नगर पालिका के ठोस अपशिष्ट प्रबंधन एवं रेमेडिएशन कार्यों का निरीक्षण
Gargachary Times
1 June 2026, 19:52
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Mainpuri
मैनपुरी - जिलाधिकारी डॉ. इन्द्रमणि त्रिपाठी ने नगर पालिका के ठोस अपशिष्ट प्रबंधन एवं रेमेडिएशन कार्यों का निरीक्षण करते हुए अधिशाषी अधिकारी नगर पालिका को निर्देशित किया कि कूड़ा निस्तारण की पूरी प्रक्रिया पारदर्शी एवं जवाबदेह बनाई जाए, रेमेडिएशन कार्य के दौरान निकलने वाले आर.डी.एफ., जैविक खाद तथा इन्टर्न सामग्री का प्रथक-प्रथक अभिलेख रखे जाएं, जिससे प्रत्येक उत्पाद की मात्रा एवं उपयोग का स्पष्ट विवरण अंकित किया जाये। उन्होने निर्देश दिए कि ट्रॉमेल मशीन का संचालन निर्धारित मानकों के अनुरूप किया जाए तथा कूड़े का शत-प्रतिशत वैज्ञानिक प्रथक्करण सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि कूड़े से प्राप्त होने वाले आर.डी.एफ. को अलग से संग्रहित कर उसके उपयोग एवं विक्रय की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि आर.डी.एफ. का उपयोग विद्युत उत्पादन संयंत्रों तथा सीमेंट उद्योगों में ईंधन के रूप में किया जाता है इसलिए यह नगर पालिका के लिए राजस्व का एक महत्वपूर्ण स्रोत बन सकता है। उन्होंने कहा कि जैविक सामग्री से तैयार होने वाली कम्पोस्ट खाद एवं बायोफर्टिलाइजर के उत्पादन पर विशेष ध्यान दिया जाए, तैयार खाद की पैकिंग कर बिक्री के लिए उपलब्ध कराया जाए, जिससे नगर पालिका की आय में वृद्धि हो सके साथ ही यदि आवश्यक हो तो आस-पास के किसानों को भी यह खाद उपलब्ध करायी जाए जिससे कृषि उत्पादन बढ़ाने में सहायता मिले।
श्री त्रिपाठी ने कहा कि कूड़े से निकलने वाली अनुपयोगी इन्टर्न सामग्री को छोड़कर शेष उपयोगी संसाधनों का अधिकतम उपयोग सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने निर्देश दिए कि केवल अंतिम अवशेष सामग्री को ही लैंडफिल साइट पर भेजा जाए, जिससे भूमि का अनावश्यक उपयोग न हो और लैंडफिल साइट पर दबाव कम किया जा सके। उन्होने अधिशाषी अधिकारी नगर पालिका को निर्देशित किया कि कार्यदायी संस्था द्वारा किए जा रहे कार्यों की नियमित निगरानी की जाए, नगर पालिका की ओर से एक जिम्मेदार अधिकारी अथवा प्रबंधक को नामित किया जाए जो प्रतिदिन कार्य की प्रगति, प्राप्त उत्पादों की मात्रा तथा उनके निस्तारण एवं विक्रय की जानकारी का सत्यापन करे। उन्होने अनुबंध की शर्तों की समीक्षा करने के निर्देश देते हुए कहा कि यह सुनिश्चित किया जाए कि कार्यदायी संस्था द्वारा रेमेडिएशन प्रक्रिया से प्राप्त होने वाली सामग्री के संबंध में समुचित अभिलेख रखे जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि आर.डी.एफ., खाद अथवा अन्य उपयोगी सामग्री के विक्रय से प्राप्त होने वाले राजस्व का स्पष्ट लेखा-जोखा उपलब्ध होना चाहिए, जिससे भविष्य में किसी प्रकार की आपत्ति की स्थिति उत्पन्न न हो। उन्होंने कहा कि कूड़ा निस्तारण केंद्र पर धुएं एवं आग की घटनाओं को रोकने के लिए तत्काल प्रभावी व्यवस्था की जाए, कार्यदायी संस्था को पर्याप्त संख्या में श्रमिक एवं संसाधन उपलब्ध कराते हुए नियमित रूप से पानी का छिड़काव कराने तथा धुआं निकलने वाले स्थानों पर त्वरित कार्यवाही सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। उन्होने कहा कि यह कार्य कार्यदायी संस्था की जिम्मेदारी है इसमें किसी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। उन्होने कहा कि कूड़ा निस्तारण का उद्देश्य केवल अपशिष्ट हटाना नहीं बल्कि उससे उपयोगी संसाधनों का उत्पादन कर नगर पालिका की आय बढ़ाना भी है। उन्होंने कहा कि वैज्ञानिक ठोस अपशिष्ट प्रबंधन के माध्यम से अधिकतम संसाधन पुन प्राप्त किए जाएं तथा पूरी प्रक्रिया को पर्यावरणीय मानकों के अनुरूप संचालित किया जाए।
इस दौरान अधिशासी अधिकारी नगर पालिका बुद्धि प्रकाश सहित नगर पालिका का अन्य स्टॉफ आदि उपस्थित रहे।