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निर्माणाधीन संग्रहालय का स्थलीय निरीक्षण जिलाधिकारी डॉ. इंद्रमणि त्रिपाठी

Gargachary Times 31 July 2026, 20:14 36 views
Mainpuri
निर्माणाधीन संग्रहालय का स्थलीय निरीक्षण जिलाधिकारी डॉ. इंद्रमणि त्रिपाठी
मैनपुरी - जिलाधिकारी डॉ. इंद्रमणि त्रिपाठी ने रु. 24.61 करोड़ की लागत से निर्माणाधीन बहुद्देशीय हॉल, प्रेक्षागृह एवं सांस्कृतिक केंद्र, रु. 38 करोड़ की लागत से निर्माणाधीन संग्रहालय का स्थलीय निरीक्षण कर निर्माण कार्यों की प्रगति, गुणवत्ता एवं व्यवस्थाओं का जायजा लेते हुए कार्यदायी संस्था सी.एन.डी.एस. के सहायक परियोजना प्रबंधक को निर्देश दिए कि निर्माण कार्यों में गुणवत्ता, निर्धारित मानकों का पूर्ण रूप से पालन सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि जनपद की यह महत्वाकांक्षी परियोजना भविष्य में सांस्कृतिक, साहित्यिक एवं सामाजिक गतिविधियों का प्रमुख केंद्र बनेगी इसलिए प्रत्येक कार्य उच्च गुणवत्ता के साथ समयबद्ध ढंग से पूर्ण कराया जाए। निरीक्षण के दौरान उन्होंने भवन के मुख्य प्रवेश द्वार, निकास मार्ग, मंच, पोडियम तथा वी.आई.पी. मूवमेंट की व्यवस्था, कार्यक्रमों के दौरान आगंतुकों एवं विशिष्ट अतिथियों की व्यवस्थाओं की जानकारी लेते हुए कहा कि प्रवेश एवं निकास मार्ग इस प्रकार विकसित किए जाए कि किसी भी आयोजन के दौरान आवागमन सुचारु बना रहे, मंच तक पहुंचने वाले मार्ग, पोडियम की स्थिति तथा दर्शकों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए आवश्यक तकनीकी सुधार किया जाये। श्री त्रिपाठी ने भवन में प्रस्तावित वी.आई.पी. ग्रीन रूम का निरीक्षण करते हुए कहा कि विशिष्ट अतिथियों, कलाकारों के लिए पर्याप्त एवं सुविधायुक्त ग्रीन रूम विकसित किए जाएं, दोनों ओर पृथक-पृथक ग्रीन रूम, आधुनिक शौचालय, आवश्यक सुविधाओं की व्यवस्था रहे। उन्होंने प्रशासनिक कार्यालय, आंतरिक संपर्क मार्ग, कार्यालय कक्ष, स्टोर तथा भवन के विभिन्न हिस्सों का भी निरीक्षण करने पर पाया कि भवन में प्रशासनिक उपयोग के लिए अलग कार्यालय एवं स्टोर कक्ष विकसित किए जा रहे हैं जिस पर उन्होंने निर्देश दिए कि भवन के विभिन्न भागों के बीच सुगम आवागमन एवं बेहतर आंतरिक कनेक्टिविटी सुनिश्चित की जाए, जिससे संचालन व्यवस्था प्रभावी बनी रहे। उन्होंने डॉरमेट्री ब्लॉक का भी अवलोकन कर कमरों की स्थिति, उपयोगिता, आगंतुकों एवं प्रतिभागियों के ठहरने की व्यवस्था की जानकारी करते हुए कहा कि डॉरमेट्री से प्रशासनिक कार्यालयों से पृथक रखा जाए, अलग प्रवेश, निकास मार्ग रहें, सुरक्षा, व्यवस्थागत दृष्टि से डॉरमेट्री का संचालन स्वतंत्र रूप से हो, आवश्यकतानुसार अलग दरवाजे की व्यवस्था रहे, सभी कमरों में सुरक्षा की दृष्टि से ग्रिल, जाली लगायी जाये, सभी कमरों में पर्याप्त प्राकृतिक प्रकाश, वेंटिलेशन तथा सुरक्षा मानकों का विशेष ध्यान रखा जाए, भविष्य की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए सभी आधार-भूत सुविधाएं विकसित की जाएं।। उन्होेंने सांस्कृतिक केंद्र परिसर के बाहरी क्षेत्र, लॉन, हरित क्षेत्र एवं खुले प्रांगण के विकास संबंधी कार्यों के निरीक्षण के दौरान कहा कि परिसर में आकर्षक लैंडस्केपिंग, हरियाली, बैठने की समुचित व्यवस्था, सौंदर्यीकरण कराया जाये, खुले परिसर का उपयोग सांस्कृतिक आयोजनों, सामाजिक कार्यक्रमों एवं अन्य सार्वजनिक गतिविधियों के लिए भी किया जाए। उन्होंने कहा कि परिसर में पर्याप्त पार्किंग विकसित की जाए, विद्युत आपूर्ति की निर्बाध व्यवस्था, जनरेटर की स्थापना समय से कराई जाए, निरीक्षण के दौरान मौके पर उपस्थित कार्यदायी के अभियंता ने बताया कि विभिन्न प्रदर्शनियों, कला प्रदर्शनों, हस्तशिल्प मेलों एवं सांस्कृतिक आयोजनों हेतु प्रदर्शनी हॉल पूर्णतः वातानुकूलित होगा, परिसर में स्थायी दुकानों की भी व्यवस्था रहेगी, खुले कॉरिडोर, ओपन थिएटर में भी सांस्कृतिक कार्यक्रमों एवं प्रस्तुतियों का आयोजन होगा, जिस पर उन्होंने कहा कि बैठने की व्यवस्था, पाथ-वे, हरित क्षेत्र एवं जल निकासी की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित की जाए, परिसर में प्राकृतिक सौंदर्य बढ़ाने के लिए गुणवत्तापूर्ण पत्थर, हरित पट्टियां एवं आकर्षक लैंडस्केपिंग विकसित की जाए। निरीक्षण के दौरान मुख्य विकास अधिकारी नेहा बंधु, जिला अर्थ एवं संख्याधिकारी अरूण कुमार शुक्ला, अधिशाषी अभियंता लोक निर्माण ए.के. अरूण, अवर अभियंता मुकेश कुमार सिंह, सहायक अभियंता प्रशांत सिंह, कार्यदायी संस्था के अभियंता आदि उपस्थित रहे
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