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नवीन जैन के विरोध में वाल्मिकी समाज की बैठी महापंचायत, भाजपा से नहीं कोई विरोध, नवीन जैन के व्यवहार पर आपत्ति

Gargachary Times 16 July 2026, 20:57 46 views
Agra
नवीन जैन के विरोध में वाल्मिकी समाज की बैठी महापंचायत, भाजपा से नहीं कोई विरोध, नवीन जैन के व्यवहार पर आपत्ति
मुकुल शर्मा आगरा आगरा। राज्यसभा सांसद नवीन जैन के विरोध में आज वाल्मिकी समाज की महापंचायत बैठी। सुभाष नगर स्थित वाल्मिकी वाटिका में आयोजित महापंचायत की वजह थी लगभग 16 वर्ष से भाजपा में हिन्दूवादी मानसिकता के साथ काम कर रहे मनीष साहू वाल्मिकी से कहे अपशब्द व गलत व्यवहार। महापंचायत में सैकड़ों लोग हाथों में नवीन जैन के विरोध में नवीन जैन फोटो हाथ में लेकर बैठे थे और नारे लगाते नजर आए। महापंचायत के अध्यक्ष अध्यक्ष चौं. मानसिंह ने कहा कि हमारा भाजपा से कोई विरोध नहीं है। मोदी जी ने तो हमारे पैर तक धोने का काम किया। लेकिन नवीन जैन की दलित विरोधी मानसिकता है। उन्होंने मांफी नहीं मांगी तो उग्र आंदोलन होगा। शहर में सफाई व्यवस्था भी ठप की जाएगी। वाल्मिकी महापंचायत के महामंत्री चौ. लोकेश कुमार चंचल ने कहा कि राष्ट्रीय स्तर की पार्टी में नवीन जैन जैसे लोगों का होना वोट को कम करता है। वाल्मिकी समाज का 90 प्रतिशत वोट बीजेपी को जाता है। जातिवाद देश में नासूर है, जिसे नवीन जैन लोग और भड़ा रहे हैं। महापंचायत में दलित विरोदी मुर्दाबाद के नारे लगाए गए। नवीन जैन के फोटो को विरोधी नारे लिखकर खूब लहराया। अन्य वक्ताओं ने भी नवीन जैन से मांगने की बात कही। ऐसा न होने पर वाल्मिकी समाज के लोग उग्र दोलन व जगह-जगह विरोध प्रदर्शन करेंगे। वाल्मिकी समाज के चौधरियों ने कहा कि ऐसे वर्ताव से बाबा साहब अम्बेडकर की पंक्तियां याद आती हैं। उन्होंने कहा था कि हिन्दू पैदा हुआ हूं लेकिन हिन्दू मरुंगा नहीं। इस अवसर पर मुख्य रूप से तख्त चौधरी मानसिंह, महामंत्री लोकेश चंचल, कोषाध्यक्ष बच्चू सिंह, चो रज्जो बाबू, पप्पू चौधरी, मुन्ना खेर, कैलाश चौहान,रामजीलाल विधार्थी, सूरज पहलवान, राजकुमार विधार्थी, अमन खरे वाल्मीकि, रजत वाल्मीकि, पवन वाल्मीकि, महावीर मुंसव, अमरदीप चौहान, चिंकी नरवार, राजा वाल्मीकि, गुलशन जाटव, प्रताप मौर्य जाटव, जुगनू जाटव, दिलीप गहलोत, लकी वाल्मीकि, दीपक सागर, मनीष लोहिया पप्पू भगत जी, लाला भगत आदि उपस्थित थे। मामला था कि भाजपा कार्यकर्ता मनीष साहू वाल्मिकी 10 जुलाई को राज्यसभा सांसद के घर पहुंचे। वहां उन्होंने अपने राजनीतिक करियर में आगे बढ़ने को लेकर चर्चा की। सांसद ने कहा हैसियत में रहिए। जो पद एसी कोटे के नहीं उन्हें मांगने की आवश्यकता नहीं है। आप अपने समाज में काम करिए। ऐसे पदों पर काम नहीं कर सकते है जहां सर्व समाज शामिल हो। और भी बुरा भला कहा। मनीष साहू ने बताया कि इससे मेरी भावनाएं बहुत आहत हुई और आंखों से आंसू निकल आए। 16 वर्ष तक मैंने हिन्दुत्व की विचारधारा के लिए काम किया। आज मुझे बताया जा रहा है कि मैं एससीएसटी एक्ट का व्यक्ति हूं। मैंने अपनी बात वाल्मिकी महापंचायत के अध्यक्ष चौं. मानसिंह के समक्ष रखीं। ऐसे व्यक्ति को संवैधानिक पद पर रहने का अधिकार नहीं है। मेरी भावनाओं के साथ समस्त दलित समाज की भावनाएं आहत हुई हैं। सांसद जी को मांफी मांगनी चाहिए। घर के ड्राइवर निमेश भारद्वाज को मनोनीत पार्षद बना दिया, लेकिन 15 वर्ष से जुड़े कार्यकर्ता के साथ गलत व्यवहार किया जा रहा है। हमारा भाजपा और मोदी जी, योगी से कोई विरोध नहीं। भाजपा महानगर अध्यक्ष राजकुमार गुप्ता के पास अपनी बात रखने पहुंचा तो उन्होंने भी मुझे धमकी दी। मेरी बात को सुना भी नहीं गया।
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