गुरु पूर्णिमा पर वात्सल्य ग्राम में गूंजा गुरु महिमा का संदेश, साध्वी ऋतंभरा ने किया गुरु चरण पूजन
Gargachary Times
29 July 2026, 21:14
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Mathura
वृंदावन स्थित वात्सल्य ग्राम में गुरु पूर्णिमा का पावन पर्व श्रद्धा, भक्ति और आध्यात्मिक उल्लास के साथ मनाया गया। इस अवसर पर वात्सल्य मूर्ति साध्वी ऋतंभरा जी ने गुरु परम्परा की चरण पादुकाओं का विधिवत पूजन किया तथा देश-विदेश से आए सैकड़ों शिष्यों और साधकों को गुरु पूर्णिमा का संदेश देते हुए आशीर्वचन दिए।
गुरु पूर्णिमा के अवसर पर वात्सल्य ग्राम में आयोजित कार्यक्रम में दीदी माँ साध्वी ऋतंभरा जी के साधु एवं साध्वी शिष्यों ने गुरु चरणों का पूजन कर आरती उतारी। पूरे परिसर में भक्ति और श्रद्धा का वातावरण देखने को मिला।
"गुरु पूर्णिमा गुरु के प्रति कृतज्ञता प्रकट करने का पर्व है। जहाँ कृतज्ञता होती है, वहाँ शिकायत नहीं होती। सतगुरु हमारे जीवन के बंधनों को काटकर हमें आत्मबोध का मार्ग दिखाते हैं। इच्छाएँ कभी समाप्त नहीं होतीं, इसलिए मन को गुरु के चरणों में समर्पित करना ही सच्चा आनंद और मुक्ति का मार्ग है।"
अपने आशीर्वचन में साध्वी ऋतंभरा जी ने कहा कि इच्छाएँ बिना पैंदी की बाल्टी के समान हैं, जिनमें पूरा संसार भी समा जाए तो भी वे कभी नहीं भरतीं। उन्होंने कहा कि मन कोल्हू के बैल की तरह संसार के चक्कर काटता रहता है, लेकिन जब मन शांत और समर्पित हो जाता है, तब चेतना का सागर उमड़ पड़ता है।
कार्यक्रम में समविद गुरुकुल की बेटियों ने मनमोहक सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के माध्यम से गुरु महिमा का भावपूर्ण वर्णन किया, जिसने उपस्थित श्रद्धालुओं को भावविभोर कर दिया।
इस अवसर पर संजय गुप्ता, स्वामी सत्यशील, साध्वी सुहृदया, साध्वी सत्यप्रिया, साध्वी सत्यश्रुति, स्वामी सत्यश्रेय, स्वामी सत्यश्रवा सहित अनेक संत, साधु-साध्वियाँ और श्रद्धालु उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन उमाशंकर राही ने किया।