बहिनों ने भाइयों की कलाई में राखी बाँधकर मांगी लंबी उम्र की दुआ
Gargachary Times
28 August 2026, 20:53
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Jalaun
कोंच(जालौन)रक्षा बंधन/रक्षा सूत्र के सम्बंध में पुरातन काल में एक कहावत प्रचलित है कि युद्ध मे देवराज इंद्र की रक्षा के लिये उनकी बहिन इंद्राणी ने अपने तपोबल से एक रक्षा सूत्र तैयार किया और इंद्र की कलाई पर बांध दिया जिससे इंद्र की रक्षा हुई इसी को लेकर हर वर्ष श्रावण माह के सुअवसर पर सनातनी धर्म में रक्षाबंधन का त्यौहार बड़ी धूमधाम व भाई बहिन के अटूट प्रेम के बंधन रक्षा सूत्र बांधकर मनाया जाता है इस त्यौहार में बहनें अपने भाइयों की कलाई में राखी बाँधकर उनकी लंबी उम्र की दुआ करती है और भाई भी अपनी बहिनों से इस रक्षा सूत्र को बंधवा कर जीवन भर उनकी रक्षा करने का व हर दुख: सुख में साथ खड़े रहने का वचन देते उपहार भी भेंट करते है और इस त्यौहार मे कुछ साल पहले तक ग्रामीण क्षेत्रों मे पेडों की डाल पर पूरे महीने झूले डाल दिए जाते थे इंन झूलों पर दिन में छोटे छोटे बच्चो को और रात मे घर परिवार एवं मोहल्ले की महिलाएं एवं ल़डकियों को झूलते व मधुर सुंदर श्रवण गीतो को गायन करते हुए देखा जा सकता था इस रक्षाबंधन में सभी जिन ल़डकियों की सादी हो जाती थी उन ल़डकियों के लिए इस त्यौहार का बड़ा महत्व होता क्योंकि इस त्यौहार पर बहिने अपनी मां पिता भैया भाभी परिवार से जाकर मिलती हैं और यह रक्षाबंधन का एक मात्र ही ऐसा त्यौहार होता है जो भाई बहन के अटूट बंधन को पुनः ताजा कर ता है