डीएम ने पर्यावरणीय व्यवस्थाओं में लापरवाही पर जताई नाराजगी, नगर निकायों को दिए सख्त निर्देश
Gargachary Times
30 June 2026, 20:15
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Firozabad
फिरोजाबाद। जिलाधिकारी संतोष कुमार शर्मा की अध्यक्षता में मंगलवार को कलेक्ट्रेट सभागार में जिला पर्यावरण, वृक्षारोपण एवं जिला गंगा समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक में जिले को हरा-भरा बनाने, ठोस अपशिष्ट प्रबंधन, प्लास्टिक कचरा उन्मूलन, ई-कचरा प्रबंधन और बायो मेडिकल कचरा प्रबंधन की प्रगति की समीक्षा की गई।समीक्षा के दौरान विभिन्न नगर पंचायतों, नगर पालिकाओं और नगर निगम द्वारा प्रस्तुत आंकड़ों में विसंगतियां और जमीनी स्तर पर कार्यों में शिथिलता पाए जाने पर जिलाधिकारी ने कड़ी नाराजगी जताई। उन्होंने सभी अधिशासी अधिकारियों और नगर निगम प्रशासन को निर्देश दिए कि केवल वास्तविक और धरातलीय रिपोर्ट ही प्रस्तुत की जाए।
सिंगल यूज प्लास्टिक के खिलाफ की गई कार्रवाई की समीक्षा में सामने आया कि मई माह तक मक्खनपुर नगर पंचायत में 1.4 किलोग्राम, एका में 0.15 किलोग्राम, जसराना में 1.2 किलोग्राम, सिरसागंज में 5.1 किलोग्राम तथा टूंडला में 3 किलोग्राम प्लास्टिक जब्त की गई। वहीं नगर निगम क्षेत्र में प्लास्टिक जब्ती की रिपोर्ट शून्य पाए जाने पर जिलाधिकारी ने गहरी नाराजगी व्यक्त करते हुए सघन अभियान चलाने के निर्देश दिए।
ई-कचरे के उचित निस्तारण के लिए जिलाधिकारी ने कचरा संग्रहण वाहनों में ई-कचरे हेतु ब्लैक बॉक्स अनिवार्य रूप से लगाने के निर्देश दिए, ताकि स्रोत स्तर पर ही कचरे का पृथक्कीकरण सुनिश्चित हो सके। उन्होंने कहा कि पृथक किए गए ई-कचरे को केवल अधिकृत रिसाइक्लर्स को ही भेजा जाए।
बैठक में जिलाधिकारी ने कहा कि जनपद के सरकारी और निजी अस्पतालों तथा नर्सिंग होम में बायो मेडिकल कचरा प्रबंधन के लिए बारकोड प्रणाली अभी पूर्ण रूप से लागू नहीं है। उन्होंने मुख्य चिकित्साधिकारी को निर्देश दिए कि सभी अस्पतालों में बारकोड सिस्टम अनिवार्य रूप से लागू कराया जाए।
उन्होंने यह भी निर्देशित किया कि चिकित्सीय कचरा उठाने वाली सभी एजेंसियों के वाहनों में जीपीएस लोकेशन ट्रैकिंग अनिवार्य की जाए, ताकि कचरे के परिवहन और निस्तारण की पूरी निगरानी रखी जा सके। नियमों का उल्लंघन कर पर्यावरण और नदियों को प्रदूषित करने वाले अस्पतालों एवं एजेंसियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने के निर्देश भी दिए गए।बैठक के अंत में जिलाधिकारी ने कहा कि राष्ट्रीय हरित अधिकरण और जिला गंगा समिति के निर्देशों का पालन सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि ठोस अपशिष्ट प्रबंधन और प्लास्टिक उन्मूलन के नाम पर केवल कागजी आंकड़े स्वीकार नहीं किए जाएंगे, बल्कि हर कार्य धरातल पर दिखाई देना चाहिए।इस दौरान मुख्य विकास अधिकारी शत्रोहन वैश्य, प्रभागीय वनाधिकारी भानेन्द्र सिंह, अपर जिलाधिकारी कल्पना जयसवाल, अपर जिलाधिकारी नमामि गंगे मोहन लाल गुप्ता सहित संबंधित अधिकारी मौजूद रहे।