अलवर-मथुरा-आगरा कैंट रेलखंड पर चल रही मात्र एक ट्रेन, जनता की मांग पर भी सुनवाई नहीं
Gargachary Times
13 June 2026, 21:14
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Mathura
डी डी शर्मा
गोवर्धन रेल विकास संघ के अध्यक्ष त्रिभुवन कौशिक ने बताया कि वर्तमान में अलवर-मथुरा-आगरा कैंट रेलखंड पर मात्र एक ट्रेन लालगढ़-प्रयागराज ट्रेन चल रही है जो खचाखच भरी चलती है .इसके आरक्षित डिब्बों में भी सीट मिलना मुश्किल होता है . क्योंकि यह गोवर्धन जी ,खाटूश्याम जी को जोडती है साथ ही अलवर से कानपुर , प्रयागराज के लिए एकमात्र ट्रेन है . जनता और जनप्रतिनिधियों को लगातार ज्ञापन सौपने के बावजूद कोई नयी लम्बी दूरी की ट्रेन इस रेलखंड को नहीं मिली है
रेल विकास संघर्ष समिति अलवर के अध्यक्ष कमलकांत खड़िया के अनुसार आखिरी नियमित ट्रेन इस रेलखंड पर नवम्बर 22 में बाड़मेर-मथुरा-बाड़मेर सुपरफास्ट चलाई गई थी , इस रेलसेवा को भी मथुरा तक ही चलाया गया और मथुरा से आगे आगरा की तरफ नहीं बढाया गया . यह स्थिति ठीक वैसे ही है जैसे जयपुर -दिल्ली के मध्य ट्रेन चलती रहें अथवा अलवर-दिल्ली /जयपुर के मध्य चलती रहें और इनसे आगे न जाएँ . अलवर-मथुरा रेलखंड पर गोवर्धन जी बड़े तीर्थ स्थल हैं जिनका संज्ञान लेने के लिए लगातार पत्र लिखे गए परन्तु कोई नई ट्रेन नहीं चली . स्पेशल ट्रेनों को भी बांदीकुई-भरतपुर-आगरा होकर चला दिया जाता है ,एक भी बांदीकुई-अलवर-गोवर्धन-मथुरा-आगरा होकर नहीं चली . रेलवे द्वारा भी कानपुर-जैसलमेर, बीकानेर-रीवा और श्रीगंगानगर-आगराकैंट जैसी नियमित रेलसेवाओं के प्रस्ताव पिछली इंटर रेलवे टाइम टेबल समिति की बैठक में बनाये गए परन्तु कोई भी प्रस्ताव अमली जामा नहीं पहन पाया . अयोध्या के लिए भी कोई ट्रेन इस रूट से नहीं है जबकि दिल्ली के मुकाबले छोटा रेलमार्ग है
रेल विकास संघर्ष समिति के अनुसार 9 जून को केंद्र सरकार के दो साल पूरे हो रहे हैं . इनमें अलवर सांसद की बदौलत कोई नयी ट्रेन अलवर -मथुरा रेलखंड को नहीं मिली है बल्कि उनके द्वारा जयपुर-दिल्ली रेलखंड पर ट्रेनों की संख्या काफी बताते हुए राजधानी एक्सप्रेस के अलवर ठहराव को भी तवज्जो नहीं दी गई वहीँ अलवर से आगरा जाने वाली एकमात्र ट्रेन लालगढ़-प्रयागराज ट्रेन का गोविन्दगढ़ ठहराव लोकसभा चुनाव की आचार संहिता लगने से ठीक पिछले दिन हुआ . इससे जनता काफी निराश और हताश है क्योंकि नयी ट्रेन नहीं मिल रही .समिति के अनुसार दिल्ली-जयपुर मुख्य रेललाइन होने के कारण ट्रेन तो मिलती ही रहेंगी पर अलवर-गोवर्धन-मथुरा -आगरा रेलखंड होकर लम्बी दूरी की ट्रेन भी तो बढ़नी चाहिए