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फार्मर रजिस्ट्री में शत-प्रतिशत लक्ष्य प्राप्ति हेतु एक माह का चलेगा विशेष अभियान

Gargachary Times 1 June 2026, 19:51 50 views
Mainpuri
फार्मर रजिस्ट्री में शत-प्रतिशत लक्ष्य प्राप्ति हेतु एक माह का चलेगा विशेष अभियान
मैनपुरी - जिलाधिकारी डॉ. इंद्रमणि त्रिपाठी ने जनपद में फॉर्मर रजिस्ट्री की प्रगति खराब होने के फलस्वरुप प्रदेश में जनपद 74वंे नंबर पर होने के फलस्वरुप फॉर्मर रजिस्ट्री की प्रगति में सुधार कराने के लिए खुद कमान संभाली, आज उन्होंने तहसील सदर, भोगांव के लेखपालों, कृषि विभाग के ए.टी.एम. बीटीएम सहित राजस्व, कृषि विभाग के अधिकारियों को फॉर्मर रजिस्ट्री की प्रगति सुधारने के मंत्र दिए। उन्होंने कहा कि सभी लेखपाल अपने क्षेत्र की क्लेम- अनक्लेम, मृतक, डबल, ऐसे व्यक्ति जिनकी जानकारी नहीं हो पा रही है, की सूची तैयार करें, सबसे पहले अवशेष लोगों के अंश निर्धारण कर अंश निर्धारण के 72 घंटे के बाद फार्मर रजिस्ट्री करायें, उसके बाद मृतक के वारिशान दर्ज कर उनकी फॉर्मर रजिस्ट्री की जाये। उन्होने कहा कि फॉर्मर रजिस्ट्री केवल एक सरकारी अभियान नहीं बल्कि किसानों को भविष्य की सभी कल्याणकारी योजनाओं से जोड़ने का आधार है, फॉर्मर रजिस्ट्री में जनपद की स्थिति अपेक्षित स्तर तक नहीं पहुंची है इसलिए अब कार्य को अभियान मोड में संचालित किया जाएगा, आगामी एक माह तक सभी तहसीलों में विशेष अभियान चलाकर लंबित प्रकरणों का निस्तारण कराया जाएगा तथा प्रत्येक पात्र किसानों की फॉर्मर रजिस्ट्री सुनिश्चित की जाएगी। श्री त्रिपाठी ने कहा कि फॉर्मर रजिस्ट्री के संबंध में अब पारंपरिक कार्यप्रणाली छोड़कर व्यवस्थित तरीके से कार्य करने की आवश्यकता है। उन्होंने लेखपालों को निर्देश देते हुए कहा कि बिना रणनीति के किए जा रहे प्रयासों से अपेक्षित परिणाम प्राप्त नहीं होंगे, प्रत्येक लेखपाल अपने क्षेत्र के लिए माइक्रो-प्लान तैयार करे तथा गांववार लक्ष्य निर्धारित कर कार्यवाही सुनिश्चित करे। उन्होने लेखपालों को फॉर्मर रजिस्ट्री की कार्य-प्रणाली समझाते हुए कहा कि सबसे पहले प्रत्येक राजस्व गांव में 02 सूचियां तैयार की जाएं, पहली सूची उन किसानों की होगी जिनकी फार्मर रजिस्ट्री पूर्ण हो चुकी है तथा दूसरी सूची उन किसानों की बनायी जाये, जिनका पंजीकरण अभी लंबित है, दोनों सूचियों का मिलान कर देखा जाए कि कहीं एक ही किसान का नाम दोनों सूचियों में तो दर्ज नहीं है। उन्होने कहा कि सूची मिलान के दौरान प्राप्त होने वाले मामलों को चार प्रमुख श्रेणियों में विभाजित किये जाएं, पहली श्रेणी डी-प्लस, दूसरी मृतक किसानों, तीसरी डुप्लीकेट प्रविष्टियां तथा चौथी अनट्रेसेबल अर्थात ऐसे व्यक्तियों की जो गांव में निवास नहीं करते या जिनकी पहचान नहीं हो पा रही है, प्रत्येक श्रेणी की पृथक सूची तैयार कर नियमानुसार कार्यवाही की जाए। उन्होंने कहा कि नाम गलत हो सकता है लेकिन गाटा संख्या गलत नहीं होंगे इसलिए प्रत्येक गाटा संख्या का सत्यापन कर वास्तविक किसान तक पहुंचना होगा। उन्होंने कहा कि केवल लेखपालों के भरोसे लक्ष्य प्राप्त करना संभव नहीं है, प्रत्येक राजस्व गांव में पंचायत सहायकों, कॉमन सर्विस सेंटर संचालकों तथा स्थानीय शिक्षित युवाओं को सहयोगी के रूप में जोड़ा जाए, ग्राम प्रधानों के सहयोग से ऐसे युवाओं का चयन किया जाए जो तकनीकी कार्यों में सहयोग कर सकें। उन्होंने कहा कि प्रत्येक लेखपाल अपने क्षेत्र के प्रत्येक राजस्व गांव में कम से कम दो से तीन सहयोगी तैयार करे और उनका विवरण तहसील स्तर पर उपलब्ध कराए, पंचायत सहायक, सीएससी संचालक, राजस्व कर्मी एवं स्थानीय स्वयंसेवक एक टीम के रूप में कार्य करें, प्रत्येक गांव में किसानों से संपर्क स्थापित कर आवश्यक दस्तावेज एकत्र किए जाएं तथा मौके पर ही समस्याओं का समाधान किया जाए। इस दौरान उप जिलाधिकारी सदर, भोगांव अभिषेक कुमार, नीरज कुमार द्विवेदी, तहसीलदार सदर, भोगांव हरेंश कर्दम, गौरव दयाल, जिला कृषि अधिकारी अभिशंाक चौहान, नायब तहसीलदार शौर्य वर्धन राठौर सहित संबंधित तहसीलों के समस्त लेखपाल, कृषि विभाग के ए.टी.एम. बीटीएम आदि उपस्थित रहे।
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