जिला सड़क सुरक्षा समिति की बैठक
Gargachary Times
18 June 2026, 19:56
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Mainpuri
जिलाधिकारी डॉ. इंद्रमणि त्रिपाठी ने सड़क सुरक्षा समिति की बैठक में कहा कि सभी विभाग अपनी-अपनी कार्ययोजनाओं, प्रस्तावों एवं आवश्यकताओं को तत्काल संकलित कर उपलब्ध कराएं ताकि आवश्यक आदेश, अधिसूचनाएं एवं कार्यवाहियां समय से जारी की जा सकें, सम्बन्धित विभाग अपने-अपने नोडल अधिकारियों के माध्यम से आवश्यक सूचनाएं उपलब्ध कराएं, समीक्षा के दौरान उन्होने जनपद की विभिन्न सड़कों की खराब स्थिति पर गंभीर चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि कई स्थानों पर बड़े-बड़े गड्ढों के कारण दुर्घटनाओं की आशंका बढ़ गई है, विशेष रूप से नहरों के किनारे एवं ब्लैक स्पॉट वाले क्षेत्रों में सड़कें जर्जर स्थिति में हैं। उन्होंने लोक निर्माण विभाग एवं राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण के अधिकारियों को निर्देशित किया कि ऐसे सभी स्थानों का तत्काल निरीक्षण कर आवश्यक मरम्मत कार्य प्रारंभ कराया जाए। उन्होंने कहा कि औंछा, करहल, कुरावली एवं घिरोर क्षेत्र की कई सड़कों पर भारी वाहनों के अत्यधिक आवागमन से सड़कें क्षतिग्रस्त हो रही हैं। उन्होने ए.आर.टी.ओ., पुलिस, राजस्व विभाग के अधिकारियों को संयुक्त अभियान चलाकर ओवरलोड डम्परों एवं भारी वाहनों के विरुद्ध कठोर कार्यवाही करने के निर्देश देते हुऐ कहा कि केवल चालान कर छोड़ देना पर्याप्त नहीं बल्कि लोक संपत्ति को क्षति पहुंचाने वाले वाहनों के विरुद्ध लोक संपत्ति क्षति निवारण अधिनियम के अंतर्गत प्राथमिकी भी दर्ज कराई जाए ताकि ऐसे मामलों में आपराधिक कार्यवाही सुनिश्चित हो सके।
श्री त्रिपाठी ने कहा कि टोल टैक्स बचाने के लिए बड़ी संख्या में ओवरलोड डम्पर ग्रामीण संपर्क मार्गों का उपयोग कर रहे हैं, जिससे गांवों की सड़कें तेजी से क्षतिग्रस्त हो रही हैं। उन्होने कहा कि करहल, कुरावली एवं घिरोर क्षेत्र में 01 सप्ताह का विशेष प्रवर्तन अभियान संचालित किया जाए, पुलिस, परिवहन एवं प्रशासनिक अधिकारियों की संयुक्त टीमें रात्रिकालीन जांच अभियान चलाकर ऐसे वाहनों को चिन्हित करें और कार्यवाही सुनिश्चित करें, ईंट भट्ठों से जुड़े ट्रैक्टर-ट्रॉलियों की समीक्षा करते हुए उन्होने कहा कि कई वाहन निर्धारित क्षमता से अधिक भार लेकर सड़कों पर संचालित हो रहे हैं, जिससे दुर्घटना की संभावना बढ़ रही है, ऐसे वाहनों की नियमित जांच की जाए तथा गंभीर उल्लंघन की स्थिति में संबंधित चालकों के ड्राइविंग लाइसेंस निरस्तीकरण की कार्यवाही की जाए। उन्होने कहा कि जनपद का विस्तृत सड़क सुरक्षा प्लान तैयार किया जाना आवश्यक है, जिसमें पूर्व स्थिति, वर्तमान स्थिति, दुर्घटना संभावित स्थल, आवश्यक अवसंरचनात्मक सुधार, प्रवर्तन गतिविधियां, जनजागरूकता कार्यक्रम एवं चिकित्सा सहायता व्यवस्थाएं सम्मिलित हो, जनपद की अद्यतन सड़क सुरक्षा कार्य-योजना शीघ्र तैयार कर प्रस्तुत की जाए।
बैठक में जानकारी दी गई कि जनपद में लगभग 700 ई-रिक्शा ऐसे हैं जिनका पंजीकरण नहीं हुआ है। जिस पर उन्होने निर्देश दिए कि सभी अपंजीकृत ई-रिक्शा चालकों को पंजीकरण का अवसर प्रदान किया जाए, इसके लिए विशेष शिविर आयोजित कर परिवहन विभाग द्वारा मौके पर पंजीकरण की व्यवस्था की जाए, निर्धारित अवधि के बाद अपंजीकृत ई-रिक्शांे को अभियान चलाकर सीज किया जाए, पंजीकरण के उपरांत संचालन हेतु रूट निर्धारण की कार्यवाही भी सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि यदि किसी सड़क की खराब स्थिति के कारण दुर्घटना होती है तो संबंधित एजेंसी की जिम्मेदारी निर्धारित की जाएगी।
बैठक में अपर जिलाधिकारी श्यामलता आनन्द, अपर पुलिस अधीक्षक अरूण कुमार, मुख्य चिकित्साधिकारी डा. आर.सी. गुप्ता, क्षेत्राधिकारी यातायात दीपशिखा, अधिशाषी अभियंता लोक निर्माण, विद्युत ए.के. अरूण, धनुषधारी, अनिल वर्मा, जिला विद्यालय निरीक्षक सतीश कुमार, सहायक सम्भागीय परिवहन अधिकारी सिद्धार्थ यादव, अधिशाषी अधिकारी नगर पालिका बुद्धि प्रकाश आदि उपस्थित रहे।