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कृषि निर्यात को बढ़ावा देने पर मंथन, आलू व शिमला मिर्च के निर्यात की संभावनाएं तलाशीं

Gargachary Times 20 August 2026, 21:00 33 views
Firozabad
कृषि निर्यात को बढ़ावा देने पर मंथन, आलू व शिमला मिर्च के निर्यात की संभावनाएं तलाशीं
विकास भवन सभागार में गुरुवार को कृषि एवं प्रसंस्कृत खाद्य उत्पाद निर्यात विकास प्राधिकरण (APEDA), वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय, भारत सरकार तथा उद्यान विभाग फिरोजाबाद के संयुक्त तत्वावधान में कृषि निर्यात संवेदीकरण एवं क्षमता विकास कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला का उद्देश्य जनपद से आलू समेत अन्य औद्यानिक उत्पादों के निर्यात को बढ़ावा देना तथा किसानों, एफपीओ और अन्य हितधारकों को अंतरराष्ट्रीय गुणवत्ता मानकों एवं निर्यात प्रक्रिया की जानकारी देना रहा।कार्यशाला में एपीडा वाराणसी के बीडीएम मुकेश कुमार ने कृषि निर्यात की संभावनाओं, अंतरराष्ट्रीय बाजार की मांग, IEC, RCMC, HORTINET पर पंजीकरण, फाइटोसैनिटरी प्रमाण-पत्र तथा निर्यात प्रक्रिया की विस्तार से जानकारी दी। परियोजना निदेशक सुभाष चंद्र त्रिपाठी एवं अर्थ एवं संख्याधिकारी एमपी सिंह ने किसानों और एफपीओ को निर्यात से जोड़कर उनकी आय बढ़ाने पर जोर दिया। जिला उद्यान अधिकारी सीपी अवस्थी ने शीतगृहों में आलू भंडारण प्रभार शुल्क में 100 रुपये प्रति कुंतल की छूट तथा विभागीय योजनाओं में मिलने वाले अनुदान की जानकारी दी। उन्होंने नारखी विकासखंड में क्लस्टर के रूप में उत्पादित हो रही शिमला मिर्च के निर्यात की संभावनाओं पर भी प्रकाश डाला। कृषि विज्ञान केंद्र हजरतपुर के वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. ओमकार सिंह यादव एवं डॉ. पृथ्वी पाल ने आलू की वैज्ञानिक खेती, संतुलित उर्वरक के प्रयोग से गुणवत्तापूर्ण उत्पादन, कीट प्रबंधन तथा फसल अवशेष कम करने की तकनीकों के बारे में किसानों को जानकारी दी।कोल्डस्टोरेज एसोसिएशन के चेयरमैन अरुण चंदेल ने किसानों एवं एफपीओ को शीतगृह प्रभार शुल्क में मिलने वाले अनुदान का ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से लाभ लेने की प्रक्रिया समझाई। उन्होंने सरकार द्वारा जनपद के किसानों को शीतगृहों में आलू भंडारण प्रभार में एक रुपये प्रति किलोग्राम की छूट दिए जाने पर आभार जताया। प्रगतिशील किसान राजेश प्रताप सिंह एवं शेर सिंह यादव ने जैविक औद्यानिक फसलों, जैसे आलू, मसाला मिर्च और शिमला मिर्च को तैयार कर आगामी वर्षों में एपीडा के माध्यम से निर्यात करने में रुचि दिखाई।ज्येष्ठ कृषि विपणन निरीक्षक उमेश कुमार ने औद्यानिक फसलों के निर्यात के लिए क्लस्टर विकास, ग्रेडिंग-सॉर्टिंग तथा विभागीय अनुदान योजनाओं की जानकारी दी। मंडी सचिव प्रदीप कुमार (टूंडला), विमल यादव (सिरसागंज), सर्वेश कुमार एवं अभिषेक कुमार (शिकोहाबाद) समेत कोल्डस्टोरेज प्रतिनिधियों ने कार्यशाला में सहभागिता करते हुए कोल्ड चेन, भंडारण एवं लॉजिस्टिक्स को मजबूत करने के संबंध में सुझाव दिए। कार्यशाला में किसानों, एफपीओ, कृषि एवं उद्यान विभाग के अधिकारियों तथा कोल्डस्टोरेज प्रतिनिधियों ने भाग लिया। अधिकारियों ने किसानों को स्थानीय कृषि उत्पादों की गुणवत्ता बढ़ाकर उन्हें अंतरराष्ट्रीय बाजार से जोड़ने की दिशा में आगे बढ़ने का आह्वान किया।
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