Loading...

श्रद्धा और भक्ति के साथ मनाया गया गुरु पूर्णिमा महोत्सव, ललित कुंज आश्रम में उमड़ा शिष्यों का सैलाब

Gargachary Times 29 July 2026, 21:16 49 views
Mathura
श्रद्धा और भक्ति के साथ मनाया गया गुरु पूर्णिमा महोत्सव, ललित कुंज आश्रम में उमड़ा शिष्यों का सैलाब
वृंदावन । धर्म नगरी के पंचकोसीय परिक्रमा मार्ग स्थित ललित कुंज आश्रम में गुरु पूर्णिमा का पावन पर्व बड़ी ही धूमधाम, श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाया गया। इस पावन अवसर पर सनातन संस्कृति की महान गुरु-शिष्य परंपरा का एक बेहद ही अनोखा और भावुक कर देने वाला रूप देखने को मिला। आश्रम परिसर सुबह से ही दूरदराज से आए भक्तों और शिष्यों की भारी भीड़ से गुंजायमान रहा। सुबह से ही ललित कुंज आश्रम में विशेष धार्मिक अनुष्ठानों का दौर शुरू हो गया था। हरिदासीय संप्रदाय के शीर्ष संत एवं आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी राधा प्रसाद देव जू महाराज के सानिध्य में आयोजित इस महोत्सव में शिष्यों का उत्साह देखते ही बनता था। सुबह की आरती के बाद शिष्य परिकर के द्वारा अपने आराध्य गुरुदेव का पूर्ण विधि-विधान और वैदिक मंत्रोच्चार के बीच पूजन-अर्चन शुरू हुआ। दूर-दराज के क्षेत्रों से आए शिष्यों ने कतारबद्ध होकर गुरुदेव के चरणों में शीश नवाया। शिष्यों ने अपने गुरुदेव को सुंदर पुष्प मालाएं पहनाईं, अंग वस्त्र भेंट किए और माथे पर चंदन का तिलक लगाकर आरती उतारी। इसके साथ ही भक्तों ने गुरुदेव के सम्मुख फल, मिष्ठान और प्रसाद भेंट कर अपने जीवन को कृतार्थ किया। इस दौरान पूरा आश्रम परिसर "गुरुदेव की जय" और हरिदासीय संप्रदाय के जयकारों से गूंज उठा। वहीं आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी राधा प्रसाद देव जू महाराज ने भी सभी शिष्यों के सिर पर हाथ रखकर उन्हें जीवन में सुख, समृद्धि, शांति और भक्ति मार्ग पर आगे बढ़ने का मंगलमय आशीर्वाद प्रदान किया। इस विशेष मौके पर ललित कुंज आश्रम के महंत मोहिनी बिहारी शरण महाराज ने गुरु पूर्णिमा के महत्व पर प्रकाश डालते हुए बताया कि सनातन धर्म में गुरु का स्थान भगवान से भी ऊपर माना गया है। गुरु ही वह मार्गदर्शक है जो मनुष्य को अज्ञानता के अंधकार से निकालकर ज्ञान के प्रकाश की ओर ले जाता है। उन्होंने कहा कि आज के आधुनिक युग में भी गुरु-शिष्य परंपरा का यह अनूठा संबंध समाज को सही दिशा देने का काम कर रहा है। ललित कुंज आश्रम हमेशा से इस महान परंपरा का संवाहक रहा है, जहां शिष्य अपने अहम को त्यागकर गुरु चरणों में सर्वस्व समर्पित करते हैं।
Follow Samachar24