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श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाया गया स्वामी राधा प्रसाद देव जू महाराज का 62वां वैराग्य महोत्सव

Gargachary Times 24 June 2026, 20:55 2 views
Mathura
श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाया गया स्वामी राधा प्रसाद देव जू महाराज का 62वां वैराग्य महोत्सव
​वृंदावन: धर्मनगरी के परिक्रमा मार्ग पर स्थित प्रतिष्ठित ललित कुंज आश्रम में हरिदासीय संप्रदाय के आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी राधा प्रसाद देव जू महाराज का 62वां वैराग्य महोत्सव भक्तों और अनुयायियों द्वारा बेहद हर्षोल्लास व श्रद्धाभाव के साथ मनाया गया। इस विशेष अवसर पर पूरे आश्रम परिसर को बेहद भव्य रूप से सजाया गया था, जहां दिनभर धार्मिक अनुष्ठान, भजन-संकीर्तन और साधु-सेवा का दिव्य क्रम चलता रहा। ​आयोजन के बारे में विस्तार से बताते हुए आश्रम के महंत मोहिनी बिहारी शरण महाराज ने कहा कि पूज्य स्वामी राधा प्रसाद देव जू महाराज का जीवन परम त्याग और वैराग्य की जीती-जागती मिसाल है। उन्होंने आज ही के दिन, आज से ठीक 62 वर्ष पहले महज 8 वर्ष की बाल्यकाल की उम्र में सांसारिक सुखों और अपने घर का परित्याग कर दिया था। इतनी छोटी उम्र में वैराग्य पथ पर कदम बढ़ाकर उन्होंने वृंदावन को अपना निवास बनाया और हरिदासीय संप्रदाय की महान परंपरा को समृद्ध किया। उनका पूरा जीवन राधा-कृष्ण की अनन्य भक्ति और समाज को नई आध्यात्मिक दिशा देने में बीता है। ​महंत मोहिनी बिहारी शरण महाराज ने महाराज श्री के साहित्यिक योगदान की सराहना करते हुए बताया कि वे एक उच्च कोटि के विरक्त संत होने के साथ-साथ प्रकांड विद्वान भी हैं। महाराज श्री ने अब तक करीब 90 पवित्र ग्रंथों की रचना की है, जिनमें हरिदासीय संप्रदाय के सिद्धांतों, ब्रज के अनूठे भक्ति दर्शन और रस साधना की बेहद सरल व मर्मस्पर्शी व्याख्या मिलती है। इन ग्रंथों की महत्ता को देखते हुए समय-समय पर देश के विभिन्न मुख्यमंत्रियों और केंद्रीय मंत्रियों द्वारा इनका विमोचन किया जा चुका है, जो आने वाली पीढ़ियों के लिए मार्गदर्शक की भूमिका निभाएंगे। ​इस पावन और ऐतिहासिक अवसर पर ललित कुंज आश्रम के गर्भगृह में विराजमान ठाकुर श्री राधा ललित बिहारी जू महाराज के समक्ष रसीले आमों का एक बेहद भव्य और आकर्षक 'आम का बंगला' सजाया गया, जिसके अलौकिक दर्शन पाकर श्रद्धालु निहाल हो गए। उत्सव के उपलक्ष्य में वृंदावन के विरक्त साधु-वैष्णवों के लिए एक विशाल 'झरा भंडारे' का भी आयोजन किया गया, जिसमें सैकड़ों संतों ने बड़े ही आदर भाव से प्रसाद ग्रहण कर महाराज श्री को अपनी शुभकामनाएं और आशीर्वाद दिया। ​शाम ढलते ही आश्रम में एक भव्य भजन संध्या सजाई गई, जिसमें ब्रज के जाने-माने गायकों ने स्वामी हरिदास जी के पदों और ठाकुर जी के मधुर भजनों की ऐसी रसधार बहाई कि वहां मौजूद भक्तगण भावविभोर होकर झूम उठे। कार्यक्रम का समापन महामंडलेश्वर राधा प्रसाद देव जू महाराज की महाआरती और चरण-वंदन के साथ हुआ। इस आध्यात्मिक उत्सव में महामंडलेश्वर सत्यानन्द सरस्वती गिरी महाराज, महामंडलेश्वर कृष्णानंद महाराज, महंत अचल बिहारी दास, महंत वैष्णव दास, महंत राम दास, बिहारी लाल वशिष्ठ, आचार्य मनोज मोहन शास्त्री, आचार्य मृदुलकांत शास्त्री सहित बड़ी संख्या में संत, विद्वान और गणमान्य श्रद्धालु उपस्थित रहे।
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