बदला हुआ गोरखपुर बनेगा देश के लिए विकास मॉडल: सीएम योगी
Gargachary Times
14 June 2026, 21:28
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Gorakhpur
गोरखपुर को विकास का बेहतरीन मॉडल बताते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि पिछले नौ वर्षों में शहर ने बीमारी, बदहाल बुनियादी ढांचे, जलभराव, अपराध और पहचान के संकट से निकलकर विकास, सुशासन और आधुनिक सुविधाओं के नए युग में प्रवेश किया है। उन्होंने विश्वास जताया कि स्वास्थ्य, शिक्षा, खेल, पर्यटन और बुनियादी ढांचे से जुड़ी नई परियोजनाओं के जरिए गोरखपुर आने वाले समय में देश के लिए एक आदर्श शहरी विकास मॉडल बनकर उभरेगा।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ रविवार को गोरखपुर में 926 करोड़ रुपये की लागत से 226 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास करने के बाद जनसमूह को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि बदला हुआ गोरखपुर, बदलते उत्तर प्रदेश और विकसित भारत की नई पहचान का प्रतीक है।
जब मां स्वस्थ होगी, तभी बच्चा स्वस्थ होगा
मुख्यमंत्री ने कहा कि आज गोरखपुर महानगर की लगभग एक हजार करोड़ रुपये की परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास हो रहा है। यह दिन प्रदेश के लिए अत्यंत गौरवशाली और ऐतिहासिक भी है, क्योंकि हम प्रदेश के सुपोषण मिशन के द्वितीय चरण का शुभारंभ भी कर रहे हैं। इस योजना का लाभ आने वाले समय में प्रदेश के लगभग 2 करोड़ बच्चों को मिलेगा। अगर बचपन सुरक्षित है, तो भविष्य भी सुरक्षित है। इस बचपन को मजबूत बनाने के लिए सबसे पहले गर्भवती महिलाओं में कुपोषण की समस्या का समाधान करना आवश्यक है। जब मां स्वस्थ होगी, तभी बच्चा स्वस्थ होगा। जो भी बच्चा पैदा होता है, उसके जीवन के प्रारंभिक हजार दिन बेहद महत्वपूर्ण होते हैं। यदि इन हजार दिनों में बच्चे की उचित देखभाल की जाए, तो न केवल उस परिवार के लिए, बल्कि पूरे समाज और राष्ट्र के लिए एक सशक्त नींव तैयार होती है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि बच्चा केवल एक परिवार का नहीं, बल्कि समाज का और अंततः पूरे राष्ट्र का भविष्य होता है। इसी उद्देश्य को ध्यान में रखते हुए हमने वर्ष 2022 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के कर-कमलों से प्रयागराज में 'टेक होम राशन' (टीएचआर) प्रणाली शुरू की थी। इसके तहत 4000 से अधिक महिला स्वयंसेवी समूहों द्वारा प्रदेश के विभिन्न विकास खंडों में प्लांट स्थापित किए गए, जहां धात्री महिलाओं और कुपोषित बच्चों के लिए पौष्टिक रेसिपी तैयार करके अनुपूरक पोषण आहार उपलब्ध कराया जा रहा है। जहां टीएचआर प्लांट से सीधे वितरण संभव नहीं है, वहां नेफेड के माध्यम से सप्लाई चेन को मजबूत करने के लिए प्रदेश सरकार ने कई कार्यक्रम शुरू किए हैं।
लगभग 2 करोड़ बच्चों को अनुपूरक पौष्टिक आहार
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार ने प्रधानमंत्री जी के मार्गदर्शन में यह महत्वपूर्ण निर्णय लिया है कि जब बच्चा तीन वर्ष का हो जाए, तो उसे आंगनवाड़ी केंद्रों में छह वर्ष की आयु तक अच्छा पौष्टिक आहार उपलब्ध कराया जाए। साथ ही वहां खेल-खेल में सीखने, अक्षर ज्ञान प्राप्त करने और समग्र विकास के लिए बाल वाटिका तथा प्री-प्राइमरी शिक्षा के कार्यक्रम को भी तेजी से आगे बढ़ाया जा रहा है। बेसिक शिक्षा परिषद में प्रवेश की आयु 6 वर्ष है और तीन से छह वर्ष तक का समय बच्चों के सीखने और विकास के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण व मूल्यवान है। इसी को ध्यान में रखकर बाल वाटिका और प्री-प्राइमरी शिक्षा को बढ़ावा देने का कार्य किया जा रहा है। प्रदेश भर में 70 हजार से अधिक आंगनवाड़ी केंद्रों में प्री-प्राइमरी और बाल वाटिका के कार्यक्रम सफलतापूर्वक संचालित हो रहे हैं। इन केंद्रों में लगभग 2 करोड़ बच्चे अनुपूरक पौष्टिक आहार प्राप्त कर रहे हैं। वहां अक्षर ज्ञान, खेल-आधारित शिक्षा की बेहतरीन व्यवस्था भी उपलब्ध है।
अब कोई गोरखपुर से परहेज नहीं करता
मुख्यमंत्री ने कहा कि हमने बदले हुए गोरखपुर को देखा है। आज से मात्र 9 वर्ष पहले गोरखपुर कैसा था? बीमारी, बिजली नहीं, सड़कों पर गड्ढे, जलभराव, मच्छर, गंदगी, बाढ़, बेरोजगारी, व्यापारियों की सुरक्षा नहीं, बेटियों के लिए उत्तम शिक्षा की व्यवस्था नहीं, किसानों के लिए कोई सुविधाएं नहीं, परंपरागत उद्यमों के संरक्षण के लिए कोई कार्यक्रम नहीं और गरीबों के कल्याण के लिए कोई योजनाएं भी नहीं। 2017 से पहले गोरखपुर में बिजली मुश्किल से 5-6 घंटे ही मिल पाती थी और उसके लिए भी सड़कों पर आंदोलन करना पड़ता था। इंसेफेलाइटिस की बीमारी किस कदर कहर ढा रही थी, सैकड़ों बच्चों की मौत हो रही थी, यह किसी से छुपा नहीं है। पूरा महानगर गंदगी के आगोश में डूबा रहता था। एक तरफ बंद पड़ा फर्टिलाइजर कारखाना हमें चिढ़ाता था, दूसरी तरफ बीमार बीआरडी मेडिकल कॉलेज गोरखपुर की पहचान बन चुका था। लखनऊ जाने में 6-8 घंटे लगते थे, वाराणसी जाने में 5-6 घंटे। रामगढ़ताल गंदगी का गढ़ बना हुआ था। गोरखपुर का नाम सुनते ही लोग डर जाते थे। ऐसा लगता था मानो यह आतंक का पर्याय बन गया हो। बेटियां शाम को घर से बाहर निकलने में भी डरती थीं। लेकिन आज स्थिति पूरी तरह बदल चुकी है। कैसे किसी शहर का कायाकल्प होता है, कैसे विकास की प्रक्रिया को आगे बढ़ाया जाता है और कैसे एक प्रदेश व एक देश गौरव के साथ सिर ऊंचा करके चलता है, अब यह स्पष्ट दिख रहा है। आज भारत का विश्व में सम्मान बढ़ा है, उत्तर प्रदेश का सम्मान बढ़ा है और गोरखपुर का भी सम्मान बढ़ा है। अब कोई गोरखपुर से परहेज नहीं करता, दूरी नहीं बनाता।
एक-एक पाई का सदुपयोग और पूर्ण जवाबदेही के साथ हो रहा विकास कार्य
मुख्यमंत्री ने कहा कि आज गोरखपुर में जलभराव की समस्या का समाधान हो रहा है, युवाओं के लिए नौकरियां उपलब्ध हैं, व्यापारियों को सुरक्षा के साथ अनेक योजनाओं का लाभ मिल रहा है। बेटियों की शिक्षा, सामूहिक विवाह और स्वावलंबन की योजनाएं चल रही हैं। बीआरडी मेडिकल कॉलेज स्वस्थ हो चुका है, इंसेफेलाइटिस पर लगभग पूर्ण नियंत्रण हो गया है। बंद पड़ा फर्टिलाइजर कारखाना फिर से चमक रहा है और किसानों को समय पर उर्वरक उपलब्ध करा रहा है। चीनी मिलें पुनः सक्रिय हो रही हैं, सड़कें चौड़ी और बेहतर हो गई हैं, बिजली 24 घंटे उपलब्ध है और पीएम सूर्य घर योजना के तहत सोलर पैनल घर-घर में लग रहे हैं। अब गोरखपुर में एम्स आ गया है, इंटरनेशनल स्टेडियम बन गया है और हॉकी स्टेडियम भी बहुत शीघ्र तैयार होने वाला है। कनेक्टिविटी बेहतरीन हो गई है। एक-एक पाई का सदुपयोग और पूर्ण जवाबदेही के साथ विकास कार्य हो रहे हैं।
अब गोरखपुर से लखनऊ मात्र साढ़े तीन घंटे में
मुख्यमंत्री ने कहा कि आज रामगढ़ताल पर्यटन का एक नया केंद्र बनकर उभरा है। रामगढ़ताल के साथ-साथ चिलवा ताल भी नए पर्यटन स्थल के रूप में विकसित होकर लोगों को अपनी ओर आकर्षित कर रहा है। अब लखनऊ की दूरी मात्र साढ़े तीन घंटे में पूरी की जा सकती है। वाराणसी मात्र ढाई से तीन घंटे में पहुंचा जा सकता है। अयोध्या धाम जाने में पहले 4 घंटे लगते थे, अब यह दूरी मात्र दो से ढाई घंटे में पूरी की जा सकती है। चारों ओर फोर-लेन सड़कों की बेहतरीन कनेक्टिविटी है, एयर कनेक्टिविटी है और रेलवे की उत्तम सुविधाएं उपलब्ध हैं। गरीब के लिए आवास है, हर घर में शौचालय है। हर वर्ग को हर प्रकार की सुविधाएं मिल रही हैं। नौजवानों के लिए रोजगार के अवसर उपलब्ध हैं और अन्नदाता किसानों के लिए सरकार की अनेक योजनाएं संचालित हैं। यह है वह बदला हुआ परिवेश, जिसमें आप आज रह रहे हैं। अब पहचान का संकट नहीं रहा। अब लोग आपको सम्मान देते हैं। उत्तर प्रदेश बदला है, यूपी की एक नई पहचान बनी है। अब कोई यूपी को शक की निगाह से नहीं देखता। देश के किसी भी कोने में उत्तर प्रदेश का नागरिक जाता है तो सामने वाला व्यक्ति “जय श्रीराम” बोलकर अभिवादन करता दिखाई देता है। उत्तर-दक्षिण-पूर्व या पश्चिम, कहीं भी जाएं, आपको गौरव और सम्मान मिलेगा। 25 करोड़ उत्तर प्रदेशवासी आज इस नई पहचान के साथ आगे बढ़ रहे हैं। यह नए भारत का नया उत्तर प्रदेश है, जो बिना रुके, बिना डिगे, बिना थके और बिना झुके अपनी विरासत की यात्रा को आगे बढ़ाते हुए, अपने पूर्वजों के प्रति, अपनी आस्था और आराध्यों के प्रति सम्मान व्यक्त करते हुए निरंतर प्रगति कर रहा है। यह उत्तर प्रदेश अब रुकने वाला नहीं है।
मोदी जी के नेतृत्व में ऐतिहासिक यात्रा को आगे बढ़ाने में अपना पूर्ण योगदान दें
सीएम ने कहा कि हमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के प्रति आभार व्यक्त करना चाहिए। कोई देश जो कभी अपनी पहचान के लिए मोहताज था, भ्रष्टाचार और अव्यवस्था जिसकी पहचान बन चुकी थी, ऐसे देश में जब एक महान व्यक्तित्व नेतृत्व करता है, तो वह देश दुनिया के सामने गौरव के साथ सिर ऊंचा करके चलने लगता है। मोदी जी के 12 वर्ष के कार्यकाल को हम एक महान नेता के नेतृत्व में एक महान देश की ऐतिहासिक यात्रा के रूप में देख रहे हैं। इस महान यात्रा को आगे बढ़ाने के लिए मैं गोरखपुर तथा पूर्वी उत्तर प्रदेश के वासियों से आह्वान करता हूं कि वे मोदी जी के नेतृत्व में इस विकास प्रक्रिया में अपना पूर्ण योगदान दें।
सोमवती अमावस्या स्नान पर सीएम की अपील
अपने संबोधन के समापन में मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों से अपील की कि कल जो लोग सोमवती अमावस्या पर नदियों में स्नान करने जाएं, वे बैरिकेडिंग के अंदर ही स्नान करें। गर्मी अवश्य है, लेकिन गहरे पानी में न जाएं। बच्चों का भी विशेष ध्यान रखें। सुरक्षित रहें, स्वयं को और परिवार को किसी भी प्रकार की असमय दुर्घटना से बचाएं।
इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री डॉ. संजय निषाद, सांसद रवि किशन, महापौर डॉ. मंगलेश श्रीवास्तव, विधान परिषद सदस्य डॉ. धर्मेंद्र सिंह, विधायक श्रीराम चौहान, फतेह बहादुर सिंह, विपिन सिंह, विमलेश पासवान, सरवन निषाद, महेंद्र पाल सिंह, प्रदीप शुक्ल, जिला पंचायत अध्यक्ष साधना सिंह, राज्य महिला आयोग की उपाध्यक्ष चारु चौधरी, भाजपा के जिलाध्यक्ष जनार्दन तिवारी, महानगर अध्यक्ष रमेश प्रताप गुप्ता आदि मौजूद रहे।