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भगवान श्रीकृष्ण का अवतार अधर्म के विनाश और धर्म की स्थापना को हुआ:- रामकृष्णानंद महाराज

Gargachary Times 11 June 2026, 20:20 42 views
Dharam
भगवान श्रीकृष्ण का अवतार अधर्म के विनाश और धर्म की स्थापना को हुआ:- रामकृष्णानंद महाराज
गोवर्धन. ठा. श्री राधाबल्लभ मंदिर सौभरेय ब्राह्मण चकलेश्वर रोड गोवर्धन में चल रही श्रीमद् भागवत कथा के चौथे दिन राष्ट्रीय कथा प्रवक्ता महामंडलेश्वर बृजराज स्वामी रामकृष्णानंद महाराज ने भगवान श्री कृष्ण के जन्मोत्सव एवं उनकी बाल लीलाओं और कंस के अत्याचारों का प्रसंग सुनाया। राष्ट्रीय कथा प्रवक्ता महामंडलेश्वर बृजराज स्वामी रामकृष्णानंद महाराज ने बताया कि बहन देवकी के विवाह के समय आकाशवाणी हुई थी कि देवकी की आठवीं संतान ही कंस के वध का कारण बनेगी। यह सुनते ही कंस क्रोधित हो उठा और देवकी का वध करने के लिए तैयार हो गया। तब वासुदेव ने कंस को वचन दिया कि देवकी से उत्पन्न होने वाली प्रत्येक संतान को वह स्वयं उसके हवाले कर देंगे। इस वचन के बाद कंस ने देवकी और वासुदेव को कारागार में बंद कर दिया और उनके छह पुत्रों का निर्ममता से वध कर दिया। पंडित ने बताया कि भाद्रपद कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि की मध्यरात्रि को भगवान श्री कृष्ण ने कारागार में जन्म लिया। भगवान की कृपा से जेल के सभी बंधन स्वतः खुल गए और वासुदेव नवजात श्री कृष्ण को लेकर यमुना नदी पार करते हुए गोकुल पहुंचे, जहां उन्होंने नंद बाबा और माता यशोदा के यहां जन्मी कन्या को लेकर वापस मथुरा पहुंचा दिया। उन्होंने माखन चोरी, गोपियों के साथ रासलीला और गोवर्धन पर्वत धारण जैसी भगवान श्री कृष्ण की विभिन्न लीलाओं का वर्णन करते हुए कहा कि भगवान की प्रत्येक लीला मानव जीवन को धर्म, प्रेम, भक्ति और सत्य के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देती है। भगवान श्रीकृष्ण का अवतार अधर्म के विनाश और धर्म की स्थापना के लिए हुआ था। उन्होंने श्रद्धालुओं से भगवान के आदर्शों को अपने जीवन में उतारने, प्रेम, सद्भाव और सेवा की भावना को अपनाने का आह्वान किया। इस दौरान भगवान श्री कृष्ण जन्मोत्सव हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। श्रद्धालुओं ने भजन-कीर्तन और भगवान श्री कृष्ण के जयकारों के बीच भक्ति भाव से कथा का श्रवण किया।
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