झांसी मंडल में हेरिटेज, ईको टूरिज्म और मंदिर विकास पर सरकार का बड़ा फोकस
Gargachary Times
1 August 2026, 19:32
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Lucknow
बुंदेलखंड की ऐतिहासिक, धार्मिक और प्राकृतिक धरोहरों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय पर्यटन मानचित्र पर नई पहचान दिलाने के लिए पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने शनिवार को झांसी मंडल की पर्यटन, संस्कृति एवं धर्मार्थ कार्य विभाग की प्रस्तावित और निर्माणाधीन परियोजनाओं की समीक्षा की। इस बैठक में वर्ष 2026-27 की कार्ययोजना के तहत लगभग 15 करोड़ रुपये से अधिक की अनुमानित लागत वाली 13 नई पर्यटन परियोजनाओं पर विस्तार से चर्चा की गई।
पर्यटन विभाग की प्रस्तावित परियोजनाओं में झांसी की 8, जालौन की 3 और ललितपुर की 2 योजनाएं शामिल हैं। इन परियोजनाओं का उद्देश्य प्रमुख धार्मिक एवं ऐतिहासिक स्थलों का विकास, पर्यटक सुविधाओं का विस्तार और बुंदेलखंड की समृद्ध विरासत को पर्यटन से जोड़ना है।
पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने कहा कि पर्यटन परियोजनाओं का उद्देश्य केवल निर्माण कार्य कराना नहीं, बल्कि प्रत्येक स्थल की ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और धार्मिक पहचान को सुरक्षित रखते हुए पर्यटकों के अनुभव को बेहतर बनाना है। उन्होंने निर्देश दिए कि एक करोड़ रुपये तक की सभी निर्माणाधीन परियोजनाओं को नवंबर 2026 तक हर हाल में पूरा किया जाए। साथ ही सभी कार्यदायी संस्थाओं को यह भी निर्देश दिया कि जनप्रतिनिधियों के साथ बेहतर समन्वय स्थापित कर शुरू होने वाली परियोजनाओं का उनसे भूमि पूजन कराएं और पूरी हो चुकी परियोजनाओं का लोकार्पण भी कराएं।
झांसी जनपद में सर्वाधिक 8 पर्यटन परियोजनाओं की समीक्षा की गई। इनमें प्राचीन माता मंदिर, सिद्ध बाबा की टोरिया, बालूआ घाट हनुमान मंदिर, श्री चड़कन महाराज मंदिर, बरिया बाली माता मंदिर और श्री हीरामन महाराज मंदिर के सौंदर्यीकरण तथा पर्यटक सुविधाओं के विकास के प्रस्ताव शामिल हैं। बैठक का सबसे महत्वपूर्ण विषय 17वीं शताब्दी के राजा चंपतराय महल को सार्वजनिक-निजी भागीदारी (पीपीपी) मॉडल के तहत हेरिटेज पर्यटन इकाई के रूप में विकसित करने का प्रस्ताव रहा। इसके अलावा झांसी शहर स्थित मराठा कालीन रघुनाथ महल के संरक्षण, पुनरुद्धार और सौंदर्यीकरण की योजना की भी समीक्षा की गई, जिससे झांसी के हेरिटेज पर्यटन को नई मजबूती मिलेगी।
ललितपुर जनपद में श्री श्री 1008 श्री भुवनेश्वर धाम मंदिर और वनखंडी मंदिर के विकास के प्रस्तावों पर चर्चा हुई। वहीं जालौन में प्राचीन बड़ी माता मंदिर, ऋषि पराशर की तपोस्थली और करण देवी मंदिर के विकास तथा पर्यटक सुविधाओं के विस्तार की योजना प्रस्तुत की गई।
संस्कृति विभाग ने झांसी राजकीय संग्रहालय के आधुनिकीकरण और जालौन में शहीद श्याम सिंह सेंगर स्मारक स्थल के निर्माण की प्रगति की समीक्षा प्रस्तुत की। इसके साथ ही हाथीखाना, रानी महल, महाकालेश्वर मंदिर, लक्ष्मी मंदिर, ललितपुर का गुफा मंदिर, बबीना की खैलार बावली तथा गरौठा स्थित चंदेलकालीन बावली के संरक्षण एवं विकास से जुड़े नए प्रस्ताव भी प्रस्तुत किए गए। इसके अलावा झांसी के चिरगांव में राष्ट्रकवि मैथिलीशरण गुप्त संग्रहालय के निर्माण प्रस्ताव पर भी चर्चा हुई। इन परियोजनाओं का उद्देश्य ऐतिहासिक धरोहरों को संरक्षित करते हुए उन्हें पर्यटन से जोड़ना है।
धर्मार्थ कार्य विभाग ने बंजारो मंदिर, राम जानकी मंदिर और शिव मंदिर के अनुरक्षण एवं विकास से जुड़े प्रस्ताव बैठक में प्रस्तुत किए। इन योजनाओं का उद्देश्य धार्मिक स्थलों का संरक्षण करने के साथ श्रद्धालुओं के लिए आवश्यक सुविधाओं का विस्तार करना है, जिससे धार्मिक पर्यटन को भी नई गति मिल सके।
बैठक में वर्ष 2022-23 से 2025-26 के बीच स्वीकृत पर्यटन एवं संस्कृति विभाग की परियोजनाओं की प्रगति की भी समीक्षा की गई। पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने अधिकारियों को नियमित स्थलीय निरीक्षण करने, परियोजनाओं की लगातार निगरानी रखने और सभी कार्यों को निर्धारित समय सीमा के भीतर उच्च गुणवत्ता के साथ पूरा करने के निर्देश दिए।