बकरी पालन के लिए बड़ी उपलब्धि, CIRG की Goat-Synch® को मिला राष्ट्रीय स्तर का सम्मान
Gargachary Times
27 July 2026, 19:28
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Mathura
फरह। भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (आईसीएआर) के 98वें स्थापना दिवस पर आईसीएआर–केन्द्रीय बकरी अनुसंधान संस्थान, मखदूम, फरह, मथुरा को बड़ी उपलब्धि मिली है। संस्थान की 6 प्रौद्योगिकियों को आईसीएआर द्वारा प्रमाणित किया गया। इनमें Goat-Synch® अन्तः योनि स्पंज प्रौद्योगिकी को ‘सर्वश्रेष्ठ प्रौद्योगिकियों’ में शामिल किया गया।
गरिमामयी समारोह नई दिल्ली में आयोजित हुआ। इसमें केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण तथा ग्रामीण विकास मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान मुख्य अतिथि रहे। उनके साथ केंद्रीय मत्स्य पालन, पशुपालन एवं डेयरी मंत्री श्री राजीव रंजन सिंह, राज्य मंत्री प्रो. एस.पी. सिंह बघेल, कृषि राज्य मंत्री श्री भागीरथ चौधरी और श्री राम नाथ ठाकुर भी उपस्थित थे।
Goat-Synch® तकनीक वयस्क मादा बकरियों में मद उद्दीपन और समकालीकरण के लिए विकसित की गई है। इस तकनीक की मदद से बकरियों को पूर्व-निर्धारित समय में हीट में लाकर नियोजित प्रजनन किया जा सकता है। इससे अनुकूल मौसम में बच्चों का जन्म सुनिश्चित होता है। यह तकनीक प्रजनन दक्षता बढ़ाने, दो ब्यांतों के बीच की अवधि कम करने, श्रम और संसाधनों की बचत करने के साथ समान आयु वर्ग के बकरा-बकरी समूह तैयार करने में भी उपयोगी है।
इस महत्वपूर्ण तकनीक को संस्थान के वैज्ञानिकों डॉ. वाई. के. सोनी, डॉ. एस. डी. खर्चे, डॉ. एस. पी. सिंह, डॉ. रवि रंजन, डॉ. ए. के. गोयल और डॉ. एम. के. सिंह ने निदेशक डॉ. मनीष कुमार चेटली के मार्गदर्शन में विकसित किया है।
CIRG ने अपनी तकनीकों को केवल शोध तक सीमित नहीं रखा। संस्थान की 3 प्रौद्योगिकियों को 3 अलग-अलग उद्योगों को सफलतापूर्वक हस्तांतरित कर व्यावसायीकरण किया जा चुका है। इससे इन तकनीकों का बड़े स्तर पर उत्पादन होगा और इसका लाभ सीधे किसानों व बकरी पालकों तक पहुंचेगा।
संस्थान ने कहा कि इच्छुक उद्योग, स्टार्टअप, उद्यमी और निजी कंपनियां CIRG की आधिकारिक वेबसाइट पर उपलब्ध तकनीकी जानकारी देख सकते हैं। वे प्रौद्योगिकी हस्तांतरण और व्यावसायीकरण के लिए संस्थान से संपर्क कर सकते हैं।
CIRG की ये तकनीकें देश में वैज्ञानिक बकरी पालन को बढ़ावा देंगी। इनसे उत्पादकता और प्रजनन दक्षता में सुधार होगा और किसानों की आय व आजीविका मजबूत होगी। संस्थान का उद्देश्य उन्नत तकनीकों को अधिक से अधिक बकरी पालकों तक पहुंचाकर बकरी पालन को लाभकारी, टिकाऊ और रोजगारपरक व्यवसाय बनाना है।