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विश्व पर्यावरण दिवस विशेष: रपड़ी बना पर्यावरण संरक्षण और ईको टूरिज्म का नया मॉडल

Gargachary Times 4 June 2026, 20:01 50 views
Firozabad
विश्व पर्यावरण दिवस विशेष: रपड़ी बना पर्यावरण संरक्षण और ईको टूरिज्म का नया मॉडल
फिरोजाबाद। विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर जनपद का रपड़ी ईको टूरिज्म केंद्र पर्यावरण संरक्षण और पर्यटन विकास के सफल मॉडल के रूप में चर्चा में है। कभी एक साधारण प्राकृतिक स्थल के रूप में पहचाना जाने वाला रपड़ी अब प्रकृति संरक्षण, हरित विकास और ईको टूरिज्म का आकर्षक केंद्र बनकर उभर रहा है। यहां प्राकृतिक वातावरण को सुरक्षित रखते हुए पर्यटकों के लिए आधुनिक और पर्यावरण-अनुकूल सुविधाएं विकसित की जा रही हैं।रपड़ी में पहले से नेचर ट्रेल, व्यूइंग प्वाइंट, हरित सार्वजनिक स्थल और सौर ऊर्जा आधारित व्यवस्थाएं विकसित की जा चुकी हैं। अब राज्य सरकार यहां 3.47 करोड़ रुपये की लागत से नई विकास परियोजना पर तेजी से काम कर रही है, जिससे यह स्थल परिवारों, बच्चों और प्रकृति प्रेमियों के लिए और अधिक आकर्षक बनेगा। जैव विविधता और प्रकृति शिक्षा का बनेगा केंद्र नई परियोजना के तहत यहां आधुनिक इंटरप्रिटेशन सेंटर, बच्चों के लिए नेचर लर्निंग जोन, सोलर फोटोवोल्टिक सिस्टम, आकर्षक पाथवे, नया प्रवेश द्वार, बलुआ पत्थर से बने बैठने के स्थान, आधुनिक साइनेज और सुंदर लैंडस्केपिंग विकसित की जा रही है। साथ ही मगरमच्छ, डॉल्फिन, कछुआ, लकड़बग्घा और भारतीय अजगर जैसे वन्यजीवों की वास्तविक आकार की प्रतिकृतियां भी स्थापित की जाएंगी, ताकि बच्चे और पर्यटक जैव विविधता को करीब से समझ सकें।मौजूदा समर हट को इंटरप्रिटेशन सुविधा केंद्र के रूप में विकसित किया जा रहा है, जहां आगंतुक स्थानीय पारिस्थितिकी तंत्र, वन्यजीवों के आवास और संरक्षण से जुड़ी जानकारी प्राप्त कर सकेंगे।प्रकृति के अनुरूप विकास पर विशेष जोर प्रदेश के पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने कहा कि रपड़ी संरक्षण आधारित पर्यटन विकास का उभरता हुआ उदाहरण है। उन्होंने कहा कि यह परियोजना दर्शाती है कि पर्यावरण को नुकसान पहुंचाए बिना भी पर्यटन सुविधाओं का विकास किया जा सकता है।उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश ऐसा पर्यटन मॉडल विकसित कर रहा है, जिसमें पर्यटन और पर्यावरण संरक्षण एक-दूसरे को मजबूत करें। रपड़ी में कम प्रभाव वाले आधारभूत ढांचे, नवीकरणीय ऊर्जा और प्रकृति आधारित गतिविधियों को प्राथमिकता दी गई है। ईको टूरिज्म बोर्ड की सोच का उदाहरण पर्यटन, संस्कृति एवं धर्मार्थ कार्य विभाग के अपर मुख्य सचिव अमृत अभिजात ने कहा कि रपड़ी यह साबित करता है कि किसी प्राकृतिक स्थल का विकास उसकी पारिस्थितिक पहचान को सुरक्षित रखते हुए भी किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश ईको टूरिज्म विकास बोर्ड प्रदेश में ऐसे पर्यटन स्थलों को विकसित कर रहा है, जहां जैव विविधता संरक्षण, नवीकरणीय ऊर्जा और जिम्मेदार पर्यटन को बढ़ावा मिले। रपड़ी का यह विकास मॉडल न केवल पर्यावरण संरक्षण को मजबूती देगा, बल्कि स्थानीय लोगों के लिए रोजगार और आय के नए अवसर भी पैदा करेगा।
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