Loading...

चेहल्लुम के मौके पर मजलिस के बाद जुलूस निकाला गया, मातम कर करबला के शहीदों को याद किया

Gargachary Times 3 August 2026, 20:44 37 views
Agra
चेहल्लुम के मौके पर मजलिस के बाद जुलूस निकाला गया, मातम कर करबला के शहीदों को याद किया
आगरा। हजरात मोमनीन हर साल की तरह इस साल भी गुरुवार को मजलिस-ए-चेहल्लुम इमामबाड़ा मिर्जा बाबर अली माल का बाजार में आयोजित किया गया। मजलिस के बाद जुलूस निकाला, जिसमें लोगों ने मातम कर करबला के शहीदों को याद किया। खून से रंगी हुई करबला, आज भी है करबोबला… बोलते हुए अंजुमनों ने नौहाखानी की। चेहल्लुम के मौके पर इमामबाड़ा मिर्जा बाबर अली माल का बाजार में मजलिस आयोजित की गई। सैयद अली रजा रिजवी ने खिताब फरमाते हुए कहा कि इमाम हुसैन के परिवार को भूखा प्यास रखा गया और छोटे छोटे बच्चों पर अत्याचार किए गए। इमाम हुसैन की चार साल की बच्ची जनाबे सकीना तक पर जुल्म किए गए। उन्हें पानी तक पीने को नहीं दिया। चार साल की बच्ची सकीना ने दम तोड़ दिया। मजलिस के बाद एक जुलूस बरामद किया गया। जुलूस मिर्जा बाबर के इमामबाड़े से शुरू होकर मरहूम ए.यू.एच चिश्ती के इमामबाड़े कटरा काछियान से होता हुआ मस्जिद आगा साहब पर पहुंच कर खत्म हुआ। जुलूस में शहर की अंजुमनों ने नौहाख्वानी कर करबला के शहीदों को याद किया। अंजुमनों में अंजुमने पंजतेनी शाहगंज, अंजुमने अतफाले गुलामाने हुसैनी, न्यू आगरा अंजुमने हुसैनी, नाई की मंडी ने गुदड़ी मंसूर खां के चौराहे पर ब्लेड व जंजीर कमां का मातम किया। इस दौरान बड़ी संख्या में पुलिस प्रशासन मुस्तेद रहा।इस मौके पर नजमी जाफरी, एहतराम जाफरी, आफताब जाफरी, अफरोज अब्बास, इंसाफ अली चिश्ती, इम्तियाज हुसैन, प्रिंस चिश्ती, आगाज हैदर, आसिफ चिश्ती, औसाफ चिश्ती, यामीन हुसैन आदि मौजूद रहे।
Follow Samachar24