राह्मणों के पीछे पड़ी हुई है जबकि ब्राह्मण के बिना सनातन धर्म ही नहीं होगा। इन्होंने कहा कि इस समय की सरकार भी ब्राह्मण विरोधी एवं सवर्ण विरोधी कार्य कर रही है।
राष्ट्रीय ब्राह्मण सेवा संघ के संस्थापक पं. चंद्र लाल शर्मा एवं राष्ट्रीय अध्यक्ष आचार्य आनंद बल्लभ गोस्वामी ने पीला व्यक्त करते हुए कहा कि इस समय वर्तमान सरकार सवर्ण विरोधी कार्य कर रही है। यूजीसी आंदोलन चरम पर है लेकिन सरकार को केवल वोट बैंक की चिंता है। ऐसा ही रहा तो अब ब्राह्मण चुप नहीं रहेगा। राष्ट्रीय ब्राह्मण सेवा संघ अभी से इस विषय में रणनीति तैयार कर रहा है।
पं. श्री चंद्र प्रकाश बांका लाठी एवं राजू द्विवेदी राजू भैया ने कहा कि भगवान श्री वामन का जन्म शुक्ल पक्ष की द्वादशी तिथि में हुआ था इसलिए आज वामन द्वादशी महोत्सव का आयोजन किया गया है यह अद्भुत परंपरा है। ब्राह्मण सदैव समाज का हित चिंतन करता है, तभी तो वामन भगवान ने पूरी पृथ्वी समाज कल्याण के लिए दान कर दी।
जिला अध्यक्ष अखिलेश तिवारी एवं महानगर अध्यक्ष गोविंद नारायण शर्मा ने कहा कि श्री वामन भगवान एवं भगवान परशुराम ने सदैव लोक कल्याण किया है वामन भगवान ने पूरी पृथ्वी मंगली और समाज को दे दी इस प्रकार भगवान परशुराम ने भी पूरी पृथ्वी जीतकर कौन है लोक कल्याण में लगा दी। लेकिन इस समय वर्तमान सरकार यूजीसी कला कानून लाकर ब्राह्मण समाज को नजर अंदाज कर रही है। यदि ऐसा ही रहा हो तो अब ब्राह्मण इस पार्टी के लिए भी अब हमें सोचना पड़ेगा।
इस अवसर पर रामनारायण बृजवासी, योगेंद्र बृजवासी, आचार्य नरेश नारायण, गोविंद पचौरी, राम शर्मा , लवेश भाई, दीपक मोतीवाला, जितेंद्र शर्मा, नितिन शर्मा, गोपाल नारायण शर्मा, बंटी बृजवासी, योगेश योगीराज, राघव भारद्वाज, बृजेश शर्मा, विनीत द्विवेदी, विजयलक्ष्मी, हरि वर्षा कौशल।