जनता की समस्याओं का समाधान सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता: केशव प्रसाद मौर्य
Gargachary Times
17 August 2026, 20:34
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Lucknow
लखनऊ: उत्तर प्रदेश के उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने सोमवार को अपने कैंप कार्यालय, 7-कालिदास मार्ग, लखनऊ में आयोजित जनता दर्शन कार्यक्रम में प्रदेश के विभिन्न जनपदों से आए नागरिकों से भेंट कर उनकी समस्याएं सुनीं। उन्होंने प्रत्येक फरियादी से आत्मीय संवाद करते हुए उनकी समस्याओं एवं प्रकरणों की विस्तृत जानकारी प्राप्त की और संबंधित अधिकारियों को समयबद्ध, निष्पक्ष एवं संतुष्टिपरक समाधान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
जनता दर्शन कार्यक्रम में प्रदेश के विभिन्न जनपदों से बड़ी संख्या में नागरिक अपनी समस्याएं लेकर पहुंचे। उप मुख्यमंत्री स्वयं लोगों के बीच पहुंचे और एक-एक फरियादी की बात गंभीरता एवं संवेदनशीलता के साथ सुनी।
इस अवसर पर भूमि एवं राजस्व विवाद, अवैध कब्जे, चिकित्सा सहायता, पेंशन, आवास, सड़क, विद्युत, पेयजल, पुलिस प्रशासन, शिक्षा, रोजगार सहित विभिन्न विषयों से संबंधित प्रकरण उप मुख्यमंत्री के समक्ष प्रस्तुत किए गए। केशव मौर्य ने सभी मामलों का संज्ञान लेते हुए संबंधित विभागों के अधिकारियों को प्राथमिकता के आधार पर प्रभावी कार्रवाई करने के निर्देश दिए।
उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि जनता दर्शन सरकार और जनता के बीच विश्वास एवं संवाद का मजबूत माध्यम है। जनता की समस्याओं को सुनना, उनका समाधान करना और पात्र लोगों तक सरकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाना सरकार की प्राथमिकता है।
उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार का संकल्प है कि कोई भी पात्र व्यक्ति जनकल्याणकारी योजनाओं के लाभ से वंचित न रहे और किसी भी पीड़ित नागरिक को न्याय प्राप्त करने के लिए अनावश्यक कठिनाइयों का सामना न करना पड़े।
केशव मौर्य ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि प्रत्येक शिकायत का निस्तारण केवल औपचारिकता के रूप में नहीं, बल्कि शिकायतकर्ता की संतुष्टि के अनुरूप किया जाए। उन्होंने कहा कि जनसमस्याओं के समाधान में लापरवाही, उदासीनता अथवा अनावश्यक विलंब किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जाएगा। लापरवाही करने वाले अधिकारियों एवं कर्मचारियों की जवाबदेही तय की जाएगी।
उन्होंने विशेष रूप से महिलाओं, दिव्यांगजनों, वरिष्ठ नागरिकों एवं जरूरतमंद वर्गों की समस्याओं को प्राथमिकता के आधार पर निस्तारित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि संवेदनशील, पारदर्शी और जवाबदेह प्रशासन ही सुशासन की पहचान है।
भूमि विवाद एवं अवैध कब्जों से जुड़े मामलों पर गंभीर रुख अपनाते हुए उप मुख्यमंत्री ने संबंधित जिलाधिकारियों एवं पुलिस अधिकारियों को राजस्व और पुलिस विभाग की संयुक्त टीम के माध्यम से मौके पर जांच कराकर निष्पक्ष कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि गरीबों, कमजोर वर्गों का उत्पीड़न करने, अवैध कब्जा करने एवं दबंगई दिखाने वालों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाए।
उप मुख्यमंत्री ने कहा कि “जनता का विश्वास ही हमारी सबसे बड़ी पूंजी है। प्रत्येक व्यक्ति की समस्या का समाधान कर उसे न्याय दिलाना सरकार की प्रतिबद्धता है। जन समस्याओं का निस्तारण भी होगा और पात्र लोगों को सरकारी योजनाओं का लाभ भी मिलेगा।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि शासन की मंशा के अनुरूप जनसेवा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए पूरी संवेदनशीलता और तत्परता के साथ कार्य करें।