श्री रंगनाथ मंदिर में 50 साल बाद सजा श्री पौंडा नाथ जी का भव्य फूल बंगला
Gargachary Times
1 August 2026, 19:33
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Mathura
दक्षिण भारतीय शैली के प्रसिद्ध श्री रंगनाथ मंदिर में शनिवार की शाम एक ऐतिहासिक और दुर्लभ क्षण का साक्षी बनने के लिए श्रद्धालुओं का तांता लग गया। मंदिर परिसर में स्थित श्री पौंडा नाथ जी का फूल बंगला उत्सव लगभग 50 वर्षों के लंबे अंतराल के बाद आयोजित किया गया। शाम को जैसे ही मंदिर के पट खुले, आकर्षक फूलों से सजे बंगले में विराजमान भगवान के दर्शन के लिए भक्त उमड़ पड़े और पूरा परिसर प्रभु श्री रंगनाथ के जयकारों से गूंज उठा।
उत्सव के दौरान भगवान विष्णु यानी श्री पौंडा नाथ जी अपने संपूर्ण परिकर के साथ सुशोभित हुए। उनके साथ श्री महालक्ष्मी जी, श्री देवी जी और श्री भू देवी जी विराजमान थीं। इसके अलावा उनके बाएं हाथ की ओर श्री रामानुज स्वामी जी व श्री वरवर मुनि स्वामी जी तथा दाएं हाथ की ओर भक्तांद्रि रेणु आचार्य और कुलशेखर अल्वार की मूर्तियां भी सुसज्जित थीं। शाम छह बजे मंदिर के पट खुलते ही मुख्य पुजारी रंगा स्वामी ने आरती संपन्न की, जिसे देखकर भक्त भक्ति रस में सराबोर हो गए।
इस आयोजन में फूल बंगला को विशेष रूप से एक मनमोहक कुंज का स्वरूप दिया गया था। इसे सजाने के लिए गुलाब, कनेर, रायवेल और गैंदा के ताजे फूलों का उपयोग किया गया था। इसकी भव्यता को और बढ़ाने के लिए दोनों तरफ कृत्रिम यमुना स्वरूप सरोवर और कृत्रिम गिर्राज धरण की रचना की गई थी, जिन पर बैठी जीव-जंतुओं की कलात्मक आकृतियां इस कुंज को जीवंत रूप प्रदान कर रही थीं। दर्शन के उपरांत उपस्थित सभी श्रद्धालुओं को मोहन भोग का प्रसाद वितरित किया गया।
आपको बता दें कि श्री रंगनाथ मंदिर परिसर स्थित श्री पौंडा नाथ जी के इस मंदिर को भगवान का बैकुंठ लोक कहा जाता है। यहां भगवान उसी स्वरूप में विराजमान हैं जैसे वे दक्षिण भारत के श्री रंगम में अपने भक्तों को दर्शन देते हैं। विशेष रूप से बैकुंठ उत्सव के दौरान बनाए जाने वाले बैकुंठ लोक से निकलकर भगवान यहीं पर विराजमान होते हैं, जिसके चलते इस ऐतिहासिक आयोजन का धार्मिक और आध्यात्मिक महत्व और अधिक बढ़ गया है।