पालीवाल हॉल में हुआ विशाल पंच सम्मेलन, ‘विकसित भारत-जी राम जी अधिनियम’ के प्रावधानों पर हुआ मंथन
Gargachary Times
13 August 2026, 19:50
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Firozabad
फिरोजाबाद। नगर के पालीवाल हॉल में जिला प्रशासन के तत्वावधान में जनपद के समस्त ग्राम प्रधानों, ग्राम पंचायत सचिवों एवं खंड विकास अधिकारियों की सहभागिता में विशाल ‘पंच सम्मेलन’ आयोजित किया गया। सम्मेलन का मुख्य उद्देश्य केंद्र सरकार द्वारा लागू किए गए ‘विकसित भारत गारंटी फॉर रोजगार एंड आजीविका मिशन (ग्रामीण)-VB-G RAM G अधिनियम, 2025’ के प्रमुख प्रावधानों से जनप्रतिनिधियों एवं प्रशासनिक अधिकारियों को अवगत कराना रहा।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि सदर विधायक मनीष असीजा ने कहा कि नया अधिनियम ग्रामीण भारत के कायाकल्प की दिशा में क्रांतिकारी कदम है। केंद्र और प्रदेश सरकार गांवों को आत्मनिर्भर एवं सशक्त बनाने के लिए निरंतर प्रयास कर रही है। ग्राम प्रधान और पंचायत सचिव ग्रामीण विकास की रीढ़ हैं। योजना के पारदर्शी एवं प्रभावी क्रियान्वयन से गांवों का चौमुखी विकास सुनिश्चित होगा तथा रोजगार के साथ स्थायी परिसंपत्तियों का निर्माण भी होगा।
उन्होंने बताया कि अधिनियम के तहत अब प्रत्येक ग्रामीण परिवार को प्रतिवर्ष 100 दिन के स्थान पर 125 दिन के रोजगार की कानूनी गारंटी प्रदान की गई है। कृषि कार्यों के दौरान श्रमिकों की उपलब्धता प्रभावित न हो, इसके लिए मुख्य कृषि सीजन में 60 दिनों तक योजना के कार्य बंद रखने का विशेष प्रावधान भी किया गया है।
सम्मेलन में बताया गया कि योजना के तहत कुल 318 टिकाऊ एवं उत्पादक कार्यों को चार प्रमुख श्रेणियों में विभाजित किया गया है। इनमें जल सुरक्षा के 107, कोर ग्रामीण अवसंरचना के 90, आजीविका संबंधी अवसंरचना के 86 तथा आपदा प्रबंधन से जुड़े 35 कार्य शामिल हैं।
ग्राम सभा स्तर पर स्थानीय आवश्यकताओं और उपलब्ध संसाधनों के आधार पर एकीकृत विकास योजना तैयार की जाएगी। इसका उद्देश्य पंचायतों को आर्थिक और सामाजिक रूप से सशक्त बनाते हुए ग्रामीण क्षेत्रों में स्थायी विकास को गति देना है।जिलाधिकारी संतोष कुमार शर्मा ने कहा कि अधिनियम के प्रावधानों से सभी संबंधित अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों को विस्तृत रूप से अवगत कराने तथा उन्हें जागरूक करने के उद्देश्य से पंच सम्मेलन का आयोजन किया गया है। उन्होंने कहा कि अधिनियम के तहत विकास कार्यों को चार वृहद क्षेत्रों और 38 उप-क्षेत्रों में विभाजित किया गया है। सम्मेलन में इन क्षेत्रों के अंतर्गत आने वाले कार्यों एवं उनके क्रियान्वयन को लेकर विस्तार से चर्चा की गई।सम्मेलन में जनपद की सभी 564 ग्राम पंचायतों के प्रशासकों एवं प्रतिनिधियों, विकासखंड स्तर के अधिकारियों, जिला पंचायत प्रतिनिधियों तथा जनपद के जनप्रतिनिधियों ने सहभागिता की।
इस दौरान जल संरक्षण, आपदा प्रबंधन, पर्यावरण संरक्षण तथा ग्रामीण आजीविका को मजबूत करने जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विशेष जोर दिया गया। अधिकारियों एवं जनप्रतिनिधियों ने योजना के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए ठोस रणनीति पर विचार-विमर्श किया।
जिलाधिकारी ने विश्वास जताया कि सम्मेलन के माध्यम से प्राप्त जानकारी के बाद जनपद की सभी ग्राम पंचायतों में विकास कार्यों को और गति मिलेगी तथा अधिनियम की मंशा के अनुरूप ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के साथ टिकाऊ परिसंपत्तियों का निर्माण और स्थानीय आजीविका को बढ़ावा मिलेगा।