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02 अगस्त से शुरू होगी यूपी पर्यटन की ‘द राइडिंग चैप्टर्स’ बाइक राइड, कालिंजर किले को मिलेगा नया पर्यटन आयाम

Gargachary Times 1 August 2026, 19:24 36 views
Lucknow
02 अगस्त से शुरू होगी यूपी पर्यटन की ‘द राइडिंग चैप्टर्स’ बाइक राइड, कालिंजर किले को मिलेगा नया पर्यटन आयाम
उत्तर प्रदेश के ऐतिहासिक किलों, प्राकृतिक स्थलों और सांस्कृतिक विरासत को नई पहचान दिलाने के लिए पर्यटन विभाग एक अनूठी पहल करने जा रहा है। विभाग की ओर से 'द राइडिंग चैप्टर्स : विजिट माय स्टेट' बाइक राइड का शुभारंभ रविवार (02 अगस्त) को होगा। पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह सुबह 08:00 बजे लखनऊ के 1090 चौराहे से 65 बाइक राइडर्स के दल को हरी झंडी दिखाकर रवाना करेंगे। दो दिवसीय इस अभियान का उद्देश्य उत्तर प्रदेश के ऐतिहासिक, सांस्कृतिक एवं पर्यटन स्थलों के प्रति जन-जागरूकता बढ़ाना तथा राज्य में पर्यटन को प्रोत्साहित करना है। करीब 330 किलोमीटर लंबी इस पहली पर्यटन बाइक यात्रा का रूट लखनऊ, कानपुर, बिंदकी और बांदा होते हुए ऐतिहासिक कालिंजर किले तक निर्धारित किया गया है। यात्रा का समापन धर्मनगरी चित्रकूट में होगा। इस दौरान प्रतिभागी बांदा के गुलमोहर ईको स्पॉट पर रुकेंगे, जहां उन्हें बुंदेलखंड की ग्रामीण संस्कृति, पारंपरिक खानपान और ग्रामीण पर्यटन की अनूठी झलक देखने का अवसर मिलेगा।  'यूपी को नए नजरिए से जानने का प्रयास' पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने बताया कि 'मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व वाली उत्तर प्रदेश सरकार युवाओं को ध्यान में रखकर पर्यटन के नए और रोमांचक अनुभव विकसित कर रही है। इसका उद्देश्य अल्पज्ञात, मगर ऐतिहासिक और पर्यटन की दृष्टि से महत्वपूर्ण स्थलों को विशिष्ट पहचान दिलाना है। उन्होंने कहा कि 'द राइडिंग चैप्टर्स : विजिट माय स्टेट' महज एक बाइक राइड नहीं, अपितु उत्तर प्रदेश को नए नजरिए से जानने और देखने का अवसर है। इस पहल के जरिए बुंदेलखंड के 'छुपे रत्न' कालिंजर किला जैसे ऐतिहासिक स्थलों को नई पीढ़ी तक पहुंचाया जाएगा। साथ ही बुंदेलखंड की समृद्ध विरासत और पर्यटन क्षमता को उभारा जाएगा।' वैभवशाली इतिहास समेटे कालिंजर किला  बुंदेलखंड के बांदा जनपद की ऊंची पहाड़ियों पर स्थित कालिंजर किला प्रदेश की ऐतिहासिक विरासत का अनमोल प्रतीक है। भगवान नीलकंठ महादेव से जुड़ी आस्था, चंदेल वंश के गौरवशाली इतिहास और सदियों पुराने सैन्य वैभव का साक्षी यह दुर्ग देश के सबसे प्राचीन जीवंत किलों में गिना जाता है। यहां के प्राचीन मंदिर, अद्भुत शैल-शिल्प, जल संरचनाओं और आसपास का मनमोहक प्राकृतिक सौंदर्य पर्यटकों को विशेष रूप से आकर्षित करता है। उत्तर प्रदेश पर्यटन विभाग कालिंजर किले को प्रदेश के प्रमुख विरासत पर्यटन स्थलों के रूप में विकसित करने तथा राष्ट्रीय पर्यटन मानचित्र पर अलग पहचान दिलाने के लिए प्रयासरत है। अनुभव आधारित पर्यटन को उड़ान देगा 'द राइडिंग चैप्टर्स' उत्तर प्रदेश पर्यटन, संस्कृति एवं धर्मार्थ कार्य विभाग के अपर मुख्य सचिव अमृत अभिजात ने बताया कि 'द राइडिंग चैप्टर्स : विजिट माय स्टेट' अनुभव आधारित पर्यटन को बढ़ावा देने की महत्वपूर्ण पहल है। उन्होंने कहा कि इस अभियान के माध्यम से प्रदेश की समृद्ध विरासत , रोमांच और ग्रामीण पर्यटन को एक मंच पर लाने का प्रयास है। इसका उद्देश्य पर्यटकों को पारंपरिक पर्यटन सर्किट से आगे बढ़कर नए और कम चर्चित पर्यटन स्थलों तक पहुंचने के लिए प्रेरित करना है। साथ ही, बुंदेलखंड की अपार संभावनाओं वाले पर्यटन स्थलों को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाना भी इस पहल का प्रमुख लक्ष्य है।' दूसरा संस्करण 22 अगस्त से  'द राइडिंग चैप्टर्स : विजिट माय स्टेट' का पहला संस्करण कालिंजर किले तक आयोजित किया जा रहा है। इसके बाद श्रृंखला का दूसरा संस्करण 22 और 23 अगस्त 2026 को होगा। यह बाइक राइड लखनऊ से सुल्तानपुर, जौनपुर, देवदरी जलप्रपात, राजदरी जलप्रपात और चुनार किले तक पहुंचेगी। दोनों पर्यटन मार्गों को इस तरह तैयार किया गया है कि प्रतिभागी उत्तर प्रदेश के ऐतिहासिक किलों, मनमोहक जलप्रपातों, ग्रामीण संस्कृति और समृद्ध विरासत का अनुभव कर सकें। 'विजिट माय स्टेट' अभियान के माध्यम से पर्यटन विभाग अनछुए और उभरते पर्यटन स्थलों को राष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान दिलाने का प्रयास कर रहा है।
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