स्वास्थ्य सेवाओं में लापरवाही पर जिलाधिकारी सख्त, अनुपस्थित डॉक्टरों का वेतन रोकने के निर्देश
Gargachary Times
15 June 2026, 21:13
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Firozabad
फिरोजाबाद। कलेक्ट्रेट सभागार में सोमवार को जिलाधिकारी संतोष कुमार शर्मा की अध्यक्षता में जिला स्वास्थ्य समिति की बैठक आयोजित हुई। बैठक में विभिन्न स्वास्थ्य योजनाओं की गहन समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी ने लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों एवं कर्मचारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार लाकर जिले को पूरे प्रदेश में नंबर वन रैंकिंग पर पहुंचाना प्रशासन की प्राथमिकता है।टीबी मुक्त भारत अभियान की समीक्षा के दौरान बताया गया कि जिले को 61 हजार मरीजों के नामांकन का लक्ष्य मिला था, जबकि अब तक केवल 24,776 मरीजों का ही नामांकन हो पाया है। इस पर जिलाधिकारी ने नाराजगी जताते हुए कम प्रगति वाले क्षेत्रों को चिन्हित कर विशेष माइक्रो प्लान तैयार करने के निर्देश दिए।आयुष्मान योजना की समीक्षा में एका ब्लॉक का प्रदर्शन बेहद खराब पाए जाने पर जिलाधिकारी ने कड़ी नाराजगी व्यक्त की। जिले में कुल 86 आयुष्मान आईडी में से केवल 63 ही एक्टिव मिलीं। इस पर उन्होंने संबंधित चिकित्सा अधीक्षक को प्रतिकूल प्रविष्टि देने के आदेश दिए। वहीं शिकोहाबाद क्षेत्र में मात्र 25 प्रतिशत प्रगति पाए जाने पर संबंधित प्रभारी को नोटिस जारी कर सेवा से हटाने की चेतावनी दी गई।जिलाधिकारी ने कहा कि “जिनका काम में मन नहीं लग रहा है, उन्हें नोटिस देकर सेवा से हटाइए।” उन्होंने स्पष्ट किया कि यह कार्रवाई किसी को परेशान करने के लिए नहीं, बल्कि स्वास्थ्य सेवाओं में गुणात्मक सुधार लाने के उद्देश्य से की जा रही है।बैठक में जननी सुरक्षा योजना और एनआरसी में भर्ती बच्चों को मिलने वाली सभी सरकारी सुविधाएं शत-प्रतिशत उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए। साथ ही जिन क्षेत्रों में टीकाकरण की प्रगति कमजोर है, वहां संबंधित एएनएम एवं स्टाफ को नोटिस जारी करने तथा सुधार न होने पर कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए।कौशल्या नगर में सबसे कम ओपीडी मिलने पर जिलाधिकारी ने कहा कि कम ओपीडी यह दर्शाती है कि डॉक्टरों पर जनता का भरोसा कम है, जिसे तत्काल सुधारने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि नियमानुसार प्रति एक हजार की जनसंख्या पर 60 प्रतिशत ओपीडी होना अनिवार्य है।बैठक से अनुपस्थित तीन डॉक्टरों पर जिलाधिकारी ने कड़ा रुख अपनाते हुए उनका वेतन रोकने तथा स्पष्टीकरण जारी करने के निर्देश दिए।बैठक में मुख्य चिकित्साधिकारी, सभी एसीएमओ, चिकित्सा अधीक्षक एवं स्वास्थ्य विभाग के अन्य अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।