Loading...

समाजवादी छात्र सभा ने विश्वविद्यालय में फीस बढ़ोतरी को लेकर किया प्रदर्शन

Gargachary Times 30 July 2026, 20:22 37 views
Lucknow
समाजवादी छात्र सभा ने विश्वविद्यालय में फीस बढ़ोतरी को लेकर किया प्रदर्शन
लखनऊ: समाजवादी छात्र सभा के नेतृत्व में हजारों की संख्या में छात्रों-नौजवानों ने विश्वविद्यालयों में फीस बढ़ोतरी को वापस लेने, छात्र संघ चुनाव बहाल करने, बाबा साहब डॉ भीमराव अम्बेडकर विश्वविद्यालय लखनऊ के 30 दलित छात्रों के निष्कासन को वापस लेने, उन पर लगाए गए भारी आर्थिक जुर्माने को समाप्त करने, रामपुर के मोहम्मद अली जौहर विश्वविद्यालय के भवनों के ध्वस्तीकरण आदेष को वापस लेने और पेपर लीक के विरोध में राजधानी लखनऊ के 1090 चौराहे पर धरना देकर जोरदार प्रदर्शन किया। प्रदर्शन का नेतृत्व समाजवादी छात्र सभा के प्रदेश अध्यक्ष श्री विनीत कुशवाहा ने किया। प्रदर्शन में समाजवादी छात्र सभा के प्रदेश पदाधिकारी बड़ी संख्या में शामिल हुए। लखनऊ उत्तर विधानसभा से प्रत्याशी रहीं सुश्री पूजा शुक्ला की सक्रिय भागीदारी रही। गुरुवार दोपहर में 1090 चौराहे पर एकत्र हुए छात्र-नौजवान अपनी मांगों का ज्ञापन महामहिम राज्यपाल को देने के लिए राजभवन कूच करने की तैयारी कर रहे थे। लेकिन पुलिस ने बैरिकेडिंग लगाकर उन्हें रोकने का प्रयास किया। पुलिस ने छात्रों के साथ धक्का मुक्की की। पुलिस ने सभी छात्र और नौजवानों को जोर जबरदस्ती से गिरफ्तार करके इकोगार्डेन भेज दिया। इस अवसर पर विनीत कुशवाहा ने कहा कि उत्तर प्रदेश में जब से भारतीय जनता पार्टी की सरकार बनी हैं तबसे उत्तर प्रदेश के सभी विश्वविद्यालयों में लगातार बढ़ाई जा रही फीस के कारण गरीब किसान, मजदूर, पिछड़े, दलित, अल्पसंख्यक एवं मध्यमवर्गीय परिवारों के विद्यार्थियों के लिए उच्च शिक्षा प्राप्त करना दिन-प्रतिदिन कठिन होता जा रहा हैं, शिक्षा किसी भी लोकतान्त्रिक समाज की आधारशिला हैं। इसलिए इसे आर्थिक बोझ नहीं बनाया जाना चाहिए। लेकिन भाजपा चाहती हैं कि उत्तर प्रदेश का नौजवान अशिक्षित और अनपढ़ हो, जो बेहद दुर्भाग्यपूर्ण एवं चिन्ताजनक हैं। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश के विश्वविद्यालयों एवं महाविद्यालयों में छात्र संघ चुनाव वर्षों से नहीं होने से विश्वविद्यालयों में लोकतान्त्रिक परम्परा कमजोर हो रही हैं। छात्र संघ विद्यार्थियों की समस्याओं को उठाने, नेतृत्व विकसित पैदा करने तथा लोकतान्त्रिक मूल्यों को मजबूत करने का महत्वपूर्ण माध्यम हैं, इसलिए छात्र संघ चुनाव की शीघ्र बहाली अति आवश्यक हैं। उन्होंने कहा कि बाबा साहब भीमराव अम्बेडकर विश्वविद्यालय लखनऊ के छात्रों के निष्कासन ने पूरे प्रदेश के छात्र समुदाय में असुरक्षा व असंतोष का वातावरण पैदा कर दिया हैं। निष्कासन जैसी कठोर दंडात्मक कार्यवाही के बजाय संवाद, निष्पक्ष जांच और न्यायपूर्ण प्रक्रिया को प्राथमिकता दी जानी चाहिए। इसलिए निष्कासित छात्रों की सम्मानजनक बहाली की जाय तथा प्रदेश के सभी विश्वविद्यालयों में छात्रों के निष्कासन प्रक्रिया पर तत्काल रोक लगाई जाए। मौलाना मोहम्मद अली जौहर विश्वविद्यालय के 38 भवनों के ध्वस्तीकरण की कार्यवाही से हजारों विद्यार्थियों, शिक्षकों, अभिभावकों तथा कर्मचारियों में गहरी चिंता व्याप्त हैं। किसी शैक्षणिक संस्थान से संबंधित कार्यवाही में छात्रों के शैक्षणिक हित सर्वोपरि होना चाहिए। छात्रों एवं अभिभावकों का कहना हैं कि 38 भवनों का नक्शा पास नहीं हैं तो सरकार नक्शा पास कराकर छात्रों के भविष्य को बचा सकती हैं। अतः जौहर विश्वविद्यालय के 38 भवनों के ध्वस्तीकरण अथवा उससे संबन्धित किसी भी कार्यवाही पर पूर्णरूप से रोक लगाई जाए। प्रदर्शन में डॉ. संतोश वर्मा, सिराज हुसैन, रितेश पटेल, अवनीश यादव, विक्रम परिहार, सैय्यद फरान अली, अरविंद यादव, पीयूष बाल्मीकि, अमर यादव, परवेज आलम, राहुल वर्मा, अभिषेक श्रीवास्तव, स्वदेश यादव अजीत यादव, अवनीश, अखिलेश भारती, रामानंद कुशवाहा, कुणाल मौर्य, अभिषेक कुशवाहा, प्रिंस कुमार, नवनीत यादव, शिवाजी यादव, मनोज पासवान, राकेश श्रीवास्तव दीपू, लक्ष्मी नाथ कश्यप, अमर यादव, धीरज श्रीवास्तव, ब्रजेश सिंह बैचलर, राज साहनी, कांची यादव, इंजी. अभिषेक यादव, रामप्रकाश मौर्य, दीपक यादव, माधुर्य सिंह मधुर, प्रवेश यादव, प्रदीप यादव, सुनिधि यादव, ममता शर्मा, शोभित वर्मा, शुभम यादव समेत बड़ी संख्या में छात्र शामिल हुए।
Follow Samachar24